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Saturday, 31 October 2015

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद बाराबंकी कॉउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

Friday, 30 October 2015

पटेल जयंती पर यूपी में सार्वजनिक अवकाश घोषित। ⏳पूरी ख़बर पढ़ें एवम् विज्ञप्ति देखें : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

पटेल जयंती पर यूपी में सार्वजनिक अवकाश घोषित
Fri, 30 Oct 2015 07:10 PM (IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को अब एक और अवकाश मिलेगा। आज विधिवत इसकी घोषणा कर दी गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल और आचार्य नरेन्द्र देव की जयन्ती के अवसर पर ३१ अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी पटेल को एकता की प्रतिमूर्त मानकर विविध आयोजन की तैयारी कर रही है। शनिवार को रन फार यूनिटी में पूरा प्रदेश शामिल हो रहा है। ऐसे में सपा सरकार द्वारा यह अवकाश घोषित किया जाना एक अलग महत्व रखता है।

बीटीसी 2013 द्वितीय सेमेस्टर का रिज़ल्ट घोषित। ⏳रिज़ल्ट देखने के लिए क्लिक करें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

बीटीसी 2013 द्वितीय सेमेस्टर रिज़ल्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करें --

http://www.examregulatoryauthorityup.in/result.aspx

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद गोरखपुर काउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद कानपुर देहात काउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

केंद्रीय पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) सितम्बर 2015 का परिणाम घोषित। ⏳रिज़ल्ट देखने के लिए क्लिक करें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

सीटीईटी सितम्बर 2015 का रिज़ल्ट देखने के लिए क्लिक करे-

http://cbseresults.nic.in/CTET-SEP/ctet15_sep.htm

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों में 3 नवम्बर से अर्धवार्षिक परीक्षा कराने के निर्देश जारी : परीक्षा कार्यक्रम डाउनलोड करें। ⏳प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद सुल्तानपुर में कॉउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद इलाहाबाद में काउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

रामगोविंद : भारी पड़ा शिक्षामित्रों पर फैसला। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

रामगोविंद : भारी पड़ा शिक्षामित्रों पर फैसला
पिछले फेरबदल में राम गोविंद से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग छीन गया था। हालांकि बेसिक शिक्षा मंत्री के रूप में उनका कामकाज आमतौर पर ठीक रहा, लेकिन सहायक अध्यापक बनाए शिक्षामित्रों की नियुक्ति रदद् होने से मामला उनके खिलाफ चला गया। हाईकोर्ट से सरकार के खिलाफ आदेश आने में विभाग की लचर पैरवी भी वजह बनी।

राज्य कर्मचारियों को बोनस जल्द। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

राज्य कर्मचारियों को बोनस जल्द
लखनऊ। अखिलेश सरकार राज्य कर्मचारियों को दिवाली तोहफे के रूप में बोनस का ऐलान जल्द करेगी। वित्त विभाग ने इससे संबंधित फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी है। इस पर जल्द मंजूरी मिलने के आसार हैं। बोनस केवल गैर राजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें हर कर्मचारी को एक महीने के मूल वेतन के बराबर की रकम मिलेगी। इस पर कुल 506 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा और लगभग 12 लाख कर्मचारियों व शिक्षकों को फायदा होगा।

मृतक आश्रितों की अमान्य श्रेणी में फंसे शिक्षकों की जाएगी नौकरी माता-पिता के सेवा में होने पर लिया है मृतक आश्रित का लाभ। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

मृतक आश्रितों की अमान्य श्रेणी में फंसे शिक्षकों की जाएगी नौकरी
माता-पिता के सेवा में होने पर लिया है मृतक आश्रित का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यह खबर उन बेसिक शिक्षकों के लिए बुरी है जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों के सेवा में होने और किसी एक के मृत होने पर आश्रित का लाभ लेते हुए नौकरी हासिल की है। ऐसे शिक्षकों का पता लगाने को बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने तीन खंड शिक्षाधिकारियों की कमेटी गठित की है। जो जल्द ही ऐसे शिक्षकों की जांच कर अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपेगी। बीएसए का साफ कहना है कि मृतक आश्रित की अमान्य श्रेणी का लाभ लेकर नौकरी कर रहे शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही उनसे रिकवरी की जाएगी।
राजकीय सेवा में यदि पति-पत्नी दोनों सर्विस करते हैं तो नियमानुसार किसी एक के सर्विस के दौरान मृत हो जाने पर उसका लाभ आश्रित के तौर पर उनके बच्चों को नहीं मिल सकता, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग में कई शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने माता-पिता में किसी एक के मृत हो जाने पर आश्रित का लाभ उठाते हुए नौकरी हासिल की है। ऐसे शिक्षकों को सेवा में कई साल हो चुके हैं। सूत्र बता रहे हैं कि कई लोगों ने ऐसे शिक्षकों की शिकायतें विभागीय अफसरों से की हैं। इसे बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने गंभीरता से लिया है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि बीएसए ने ऐसे शिक्षकों का पता लगाकर उनकी नियुक्ति किस तरह की गई उसकी पूरी जांच करने के लिए तीन खंड शिक्षाधिकारियों की कमेटी गठित की है। इसमें जगत ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा, सालारपुर के रमेश चंद्र जौहर और दातागंज के विजयवीर हैं। कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह उन शिक्षकों की बारीकी से जांच करें।
शिक्षकों का पता लगाने और जांच को बनी तीन बीईओ की कमेटी
बीएसए के पास पहुंची हैं कई शिकायतें
अमान्य श्रेणी का लाभ लेकर नौकरी कर रहे शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही उनसे रिकवरी की जाएग
इस तरह की कई शिकायतें उनके पास आई थीं। उन्होंने जांच को कमेटी गठित कर दी है। जो जल्द ही जांच कर रिपोर्ट उन्हें देगी। यदि किसी शिक्षक ने आश्रित होने का गलत तरीके से लाभ लेते हुए नौकरी प्राप्त की है तो उन्हें सेवा से हटाया जाएगा। साथ ही उनसे रिकवरी भी की जाएगी।
-आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए

बीटीसी 2015 के लिए आवेदन अप्रैल-16 में। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

2015 के लिए आवेदन अप्रैल-16 में
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के सरकारी एवं निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए बीटीसी-2015 सत्र के लिए आवेदन अप्रैल-2016 में आएगा। इससे पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से बीटीसी-2015 में प्रवेश के लिए आवेदन नवंबर-दिसंबर-2015 में जारी करने की घोषणा की थी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्रार नवल किशोर ने बताया कि बीटीसी-2014 में प्रवेश में हो रही देरी के कारण बीटीसी-2015 में देरी हो रही है।

पटेल व आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर कल सार्वजनिक अवकाश संभव। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

पटेल व आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर कल सार्वजनिक अवकाश संभव
लखनऊ। प्रदेश सरकार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और आचार्य नरेंद्रदेव की जयंती पर 31 अक्तूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की तैयारी कर रही है। सीएम के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने सामान्य प्रशासन विभाग से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है। माना जा रहा है कि सियासी नजरिए से ये छुट्टियां घोषित की जा रही हैं। पहले भी कई महापुरुषों के नाम पर छुट्टियां घोषित और खत्म भी की गई हैं।

15000 शिक्षक भर्ती : गृह जनपद कासगंज के आवेदकों की प्रथम काउंसलिंग दिनाँक 31.10.15 को। ⏳विज्ञप्ति पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन:(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : आगे माह मिलेगी नौकरी की खुशखबरी। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

यूपी में बीटीसी की 7500 सीटें और बढ़ीं। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

खुशखबरी: यूपी में बीटीसी की 7500 सीटें और बढ़ीं
ब्यूरो / अमर उजाला, लखनऊ
प्रदेश में बीटीसी की 7500 सीटें और बढ़ गई हैं। राज्य सरकार ने 150 और निजी बीटीसी कॉलेजों को संबद्धता दे दी है। इन कॉलेजों में शैक्षिक सत्र 2015-16 में दाखिला दिया जाएगा।
प्रदेश में इसके पहले बीटीसी के करीब 730 कॉलेज थे। नए मिलाकर 880 के आसपास कॉलेज हो जाएंगे। प्रत्येक बीटीसी कॉलेज में 50 सीटें हैं।
सरकारी व निजी कॉलेजों को मिलाकर कुल 44,000 सीटें हो जाएंगी। सरकारी यानी डायटों में मौजूदा समय 10,450 सीटें हैं।
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता बीटीसी के साथ टीईटी उत्तीर्ण है।
राज्य सरकार पूर्व में बीएड वालों को छह माह का विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक बना देती थी, लेकिन अब बीएड वालों को इससे बाहर कर दिया गया है।
इसके चलते बीटीसी करने की चाहत तेजी से बढ़ी है। बीटीसी करने वालों की संख्या बढ़ती देख निजी क्षेत्रों में कॉलेज खोलने की दौड़ में कई शामिल हो रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता लेकर यूपी के सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के यहां आवेदन करना होता है।
मानक पूरा करने वालों को एक साल के लिए संबद्धता दी जाती है। शासन ने हाल ही में 150 कॉलेजों को संबद्धता दी है।

बीटीसी-2013 दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित,वेबसाइट पर आज। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

बीटीसी-2013 दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित
इलाहाबाद (ब्यूरो)। परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश ने बीटीसी प्रशिक्षण 2013, सेवारत बीटीसी (मृतक आश्रित), उर्दू बीटीसी द्विवर्षीय पाठ्यक्रम परीक्षा वर्ष 2015 दूसरे सेमेस्टर का परीक्षाफल घोषित कर दिया है। बीटीसी-2013 द्विवर्षीय पाठ्यक्रम दूसरे सेमेस्टर में पंजीकृत 32612 में 32546 परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा में कुल 21227 अभ्यर्थी पास हुए जबकि 5444 फेल और 5875 अभ्यर्थियों का परीक्षाफल अपूर्ण रहा। इसी प्रकार सेवारत बीटीसी (मृतक आश्रित) कोटे में 304 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए 72 पास एवं 14 फेल जबकि 218 का परीक्षाफल अपूर्ण रहा।

प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति में असमंजस, होगी रोस्टर से तैनाती। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

बीटीसी 2014 : दावेदारों की भरमार, खाली सीटें अपार। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

शिक्षामित्रों के मामले में बेसिक शिक्षा बोर्ड पहुँचा सुप्रीम कोर्ट। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

Thursday, 29 October 2015

15000 शिक्षक भर्ती : जनपद गोंडा में काउंसलिंग उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : विकलांग अभ्यर्थियों की उच्चतर आयु सीमा निर्धारण के सम्बन्ध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद का आदेश। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों की दिक्कतों, त्रुटियों और ऑनलाइन आवेदन संबंधी कंप्यूटर जनित गलतियों को ग्रीवांस सेल में भेजने हेतु परिषद सचिव का आदेश। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

बीटीसी 2014 : फतेहपुर : मास्टर साहब बनने की लालसा पाले 378 युवक युवतियों के शैक्षिक अभिलेख जमा। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

378 अभ्यर्थियों के अभिलेख जमा
फतेहपुर, जागरण संवाददाता : मास्टर साहब बनने की लालसा पाले युवक युवतियों के शैक्षिक अभिलेख जमा करने के बाद प्रशिक्षण का रास्ता साफ हो गया है। सुबह पहर से शैक्षिक अभिलेख जमा कराने के लिए भीड़ जुटी रही। डायट प्रशासन ने अभिलेखों को जांचकर उन्हें अपने कब्जे में लिया। अब इन आवेदकों को को प्रशिक्षण के लिए कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।
बीटीसी प्रशिक्षण के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को शैक्षिक अभिलेख जमा कराने के लिए आवेदकों का हुजूम उमड़ा। नव युवक और युवतियों के साथ उनके परिजन भी आए थे। प्रशिक्षण के लिए कॉलेज आवंटन की जुगत लगाते देखे गए। सरकारी प्रशिक्षण संस्थान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के अलावा 7 प्राइवेट कॉलेजों में बीटीसी का प्रशिक्षण कराया जाना है। अंकों के शिखर पाने वालों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मिलेगा। इसके बाद आवेदकों को प्राइवेट कॉलेज का आवंटन किया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में 200 सीटों को भरा जाना है जबकि प्राइवेट कॉलेजों में 50-50 सीटें भरी जानी हैं। कुल 378 अभ्यर्थियों ने शैक्षिक अभिलेख जमा किए।
प्राचार्य रविशंकर ने बताया कि तृतीय काउंसि¨लग कराने वालों के शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा कराए गए हैं। डायट में अंकों के आधार पर सीटों को भरा जाएगा। इसके बाद बचे आवेदकों को प्राइवेट कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। एक दो दिन में आवंटन का काम पूरा कर लिया जाएगा।

शिक्षामित्रों को राहत के लिए फिर एनसीटीई जाएगी सरकार। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

शिक्षामित्रों को राहत के लिए फिर एनसीटीई जाएगी सरकार
लखनऊ (ब्यूरो)। यूपी सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने जो जवाब दिया है, उससे शिक्षामित्रों का कोई भला होने वाला नहीं है। इसलिए शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के लिए एनसीटीई को दोबारा चिट्ठी लिखी जाएगी और उन्हें टीईटी से छूट दिलाने की मांग की जाएगी। एनसीटीई के सदस्य सचिव जुगलाल सिंह के पत्र मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ लंबी मंत्रणा की। सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि एनसीटीई के पत्र से शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
संबंधित पेज 17 पर
यह हो सकता है चिट्ठी में
•मुख्य सचिव ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से की लंबी मंत्रणा
•सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार एनसीटीई के चेयरमैन को पत्र लिखकर बताएगी कि 25 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने से सूबे में सहायक अध्यापक बने 1.37 लाख व प्रशिक्षणरत शिक्षामित्रों को कोई फायदा नहीं हो रहा है।
•शिक्षामित्रों को संविदा पर नियुक्त किया गया है और वे बेहतर ढंग से बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
•यूपी सरकार ने 3 जनवरी 2011 को पत्र भेजकर एनसीटीई से अनुमति लेकर ही स्नातक पास शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण दिया था। इसमें सफल होने वालों को ही सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था।

मोअल्लिम वालों ने घेरा निदेशालय। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

मोअल्लिम वालों ने घेरा निदेशालय
लखनऊ (ब्यूरो)। टीईटी पास मोअल्लिम वालों ने बुधवार को निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। टीईटी पास मोअल्लिम उर्दू एसोसिएशन के रब्बानी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि रिक्त पदों पर भर्ती जल्द शुरू की जाएगी, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई। उन्होंने दावा कि बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा की गाड़ी के आगे लेट गए थे जिसके चलते वे भाग गए।

बूथ लेवल अधिकारीयों को पारश्रमिक/मानदेय वृद्धि के सम्बन्ध में आदेश। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

काउंसलिंग से वंचित अभ्यर्थियों को मौका,सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के उन जिलों के बीटीसी प्रशिक्षुओं को राहत दी है, जहां डायट होने के बाद भी प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

काउंसलिंग से वंचित अभ्यर्थियों को मौका
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के उन जिलों के बीटीसी प्रशिक्षुओं को राहत दी है, जहां डायट होने के बाद भी प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। इन जिलों के प्रशिक्षुओं ने 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में अपने मूल जनपद का उल्लेख कर दिया है।
इन जिलों के अभ्यर्थियों को 26 अक्तूबर को हुई काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इन जिलों के बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन अभ्यर्थियों को पहली काउंसलिंग में ही उसी जिले में शामिल करवाया जाए। इन जिलों में संतकबीरनगर, चंदौली, अंबेडकरनगर, शामली, अमेठी शामिल हैं।
शिक्षा निदेशालय में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में काउंसिलिंग में शमिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।

15000 शिक्षक भर्ती : ख्वाब टूटता देख निदेशालय में भरी हुँकार। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

15000 शिक्षक भर्ती : कोर्ट के निर्देश पर ही मिलेगा प्राइवेट 2012 को मौका। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

मऊ : 15000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में प्रथम काउंसलिंग में अर्ह अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

Wednesday, 28 October 2015

15000 शिक्षक भर्ती : कतिपय जनपद के डाइट जहाँ प्रशिक्षण संचालित नही है उनके प्रशिक्षणार्थियों को उसी जनपद में प्रथम काउंसलिंग में सम्मलित करने हेतु सचिव बेसिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद का आदेश। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

ललितपुर : 15000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में प्रथम काउंसलिंग में अर्ह अभ्यर्थियों की अनन्तिम सूची का कट ऑफ़। ⏳कट ऑफ़ देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

कर्मचारियों को धीमे से जोर का झटका सिर्फ कहने भर को है 0.01 फीसदी प्रबंधन शुल्क कटौती, करोड़ों रुपये की हो जाएगी वसूली। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

कर्मचारियों को धीमे से जोर का झटका
सिर्फ कहने भर को है 0.01 फीसदी प्रबंधन शुल्क कटौती, करोड़ों रुपये की हो जाएगी वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। दीपावली से ठीक पहले नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत सरकारी ट्रस्ट के प्रबंधन के लिए 0.01 फीसदी प्रबंधन शुल्क की वसूली के आदेश से कर्मचारियों को जोर का झटका धीमे से लगा है। देश भर में तकरीबन 28 लाख कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे। कहने को कटौती की रकम बहुत छोटी है लेकिन दायरा इतना बढ़ा है कि प्रबंधन शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली जाएगी। कर्मचारियों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह स्कीम 2005 से लागू है तो दस साल तक प्रबंधन कैसे हुआ और कर्मचारियों की मेहनत की कमाई से वसूली का अधिकार सरकार को किसने दिया।
एनपीएस के तहत किसी कर्मचारी को अगर एक लाख रुपये जमा है तो उसके वेतन से प्रबंधन शुल्क के नाम पर 10 रुपये की कटौती की जाएगी। हर साल पेंशन खाते में जितनी रकम बढ़ती जाएगी, उसी अनुपात में प्रबंधन शुल्क की सालाना कटौती राशि में भी वृद्धि होती जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों के पैसे का रखरखाव करने वाले सरकारी ट्रस्ट का खजाना बढ़ता जाएगा और कर्मचारियों की जेब कटती जाएगी। कर एवं वित्त सलाहकार डॉ. पवन जायसवाल का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकार की झोली तो भर जाएगी लेकिन कर्मचारियों की झोली में नपी-तुली तनख्वाह आती है। ऐसे में भविष्य में उनका पेंशन फंड कम हो जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने से पहले ट्रस्ट को प्रस्ताव बनाकर इस मुद्दे पर आम राय एवं सहमति बनानी चाहिए थी।
साथ ही पीएफआरडीए को भी मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि यह व्यवस्था किसी भी रूप में कर्मचारियों के लिए लाभकारी नहीं है, बल्कि नुकसान पहुंचाएगी। कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव का कहना है कि कर्मचारियों के मोबाइल में कटौती का मैसेज भेजकर सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। एनपीएस के तहत पेंशन फंड के लिए 2005 से कर्मचारियों के वेतन से कटौती जा रही है। अब तक इसके प्रबंधन का खर्च कौन उठा रहा था। कर्मचारी इस कटौती का विरोध करेंगे। कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट इम्पलाइज, यूपी ईस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष कृपा शंकर श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार को प्रशासनिक खर्च का वहन अपने स्नोत से करना चाहिए। कर्मचारियों से वसूली गलत है। इसका विरोध होगा।

नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से गुहार लगाने वाले शिक्षामित्रों के मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी सफाई से गेंद उत्तर प्रदेश के पाले में दी सरका । ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

केंद्र ने उप्र के पाले में डाली गेंद
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से गुहार लगाने वाले शिक्षामित्रों के मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी सफाई से गेंद उत्तर प्रदेश के पाले में सरका दी है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने सिर्फ इतना ही कहा है कि 25 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त और तब से लगातार सेवारत शिक्षकों को ही टीईटी उत्तीर्ण करने से छूट होगी। इस तारीख के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा। अलबत्ता एनसीटीई ने नवंबर 2011 में मानव संसाधन विकास मंत्रलय की ओर से राज्यों को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार टीईटी की शर्त में शिथिलता नहीं देगी क्योंकि यह शिक्षकों के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता का आवश्यक अंग है। शिक्षामित्रों की स्थिति के बारे में निर्णय लेने का अधिकार उसने राज्य सरकार पर ही छोड़ दिया है। यह स्पष्ट करते हुए कि अप्रशिक्षित शिक्षकों (शिक्षामित्रों) की नियुक्ति का तरीका और प्रकृति सही हो, यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। पसोपेश इस बात पर है कि एनसीटीई ने 25 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिये जाने की बात कही है जबकि शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैध ठहराने वाले हाई कोर्ट ने ही अपने आदेश में उन्हें संविदा पर नियुक्त कर्मचारी माना है।
उप्र शासन भी चिट्ठी के मजमून को भांपने में लगा है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि उन्हें एनसीटीई का पत्र तो मिल गया है लेकिन उसमें शिक्षामित्रों को टीईटी से कोई राहत दी गई है या नहीं, इसका परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि एनसीटीई की ओर से राहत न मिलने पर शासन जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।

शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट का मामला सहायक अध्यापक बनने पर फिर भी रहेगा संशय। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट इन(सौरभ त्रिवेदी)

शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट का मामला
सहायक अध्यापक बनने पर फिर भी रहेगा संशय
इलाहाबाद (ब्यूरो)। शिक्षामित्रों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट मिलने संबंधी एनसीटीई परिपत्र से शिक्षा मित्रों में बेशक खुशी है पर इसे लेकर तमाम सवाल अभी भी ऐसे हैं जिनके जवाब नहीं मिल रहे। ऐसे में शिक्षामित्र फिर से सहायक अध्यापक बन सकेंगे या नहीं यह सवाल अभी भी अनुत्तरित ही रह जाता है। जानकारों का मानना है कि एनसीटीई ने जो पत्र मुख्य सचिव को भेजा है उसमें नया कुछ नहीं है बल्कि पुरानी व्यवस्था का ही स्पष्टीकरण दिया गया है। जानकार इसे 12 सितंबर को हाईकोर्ट के निर्णय से जोड़कर देखते हैं। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में तमाम ऐसे बातों को स्पष्ट किया है जिसे देखते हुए शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाए जाने में की राह में अभी भी तमाम अड़चनें हैं।
शिक्षामित्रों के प्रकरण के जानकार अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक एनसीटीई ने स्पष्ट किया है कि 25 अगस्त 2010 की अधिसूचना से पूर्व नियुक्त अध्यापकों को ही टीईटी की अर्हता से छूट मिलेगी। ऐसे में सवाल यह है कि क्या शिक्षा मित्र अध्यापक की श्रेणी में आते हैं। हाईकोर्ट साफ कर चुका है कि शिक्षामित्र अध्यापक की परिभाषा में नहीं आते हैं। उनकी नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं हुआ और नियमानुसार आरक्षण भी लागू नहीं किया। उनकी नियुक्तियां संविदा पर थी जिसे नियमित नहीं माना जा सकता है। यदि सरकार अब उनको सहायक अध्यापक बनाती भी है तो एनसीटीई के ही मुताबिक 25 अगस्त 2010 के बाद बनने वाले सहायक अध्यापकों को टीईटी से कोई छूट नहीं मिलेगी।
हाईकोर्ट प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को समायोजित करने संबंधी संशोधन भी रद्द कर चुका है। एनसीटीई ने अपने पत्र में साफ किया है शिक्षा मित्रों को किसप्रकार से नियुक्ति दी जाएगी यह मोड राज्य सरकार ही तय करेगी। ऐसे में यदि राज्य सरकार शिक्षा मित्रों को अध्यापक बनाने की प्रक्रिया नए सिरे से प्रारंभ करती है तो वह 25 अगस्त 2010 के बाद की गई नियुक्ति ही मानी जाएगी जिसे टीईटी की अनिवार्यता से छूट नहीं दी गई है।
अधिवक्ता नवीन शर्मा भी इस तर्क से सहमत हैं। उनका कहना है कि एनसीटीई के पत्र में ऐसा कुछ नया नहीं है।
एनसीटीई के नोटिफिकेशन पर जानकार उठा रहे सवाल

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