शिक्षामित्र समायोजन के सम्बन्ध में मेनका गांधी ने लिखा स्मृति ईरानी को पत्र, कहा कि एनसीटीई ने हाईकोर्ट में नही लगाया सही काउंटर।यूपी और उत्तराखंड मॉडल को बताया एक जैसा। ⏳पत्र की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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यूपी में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश क्यों न की जाएः हाईकोर्ट। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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यूपी में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश क्यों न की जाएः हाईकोर्ट
Publish Date:Wed, 30 Sep 2015 06:34 PM (IST) | Updated Date:Wed, 30 Sep 2015 07:01 PM (IST)
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यूपी में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश क्यों न की जाएः हाईकोर्ट
लखनऊ। इलाहबाद हाईकोर्ट ने आज प्रदेश में पंचायत चुनावों में लेकर हो रही देरी पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया और बहुत ही तल्ख़ टिप्पणी की है। एक याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि पंचायत चुनाव पांच साल के अंदर नहीं करवाने की वजह से संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। मामले में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूर्ण और श्रीनारायण शुक्ला की बेंच ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है।
दरअसल मामला प्रदेश में ग्राम पंचायत के प्रधान पद के चुनाव को टालने का है। एक जनहित याचिका मे कहा गया है कि राज्य में चुनाव समय से नहीं करवाने से संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। अतः राष्ट्रपति शासन की सिफारिश क्यों न की जाए। इस पर कोर्ट ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से जवाव मांगा है। याचिका में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव कराये जाने और प्रधान और सदस्य पद के चुनाव स्थगित करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। गौरतलब हैं कि याचिका में ५ सितम्बर को पंचायतीराज के द्वारा जारी शासनादेश को चुनौती दी गई है। याचिका के अनुसार उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने ग्राम प्रधानों और ग्राम सभा सदस्यों के आरक्षण को अगला आदेश आने तक स्थगित कर दिया गया है। जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी कर दी गई है। बीडीसी चुनाव भी अपने तय समय पर ही होंगे। मामले की अगली सुनवाई १५ अक्टूबर को होगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग की तारीख एनआईसी से डाटा नहीं मिलने के कारण तय नहीं हो पा रही। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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इलाहाबाद।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग की तारीख एनआईसी से डाटा नहीं मिलने के कारण तय नहीं हो पा रही। सचिव संजय सिन्हा ने 22 सितम्बर को एनआईसी को पत्र लिखकर आवेदकों का डाटा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।सूचना मिलने के बाद जिलेवार लिस्ट तैयार की जाएगी और उसके बाद काउंसिलिंग की तारीख घोषित होगी। एनआईसी को अभ्यर्थियों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक में मिले अंकों के अलावा बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी या डीएड (विशेष शिक्षा) के आधार पर गुणवत्ता अंकों को निर्धारित करते हुए डाटा एक्सेल शीट पर उपलब्ध कराना है।इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर थी। आवेदन पूरा होने के बाद से अभ्यर्थी काउंसिलिंग की तारीख घोषित करने का दबाव बना रहे हैं। डाटा केलिए 22 सितम्बर को पत्र लिखने के बाद से बोर्ड के अफसर लगातार एनआईसी के संपर्क में बने हुए हैं ताकि काउंसिलिंग की तारीख घोषित हो सके।

समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन भुगतान के सम्बन्ध में बीएसए देवरिया ने दिखाई हरी झंडी। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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30 सितम्बर 2015 को यू-डायस दिवस के रूप में मनाये जाने के सम्बन्ध बीएसए फतेहपुर द्वारा आदेश ज़ारी। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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बीटीसी 2014, जालौन निजी संस्थानो मे प्रवेश हेतु कट ऑफ जारी। ⏳विज्ञप्ति पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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प्राथमिक वालो को जूनियर में मौका नहीं-सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को जारी किया फरमान।प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए निर्देश। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को जारी किया फरमान
उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की नियुक्ति में स्पष्ट आदेश न होने से बेसिक शिक्षा अधिकारी उहापोह का शिकार हैं। ‘दैनिक जागरण’ ने 18 जिलों में नियुक्ति पत्र न बंटने की खबर मंगलवार को प्रमुखता से उजागर की तो बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर फिर निर्देश भेजे हैं। इसमें कई बिंदुओं पर क्या करें व क्या न करें पर सीधे-सीधे आदेश देने के बजाए गोलमोल निर्देश दिया गया है। ऐसे में अफसरों के उसके निहितार्थ अपनी तरह से निकालने से इनकार नहीं किया जा सकता।
इग्नू की योग्यता का प्रकरण
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से स्नातक या फिर बीएड उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विज्ञान/गणित विषय के सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में मान्य है। इसमें शासनादेश के अनुरूप चलें।
उप्र टीईटी का प्रकरण
कई जनपदों से यह पूछा गया है कि तमाम अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने के बाद प्रशिक्षण योग्यता (बीएड या बीटीसी) उत्तीर्ण की है। इस संदर्भ में कहा गया कि शासनादेश के प्रावधानों का अनुपालन करें जिसमें स्पष्ट है कि पहले प्रशिक्षण योग्यता और बाद में टीईटी होना चाहिए।
प्रोफेशनल योग्यता प्रकरण
उच्च न्यायालय की सत्येंद्र कुमार सिंह व अन्य बनाम उप्र राज्य व अन्य में पारित आदेश के अनुक्रम में जिला चयन समिति कार्यवाही करें। इस याचिका में कहा गया है कि स्नातक में विज्ञान एवं गणित विषय वालों को ही नियुक्ति पत्र दिया जाएं। हालांकि प्रोफेशनल अभ्यर्थियों का दावा है कि हाईपावर कमेटी ने उनके तमाम पाठ्यक्रमों को विज्ञान व गणित शिक्षक बनने के लिए सही पाया है।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को जारी किया फरमानबेसिक शिक्षा अधिकारियों ने पूछा है कि प्राथमिक विद्यालयों में काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थी क्या उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए भी अर्ह होंगे। दरअसल, सूबे में बड़ी तादाद में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय दोनों की शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की है। इसमें सचिव ने निर्देश दिया है कि प्रशिक्षु वालों को जूनियर में मौका नहीं दिया जा सकेगा। उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित धारणाधिकार संबंधी प्राविधान कार्यरत परिषदीय अध्यापकों पर नियमानुसार लागू है। इसके अनुरूप कार्यवाही की जाए। साफ है कि परिषद के स्कूलों में तैनात प्रशिक्षु शिक्षकों को मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि वह अभी परिषद के अधीन नहीं है।

परिषदीय विद्यालयों में समय परिवर्तन के सम्बन्ध में आदेश। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रशिक्षण जरूरी। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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एक अक्टूबर से बदलेगा परिषदीय स्कूलों का समय। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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एक अक्टूबर से बदलेगा स्कूलों का समय
Publish Date:Tue, 29 Sep 2015 06:26 PM (IST) | Updated Date:Tue, 29 Sep 2015 06:26 PM (IST)
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जासं, ग्रेटर नोएडा : स्कूलों के समय में पहली अक्टूबर से बदलाव होगा। स्कूल सुबह नौ बजे खुलेंगे और दोपहर बाद तीन बजे छुट्टी होगी। समय में परिवर्तन मौसम में हुए बदलाव को देखते हुए किया गया है। बदलाव के विषय में सूचना सभी स्कूलों को भेज दी गई है। विभाग ने प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव न करने की मांग को अभी नहीं माना है।
स्कूलों का समय वर्तमान में सुबह आठ बजे से दिन में एक बजे तक है। अक्टूबर से मौसम में बदलाव होने लगता है। ऐसे में विभाग द्वारा हर बार अक्टूबर की शुरुआत से ही समय में बदलाव कर दिया जाता है। स्कूलों के समय में बदलाव के संबंध में शासनादेश जारी हो गया है। दो दिन पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की थी कि समय में बदलाव अक्टूबर की बजाय नवंबर से किया जाए, जिसके पीछे हवाला दिया था कि अक्टूबर में दिन के वक्त गर्मी रहती है। ज्यादातर स्कूलों में कनेक्शन कटे हैं। इस कारण छात्रों को पढ़ाई कराने में परेशानी आएगी, लेकिन विभाग ने शिक्षक संघ की मांग को नहीं माना है।
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पहली अक्टूबर से स्कूलों के समय में बदलाव होगा। सर्दीकालीन समय सारिणी लागू की जाएगी।
मनोज कुमार, बीएसए

नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों, न्यायापालिका और सरकारी खजाने से वेतन व लाभ पाने वाले लोगों को अपने बच्चों को परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने के हाई कोर्ट के आदेश का राज्य सरकार पूरी तरह करेगी अनुपालन -राम गोविन्द चौधरी। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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हाई कोर्ट के आदेश का पालन करेगी सरकार
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों, न्यायापालिका और सरकारी खजाने से वेतन व लाभ पाने वाले लोगों को अपने बच्चों को परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने के हाई कोर्ट के आदेश का राज्य सरकार पूरी तरह अनुपालन करेगी। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने इस सिलसिले में सभी सांसदों, विधायकों, राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों व महासचिवों, स्थानीय नगरीय निकायों व पंचायतों के प्रतिनिधियों, आइएएस, आइपीएस, पीसीएस, पीपीएस एसोसिएशन के अध्यक्षों व सचिवों, राज्य कर्मचारियों के संगठनों, सेंट्रल व स्टेट बार एसोसिएशन को पत्र लिखा है।
पत्र के माध्यम से उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए सहयोग, समर्थन और सुझाव मांगा है। इस तथ्य को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए कि शासन-प्रशासन में बैठे लोक सेवकों, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों के बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजे जाएं। पत्र में कहा है कि शिक्षकों, लोक सेवकों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों की उदासीनता और कर्तव्य से विमुख होने के कारण ही हाई कोर्ट को यह आदेश देना पड़ा है। बेसिक शिक्षा मंत्री के रूप में उन्हें न सिर्फ इस आदेश का पूरी तरह पालन कराना है बल्कि तय समयावधि में अनुपालन से भी सूचित कराना है। इस बात पर चिंता जतायी है कि बेसिक शिक्षा पर अधिकतम संसाधन खर्च करने के बावजूद अभिभावक परिषदीय स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने को तैयार नहीं हैं।
उन्हें कान्वेंट और पब्लिक स्कूलों पर ज्यादा भरोसा है। इसलिए परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ नहीं पा रही है। विधान मंडल के बजट सत्र में विधान सभा में अपने एलान के बाद पत्र में उन्होंने अपनी पौत्री को परिषदीय स्कूल में ही पढ़ाने की वचनबद्धता दोहरायी है। इस बात पर निराशा भी जतायी है कि बेसिक शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जनप्रतिनिधियों को परिषदीय स्कूलों के उन्नयन के बारे में तीन बार पत्र लिखे लेकिन कहीं से कोई सुझाव नहीं आया।

शिक्षामित्रों के मामले में जल्द ही एनसीटीई को पत्र भेजेगी सरकार। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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शिक्षामित्रों के मामले में जल्द ही एनसीटीई को पत्र भेजेगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। राज्य सरकार शिक्षा मित्रों के मामले में जल्द ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र भेजकर टीईटी से छूट मांगने की तैयारी में जुट गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया है। वहीं, न्याय विभाग से राय न मिलने की वजह से सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षा मित्रों को वेतन देने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उधर, शिक्षक बनने वाले शिक्षा मित्र जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर वेतन देने का दबाव बना रहे हैं।
राज्य सरकार शिक्षा मित्रों के मामले में एनसीटीई से राहत लेना चाहती है। उत्तराखंड व महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए एनसीटीई को पत्र भेजने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिम्पल वर्मा ने बैठक की। इसके बाद देर शाम मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के यहां भी बैठक हुई। जानकारों के मुताबिक जल्द ही शिक्षा मित्रों के मामले में एनसीटीई को पत्र भेजते हुए टीईटी में छूट देने का अनुरोध किया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि एनसीटीई से उसे राहत मिल जाएगी। शिक्षा मित्रों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने भी हमदर्दी दिखाते हुए कहा है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
वेतन देने के मामले में अभी भी नहीं हो सका कोई निर्णय

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के सचिव की मार्क्सशीट फर्जी। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के सचिव की मार्क्सशीट फर्जी
कानपुर (ब्यूरो)। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के सत्यापन में उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव डॉ. संजय सिंह की एमए फाइनल ईयर की मार्कशीट फर्जी मिली है। डिग्री कॉलेज में नौकरी के दौरान डॉ. संजय ने जो मार्कशीट (रोल नंबर 60711) जमा की थी, उसमें 479 मार्क्स हैं लेकिन यूनिवर्सिटी में उपलब्ध चार्ट के मुताबिक उन्हें कुल 441 मार्क्स मिले हैं। यानी 38 मार्क्स बढ़ाए गए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब फर्जीवाड़े की रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस मामले की सुनवाई बुधवार (30 सितंबर को) जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की अदालत में होगी।
डॉ. संजय सिंह ने छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर से 1995 में प्राचीन भारत के इतिहास विषय से एमए किया। प्राइवेट एग्जाम दिया और मार्कशीट ली। बाद में मार्कशीट की दूसरी कॉपी जारी हुई, जिस पर रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर फर्जी हैं। मामला वर्ष 2008 से चल रहा है। फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद विशेष सचिव उच्च शिक्षा ने 23 जुलाई 2008 को डॉ. संजय सिंह की मार्कशीट से संबंधित सत्यापन रिपोर्ट मांगी। तत्कालीन रजिस्ट्रार महेश चंद्र ने पूरे मामले की पड़ताल कराई तो फर्जी मार्कशीट जारी कराए जाने का खुलासा हुआ। पता चला कि 1995 में एमए (प्राइवेट) करने वाले डॉ. संजय सिंह को फर्स्ट ईयर के दौरान 400 में से 193 मार्क्स और सेकेंड ईयर के दौरान 400 में से 248 मार्क्स मिले थे।
इसका रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी के चार्ट में है लेकिन डॉ. संजय ने मार्कशीट की जो दूसरी कॉपी दी है, उसमें फर्स्ट ईयर के दौरान 400 में से 263 और सेकेेंड ईयर के दौरान 216 मार्क्स मिलने का जिक्र है। इसका ब्योरा यूनिवर्सिटी के पास नहीं है। अब यही रिपोर्ट बुधवार को हाईकोर्ट को उपलब्ध कराई जाएगी। रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि यूनिवर्सिटी से जो मार्कशीट जारी हुई थी, उसमें 441 मार्क्स दिए गए हैं। मार्कशीट की दूसरी प्रति पर उपलब्ध मार्क्स का रिकॉड यूनिवर्सिटी के पास नहीं है। यह मार्कशीट फर्जी है। रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर भी संदिग्ध हैं।
आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई, यूनिवर्सिटी ने फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दी
रिकॉर्ड में 441 मार्क्स लेकिन सचिव ने 38 मार्क्स बढ़वाकर 479 किए

माध्यमिक शिक्षकों को पांच वर्ष आयु में छूट। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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माध्यमिक शिक्षकों को पांच वर्ष आयु में छूट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश शासन ने राजकीय कर्मचारियों, राजकीय शिक्षकों की तरह माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली लोक सेवाओं और पदों पर सीधी भर्ती के मामले में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष छूट प्रदान करने का आदेश जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव दीनानाथ गुप्ता की ओर से प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजे गए पत्र में राज्य सरकार के अधीन आने वाले पदों की भर्ती में पांच वर्ष की छूट प्रदान करने की जानकारी दी है। राज्य सरकार ने आयु सीमा में छूट का लाभ आगे की भर्ती परीक्षाओं में देने का निर्णय लिया है।
राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट की एक बैठक शिक्षक भवन रामबाग में हुई, बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश तो जारी कर दिया है परंतु इसे 26 फरवरी से न लागू करके आगे के विज्ञापन से लाभ देने का फैसला किया है। कहा कि माध्यमिक शिक्षकों के लिए आयु सीमा में छूट देने का फैसला सरकार ने माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष चेतनारायण के आग्रह पर दिया है। बैठक में राम सेवक त्रिपाठी, डॉ. नवीन पांडेय, डॉ. संतोष तिवारी मौजूद रहे।

गणित-विज्ञान शिक्षक के लिए इग्नू से बीएड वाले भी पात्र। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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गणित-विज्ञान शिक्षक के लिए इग्नू से बीएड वाले भी पात्र
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने साफ किया है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक व बीएड करने वाले भी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान शिक्षक बनने के लिए पात्र होंगे। इन्हें शासनादेश में दी गई व्यवस्था के आधार पर शिक्षक के लिए पात्र माना गया है। इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी इन्हें नियुक्ति पत्र देंगे।
इसी तरह प्रोफेशनल डिग्रीधारियों के बारे में भी स्थिति साफ की गई है। परिषद के सचिव ने कहा है कि हाईकोर्ट से दिए गए आदेश के आधार पर चयन समिति शैक्षिक प्रमाण पत्रों का परीक्षण करते हुए मामले का निस्तारित करेगी।

जूनियर टीईटी पास के लिए विकल्प नहीं। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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जूनियर टीईटी पास के लिए विकल्प नहीं
इलाहाबाद(ब्यूरो)। राज्य सरकार की ओर से जूनियर टीईटी पास बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए अभी तक नौकरी का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। तीन वर्ष पूर्व प्रदेश भर में 2.50 लाख बीएड बेरोजगार जूनियर स्तर के लिए टीईटी पास करके बैठे हैं। इसमें 29 हजार टीईटी पास विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की ही भर्ती हो सकी है। अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके बारे में नीति स्पष्ट करने की मांग की है। सरकार के असमंजस से टीईटी पास अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।
अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षकों को प्रमोशन देकर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती दी जाती रही है।

शिक्षामित्रों और TET बेरोजगारों में बढ़ी रार, आंदोलन की तैयारी। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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शिक्षामित्रों और TET बेरोजगारों में बढ़ी रार, आंदोलन की तैयारी
•प्रसं, लखनऊ : शिक्षामित्रों और टीईटी पास बेरोजगारों के बीच रार बढ़ती ही जा रही है। एक तरफ शिक्षामित्र केंद्र पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली में जंतर-मंतर पांच से सात अक्टूबर तक प्रदर्शन करने की तैयारी में है। वहीं टीईटी पास बेरोजगार शिक्षामित्रों से पहले ही दो से चार अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। ऐसे में सरकार के सामने ये तय करना मुश्किल होगा कि किस गुट की मांगें मानी जाएं।
टीईटी पास बेरोजगारों ने संभाला मोर्चा
प्रदेश सरकार ने 1.72 लाख शिक्षामित्रों को शिक्षक बना दिया था। हाई कोर्ट ने इसे गलत बताते हुए नियुक्तियां रद करने का आदेश दिया है। आदेश के बाद शिक्षामित्रों ने प्रदेश भर में जबरदस्त आंदोलन किया। प्रदेश सरकार भी उनके साथ खड़ी है। इसके अलावा कई केंद्रीय नेता भी उनके पक्ष में हैं। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनके लिए रास्ता निकालने का आश्वासन दे चुके
उधर टीईटी पास करने वालों की प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती भी सरकार ने इस दौरान की थी। कुल 72 हजार में से लगभग 59 हजार को नौकरी मिल चुकी है। छह महीने की जगह उनके प्रशिक्षण को आठ महीने हो गए हैं। उसके बावजूद अभी उन्हें नई तैनाती नहीं मिली है। वेतन भी अभी नहीं दिया जा रहा और प्रशिक्षण अवधि का मानदेय भी नहीं मिल रहा। सूत्रों का कहना है गुटों में बंटे शिक्षकों के बीच सरकार तय नहीं कर पा रही कि क्या करे/ इसकी वजह है कि अभी शिक्षामित्रों और प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति के बाद वरिष्ठता का भी झगड़ा फंसेगा।• शिक्षामित्र 5 से तो टीईटी बेरोजगार 2 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन• संख्या बल के आधार पर दोनों केंद्र पर दबाव बनाने में जुटे
हैं। इसे देखते हुए टीईटी पास बेरोजगार भी संख्या बल दिखाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने में जुट गए हैं। उन्हें आशंका है कि हाई कोर्ट का आदेश तो उनके पक्ष में है लेकिन कहीं केंद्र सरकार ने टीईटी में छूट दे दी तो शिक्षामित्रों की राह साफ हो जाएगी। एनसीटीई अगर कोर्ट में दूसरा हलफनामा दे देगी तो कोर्ट को भी अपना फैसला बदलना पड़ सकता है। टीईटी संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु राणा के अनुसार चार साल में टीईटी पास करने वाले भी चार लाख हैं। वे पिछले वर्षों में टीईटी पास करने वालों को एक जुट कर रहे हैं।

बच रही बीटीसी की खाली सीटें- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 21 सितम्बर तक ही हो सकते थे दाखिले-नीना श्रीवास्तव। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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 आज जारी होगी लेखपाल परीक्षा की उत्तर
कुंजी ⏳खबर पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

आज जारी होगी लेखपाल परीक्षा की उत्तर कुंजी ⏳खबर पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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* आज जारी होगी लेखपाल परीक्षा की उत्तर
कुंजी
लखनऊ (ब्यूरो)। राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा
की उत्तर कुंजी (आंसर-की) बुधवार को जारी
कर दी जाएगी।
इसे राजस्व परिषद की वेबसाइट पर देखा जा
सकेगा। अभ्यर्थी वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन
नंबर (डीयू नंबर) डालकर रिजल्ट देख सकेंगे।
अभ्यर्थी यदि रिजल्ट से जुड़ी कोई आपत्ति दर्ज
करना चाहते हैं तो पांच दिनों तक वेबसाइट पर
ही दर्ज कर सकेंगे।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान/गणित के सहायक अध्यापकों के नियक्ति के सम्बन्ध में कतिपय समस्याओं (जैसे-धारणाधिकार,इग्नू योग्यता,टेट परीक्षा,प्रोफेशनल योग्यता आदि) के निस्तारण हेतु सभी बीएसए को स्पष्ट निर्देश ज़ारी। ⏳आदेश की प्रति देखें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम

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बीटीसी 2014, बागपत डायट व निजी संस्थानो मे प्रवेश हेतु कट ऑफ जारी। ⏳विज्ञप्ति पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम:(सौरभ त्रिवेदी,राघवेंद्र पटेल)

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बीटीसी 2014, जालौन डायट मे प्रवेश हेतु द्वितीय कट ऑफ जारी। ⏳विज्ञप्ति पढ़ें: शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम:(सौरभ त्रिवेदी,राघवेंद्र पटेल)

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बीटीसी 2014 प्रवेश- बीटीसी की सीटें भरना मुश्किल। ⏳पूरी ख़बर पढ़े : शिक्षा विभाग की हलचल डॉट कॉम:(सौरभ त्रिवेदी,राघवेंद्र पटेल)

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बीटीसी की सीटें भरना मुश्किल
जागरण संवाददाता, लखनऊ : बीटीसी 2014 की प्रवेश काउंसिलिंग में सोमवार को भी अभ्यर्थियों की बेरूखी जारी रही। सोमवार को विज्ञान एवं कला वर्ग में पुरूष श्रेणी में क्रमश: 76 व 56 सीटें भर पाईं और विज्ञान व कला वर्ग में महिलाओं की श्रेणी में क्रमश: सात व 13 सीटें ही भर पाईं। इस तरह सोमवार को हुई काउंसिलिंग में 188 सीटें ही भर पाईं। फिलहाल बीटीसी की करीब एक हजार सीटें खाली रहने की उम्मीद जताई जा रही है। 1जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में हुई काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों की बेरूखी जारी रही। रविवार को जहां 246 अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया था वहीं सोमवार को यह आंकड़ा और नीचे आ गया। इसमें केवल 188 अभ्यर्थियों ने ही प्रवेश लिया। सुबह से ही डायट में सन्नाटा पसरा रहा। काउंसिलिंग करवाने के लिए अभ्यर्थियों का रूझान कम होने से सीटें भरने का संकट खड़ा हो गया है।
बीटीसी 2014 में डायट व 31 निजी बीटीसी कॉलेजों में करीब 1700 के आसपास सीटें हैं। फिलहाल डायट के अधिकारी अब खाली सीटों का ब्यौरा जुटा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि करीब एक हजार के आसपास सीटें खाली होंगी।निशातगंज डायट में काउंसिलिंग कक्ष में फैला सन्नाटा