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Sunday, 31 July 2016

फतेहपुर : हौसला पोषण योजना के तहत 06 माह से 06 वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों एवम् गर्भवती महिलाओं को वितरित होने वाला मध्यान्ह भोजन परिषदीय विद्यालयों के रसोईघर में पकाने के सम्बन्ध में आदेश


फतेहपुर : विद्यालय प्रांगण साफ रखने हेतु जिलाधिकारी महोदय के आदेश के क्रम में समस्त परिषदीय प्रा0वि0 व् उ0प्रा0वि0, राजकीय प्रा0वि0 व् उ0प्रा0वि0 में यदि किसी भी प्रकार का कोई कब्जा हो तो तत्काल हटाने हेतु आदेश जारी


फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत संचालित विद्यालयों में नवीन मीनू अधिकारियों के मोबाइल नम्बर पेंट कराने एवम् सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतने के सम्बन्ध में आदेश

आश्रम पद्धति वाले राजकीय स्कूलों में निकलीं शिक्षकों की भर्तियाँ, 16 तक करें आवेदन


सीतापुर : एकल अध्यापक वाले स्कूलों में होगी तैनाती

एकल अध्यापक वाले स्कूलों में होगी तैनाती

सीतापुर : एकल अध्यापक वाले परिषदीय विद्यालय होने पर महकमा गंभीर है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशक ने बीएसए को पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि ऐसे विद्यालय चिन्हित
करें, जहां आठ शिक्षक तैनात हैं। इन शिक्षकों का स्थानांतरण एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में किया जाएगा। इसके लिए उन विद्यालयों के शिक्षकों का प्रस्ताव सचिव बेसिक शिक्षा को 10 अगस्त तक हरहाल में भेजें ताकि उनका स्थानांतरण आदेश जारी किया जा सके। इस बाबत बीएसए राजेंद्र सिंह का कहना है कि शिक्षा निदेशक के आदेश के क्रम में ऐसे विद्यालयों को चिंहित करके शिक्षकों के स्थानांतरण का प्रस्ताव समय से भेजा जाएगा।


जूनियर टीईटी पास भी अब बन सकेंगे जीआईसी शिक्षक

जूनियर टीईटी पास भी अब बन सकेंगे जीआईसी शिक्षक,

अब राजकीय माध्यमिक एवं राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार किया जा रहा है कि मेरिट से एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो जाने से शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। वर्ष
2011 में जूनियर टीईटी पास करने वालों के लिए सरकार ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29,334 विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती के अलावा कोई पद घोषित नहीं किए हैं। शासन की इस नई पहल से जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी का मौका मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय के बाद मेरिट से होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकती है।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव को शिक्षाधिकारियों ने बैठक के दौरान सलाह दी कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में मेरिट के फेर में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। इसलिए एलटी ग्रेड की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को भी प्राथमिकता दी जाए। इससे जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी में मौका मिलेगा और फर्जीवाड़े पर अंकुश भी लगाया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना था कि जूनियर टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियाें का प्रमाणपत्र चेक करने के बाद ही उन्हें टीईटी का प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, ऐसे में फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी।

राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से दसवीं तक पढ़ाने के लिए एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती होती है, इसके लिए शैक्षिक अर्हता स्नातक और बीएड तय है। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट के आधार पर होती है। प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में 6145 पदों पर एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया तीन वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी। इस भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली थी, प्रमाणपत्रों की जांच में फर्जीवाड़ा खुल जाने के बाद अभ्यर्थियों ने ज्वाइन ही नहीं किया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में शामिल होने गए इलाहाबाद मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास को वरीयता देने की पहल का शिक्षामंत्री ने स्वागत किया। उन्होंने इसको शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया है। जूनियर भाषा टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियों को इस भर्ती में मौका मिल सकेगा। ऐसे में एनसीटीई की ओर से कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाने के लिए टीईटी पास करने का मानक भी पूरा हो सकेगा।


कई जिलों में विद्यालय शिक्षक विहीन, सर्व शिक्षा अभियान को भेजे डाटा में खुली पोल, विद्यालय निरीक्षण के निर्देश

कई जिलों में विद्यालय शिक्षक विहीन, सर्व शिक्षा अभियान को भेजे डाटा में खुली पोल, विद्यालय निरीक्षण के निर्देश

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद प्रदेश में एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की ही भरमार नहीं है, बल्कि ऐसे भी बड़ी संख्या में विद्यालय हैं जहां शिक्षक ही नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की पोल किसी और ने नहीं खुद बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने ही खोली है। उनकी ओर से सर्व शिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय को भेजी रिपोर्ट में
यह बात सामने आई है। परियोजना निदेशक ने बीएसए को शिक्षक विहीन दर्शाए गए स्कूलों का निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।1बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पिछले दो वर्षो में शिक्षकों की खूब भर्ती हुई है। एक अनुमान के मुताबिक करीब तीन लाख नए शिक्षकों को तैनाती दी गई है। 1इसके बाद भी सूबे में एकल शिक्षक एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों का मिलना किसी चमत्कार से भी बढ़कर है। साथ ही यह प्रकरण उजागर करता है कि आखिर किस तरह बेसिक शिक्षा अधिकारियों की कृपा पाकर शिक्षक मनचाहे स्कूलों में तैनाती पा रहे हैं जिससे कुछ विद्यालय तैनाती के मामले में हाशिए पर हैं। खास बात यह है कि शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने शुक्रवार को ही एकल विद्यालयों पर चिंता जताते हुए समायोजन के निर्देश दिए हैं। वहीं सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने भी एक रिपोर्ट का हवाला देकर विभाग की कलई खोल दी है। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से पूछा है कि उन्होंने जो प्रपत्र भेजे हैं उसमें स्कूलों को शिक्षक विहीन दिखाया गया है। ऐसे स्कूलों का खंड शिक्षा अधिकारी से निरीक्षण कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही समस्त शिक्षकों की संख्या की ब्लाकवार समीक्षा भी की जाए।आगरा, अंबेडकर नगर, अमेठी, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बलरामपुर, बरेली, बांदा, चंदौली, एटा, फैजाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, हमीरपुर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संत कबीरनगर, संभल, शाहजहांपुर, शामली, श्रवस्ती, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, वाराणसी, उन्नाव आदि।


हरदोई : अब शिक्षकों का बीईओ काट सकेंगे वेतन, परिषदीय विद्यालयों में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई करने का मिला अधिकार

अब शिक्षकों का बीईओ काट सकेंगे वेतन, परिषदीय विद्यालयों में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई करने का मिला अधिकार

हरदोई, जागरण संवाददाता : परिषदीय विद्यालयों में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बीईओ को दिए हैं। इससे शिक्षकों पर अंकुश लगेगा और उनके
विरुद्ध समय से कार्रवाई भी होगी।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण कराए जाते हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं, ब्लाक सह समन्वयक और संकुल प्रभारियों से निरीक्षण कराते हैं। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई के लिए बीएसए को आख्या भेजते हैं। बीएसए मसीहुज्ज्मा सिद्दीकी ने लापरवाह शिक्षकों पर त्वरित कार्रवाई करने के उद्देश्य से बीईओ को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए उनके अधिकारों में इजाफा कर दिया है। बीएसए की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि अब बीईओ लापरवाही करने वाले शिक्षकों का अपने स्तर से वेतन अवरुद्ध करने और वेतन वृद्धि भी रोक सकते हैं। इसके अलावा संबंधित शिक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दे सकेंगे। कार्रवाई के बाद खंड शिक्षा अधिकारी बीएसए कार्यालय को सूची भेंजेगे।
.तो ब्लाक की बात ब्लाक में ही रहेगी
नई व्यवस्था से एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ मायूसी भी है। शिक्षक शिक्षिकाओं का कहना है कि अभी तक कुछ खंड शिक्षा अधिकारी मनमानी करते थे, लेकिन बात ऊपर तक पहुंच जाने से कार्रवाई नहीं होती थी लेकिन अब वह सीधे धौंस दिखाते हुए काम करेंगे। दूसरी तरफ कुछ शिक्षकों का कहना है कि अब सही है, ब्लाक की बात ब्लाक पर ही रहेगी। पहले अगर कार्रवाई होती थी तो जिला स्तर तक जुगाड़ लगानी होती थी लेकिन अब तो घर की बात घर में ही रहेगी और मामला यहीं तक निपट जाएगा।


बच्चों का पेट भरने वाले रसोइया भी नहीं रहेंगे भूखे, रसोइये का मेहनताना बढ़ाकर तीन गुना किए जाने की संभावना,राज्यमंत्री ने संघ से कहा 'देंगे अच्छी खबर'

बच्चों का पेट भरने वाले रसोइया भी नहीं रहेंगे भूखे, रसोइये का मेहनताना बढ़ाकर तीन गुना किए जाने की संभावना

सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों को भोजन परोसने वाले रसोइये खुद भूखे हैं। सरकार ने उनकी सुध लेने का फैसला किया है, ताकि वे भूखे पेट न रहें। उनका मानदेय हजार रुपये से बढ़कर तीन हजार रुपये किया जा
सकता है। इन रसोइयों का दुख दर्द संसद में लगातार उठाने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय को ही अब फैसला लेना है।
करीब पांच लाख रसोइये देश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन पकाते हैं। मिल रहे मेहनताने से परिवार तो दूर अकेले का भी पेट भरना संभव नहीं है। इस काम के लिए उन्हें प्रतिमाह केवल एक हजार रुपये मिलता है। प्रतिदिन की आय केवल 27 रुपये 39 पैसे बैठती है। विद्यालयों में रोजाना पांच से छह घंटे तक मेहनत करने वाले ये रसोइये अपनी समस्या को लेकर लगातार गुहार लगाते रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में बच्चों का पेट भरने वाले इन रसोइयों को साल में केवल 10 महीने ही काम मिल पाता है। दो महीने की छुट्टियों का पैसा इन्हें नहीं मिलता है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉक्टर पांडेय सांसद के तौर पर उनकी समस्याओं को कई बार उठा चुके हैं।
पिछले दिनों भारतीय विद्यालय रसोइया संघ के बैनर तले इनका एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलने पहुंचा। जावड़ेकर ने उन्हें तुरंत सीधे अपने राज्यमंत्री के पास भेज दिया। रसोइया संघ से मुलाकात में राज्यमंत्री ने सकारात्मक संकेत दिया और उनकी आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। रसोइया संघ के ज्ञापन में इस बात की आशंका जताई गई कि सरकारी विद्यालयों में ताजा भोजन देने की जगह रेडीमेड खाद्य पदार्थ की आपूर्ति शुरू की जा सकती है। निजी कंपनियां और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) का इस बाबत दबाव है। डॉक्टर पांडेय ने संघ के पदाधिकारियों से कहा कि उन्हें जल्दी ही ‘अच्छी खबर’ देंगे।
महंगाई को देखते हुए मिड डे मील की राशि कई बार बढ़ाई गई, लेकिन इन रसोइयों की वित्तीय हालत पर कोई विचार नहीं किया गया। संघ ने अपने ज्ञापन में मेहनताना एक हजार को बढ़ाकर पांच हजार करने और पूरे साल यानी 12 महीने भुगतान करने की मांग की है। इसके अलावा पक्की नौकरी और पेंशन की सुविधा मांगी है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय की ‘मिड डे मील योजना’ के तहत देश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का प्रावधान है। इसमें भोजन पकाने का दायित्व स्थानीय स्तर पर किसी महिला अथवा पुरुष को दिया जाता है।


बीटीसी बैच 2013/ सेवारत उर्दू (मृ0आ0 ) बीटीसी के चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा वर्ष 2016 की समय सारिणी जारी


बीटीसी बैच 2013/ सेवारत उर्दू (मृ0आ0 ) बीटीसी के तृतीय सेमेस्टर परीक्षा वर्ष 2016 की समय सारिणी जारी


बीटीसी बैच 2013/ सेवारत उर्दू (मृ0आ0 ) बीटीसी के द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा वर्ष 2016 की समय सारिणी जारी


Saturday, 30 July 2016

तीन गुना बढ़ सकता है रसोइयों का मेहनताना


15000 सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति पर करें विचार, कट ऑफ मेरिट से नीचे वालों को मिल सकता है मौका: हाईकोर्ट

15000 सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति पर करें विचार, कट ऑफ मेरिट से नीचे वालों को मिल सकता है मौका: हाईकोर्ट

विसं, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में ज्वाइन न करने के कारण खाली पदों पर कट ऑफ मेरिट से नीचे के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया है। याची का
कहना है कि कुशीनगर में आठ चयनित अभ्यर्थियों ने उर्दू टीचर पद पर ज्वाइन करने के कारण सामान्य सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति से इन्कार कर दिया है। इन खाली पदों पर मेरिट में नीचे होने के कारण याचियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र ने मनोज कुमार सिंह व तीन अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने बीएसए को इस मामले में तीन माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। याची के अधिवक्ता राघवेन्द्र सरन तिवारी का कहना है कि कुशीनगर के सहायक अध्यापक पद पर चयनित आठ अभ्यर्थियों ने बीएसए को पत्र लिखकर ज्वाइन करने से इन्कार किया है। इसके बावजूद चयन व नियुक्ति सूची में उन्हीं का नाम दिखाया जा रहा है। इसी प्रकार कई लोगों के पद खाली रह गए हैं। ऐसे में कट ऑफ मेरिट में नीचे के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए।


यू0पी0 टीईटी -2015 रिजल्ट अपलोड, प्रमाणपत्र अगले माह

यू0पी0 टीईटी -2015 रिजल्ट अपलोड, प्रमाणपत्र अगले माह

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2015 का रिजल्ट फिर वेबसाइट पर अपलोड हो गया है। इससे शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों के अंकपत्र आदि का सत्यापन कार्य बाधित नहीं होगा। ऑनलाइन प्रमाणपत्र
तैयार किया जा रहा है और अगले माह जारी होने के आसार हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में इन दिनों 16448 शिक्षकों की भर्ती चल रही है, लेकिन टीईटी 2015 का प्रमाणपत्र अब तक नहीं मिल पाया है। साथ ही वेबसाइट से अंकपत्र भी हट गया था। इसका कारण शासन के स्तर पर टालमटोल रही है। भर्ती प्रक्रिया को देखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने अंकपत्र फिर से वेबसाइट पर अपलोड करा दिया है, ताकि अभ्यर्थियों के अंकों का सत्यापन आसानी से हो सके। यही नहीं टीईटी का ऑनलाइन प्रमाणपत्र देने की भी तैयारी तेजी से चल रही है। रजिस्ट्रार नवल किशोर ने बताया कि अगले माह के अंत तक ऑनलाइन प्रमाणपत्र वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा, ताकि अभ्यर्थी उसे आसानी से निकाल सकें।


एकमुश्त बकाए के साथ मिलेगा अगस्त का वेतन, अबकी वेतन में पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल

एकमुश्त बकाए के साथ मिलेगा अगस्त का वेतन, अबकी वेतन में पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल


देश भर में 47 लाख केंद्रीय कर्मी और 53 लाख पेंशनरों की दिवाली दो महीने पहले ही हो जाएगी। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक अगस्त की तनख्वाह बढ़े हुए वेतनमान के साथ देने का एलान
किया है। इसमें पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल होगा।1केंद्र सरकार के तमाम मंत्रलयों को भेजे एक ज्ञापन में वित्त मंत्रलय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल का खाका पेश किया है। इसी के साथ यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पेंशनरों को 31 अगस्त को मोटी रकम मिलेगी जबकि दिवाली 30 अक्टूबर को है। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये और अधिकतम 2.50 लाख रुपये तय किया गया है। वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी 14.5 फीसद से लेकर 23 फीसद के बीच है। वित्त मंत्रलय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बकाये का भुगतान इनकम टैक्स काटने के बाद किया जाएगा। साथ ही जनरल प्रॉविडेंट फंड और न्यू पेंशन स्कीम में भी किस्त डाली जाएगी।1वित्त मंत्रलय के मुताबिक, वेतन में फेरबदल पहली जनवरी से प्रभावी होगा। हालांकि 1 जनवरी से लागू संशोधित वेतनमान में महंगाई भत्ते की दर शून्य होगी। मंत्रलय ने कहा है कि संशोधित वेतनमान के लिए महंगाई भत्ते की पहली किस्त की दर और लागू होने की तारीख का एलान बाद में होगा। 1महंगाई भत्ते के छोड़ बाकी भत्ताें में फेरबदल के लिए अधिसूचना बाद में जारी होगी। अधिसूचना जारी होने तक महंगाई भत्ते को छोड़े बाकी भत्ते पुरानी दर और पुराने वेतनमान के हिसाब से मिलेंगे। एलटीसी, ट्रैवलिंग अलाउंस और इलाज के लिए एडवांस की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।


टीजीटी होमसाइंस का रिजल्ट घोषित


7वां वेतन आयोग : ढाई गुना नहीं, सिर्फ 14 फीसदी बढ़ा वेतन, आकड़ों की आड़ में भ्रामक प्रचार से कर्मचारी नाराज, सरकार को दी सलाह स्पष्ट की जाये स्थिति


अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सूची अगस्त में


अब प्रदेश में न रहेगा एकल शिक्षक विद्यालय, बड़ी संख्या में तैनाती के बावजूद कई एकल शिक्षक विद्यालय संचालित, सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से 10 अगस्त तक मांगा गया प्रस्ताव

अब प्रदेश में न रहेगा एकल शिक्षक विद्यालय, बड़ी संख्या में तैनाती के बावजूद कई एकल शिक्षक विद्यालय संचालित, सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से 10 अगस्त तक मांगा गया प्रस्ताव

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश में लाखों शिक्षकों की तैनाती के बाद भी ऐसे स्कूलों की भरमार है, जो एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करके वहां शिक्षकों का समायोजन करने की तैयारी है। इसके
लिए सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से एकल शिक्षक स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही उन विद्यालयों की भी सूची तलब भी गई है, जहां आठ या उससे अधिक शिक्षक तैनात हैं। माना जा रहा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर शासन नकेल कसने की तैयारी में है।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इधर दो वर्षो में लगभग तीन लाख नए शिक्षकों की तैनाती हुई है। इतनी संख्या में शिक्षकों के आने के बाद भी एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में भी कमी नहीं आई है, बल्कि प्रदेश भर में करीब आठ हजार विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इस पर शासन ने कड़ी आपत्ति जताई है खास बात यह है कि सूबे में ऐसे भी स्कूलों की कमी नहीं है जहां आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात हैं। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में नई तैनाती समायोजन के जरिए करने की तैयारी है। शिक्षा निदेशक बेसिक डीबी शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से उन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी है, जहां आठ से अधिक अध्यापक तैनात हैं। वहीं दूसरी सूचना उन स्कूलों की देनी है, जहां एक ही शिक्षक नियुक्त है।
शिक्षा निदेशक ने बीएसए को यह निर्देश दिया है कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों का स्थानांतरण एवं समायोजन प्रस्ताव दस अगस्त तक बेसिक शिक्षा परिषद सचिव के कार्यालय भेजें। माना जा रहा है कि इसके बाद जिलों के अंदर तबादले के लिए नए निर्देश जारी होंगे। असल में शासन ने बीएसए की मनमानी कार्यशैली पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है। साथ ही वह शिक्षक भी इस कार्रवाई की जद में आएंगे जो पैसे एवं पहुंच के दम पर मनचाहे स्कूलों में तैनाती लिए हैं भले ही वहां पहले से छात्रों के अनुपात में शिक्षक अधिक तैनात रहे हों। यह स्थानांतरण समायोजन अगस्त माह में ही पूरा कर लिए जाने की तैयारी है। परिषद सचिव भी इस संबंध में निर्देश जारी करने की तैयारी में हैं।


बीईओ स्थानांतरण : आदेश न मानने वालों को नोटिस जारी, नीति के तहत तबादलों का मामला मंडल में दस वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को मिली नई तैनाती पांच अगस्त तक देना है जवाब, इसके बाद शुरू होगी निलंबन की कार्रवाई

आदेश न मानने वालों को नोटिस जारी, नीति के तहत तबादलों का मामला

मंडल में दस वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को मिली नई तैनाती

पांच अगस्त तक देना है जवाब, इसके बाद शुरू होगी निलंबन की कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : दस वर्षो से एक मंडल में जमे खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) दूसरे मंडलों में नवीन तैनाती स्थलों पर नहीं जा रहे हैं। ऐसे बीईओ को नोटिस जारी कर दिया गया है। आदेश न मानने वाले बीईओ से पांच अगस्त तक जवाब मांगा गया है। इसके बाद निलंबन आदेश जारी होंगे। शिक्षा निदेशालय से सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को ई-मेल के जरिए निर्देश भेज दिए गए हैं।
शासन ने इस बार भी वार्षिक स्थानांतरण नीति 2016-17 जारी की है। इसी नीति के अनुरूप शिक्षा विभाग में अपने सेवाकाल में मंडल में दस वर्ष की अवधि पूरी कर चुके प्रदेश भर में कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारियों को दूसरे मंडलों में नवीन तैनाती दी गई है। सभी बीईओ को आदेश जारी होते ही कार्यमुक्त भी कर दिया गया, लेकिन वह नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। आदेश की अवमानना करने वाले बीईओ की संख्या काफी अधिक है। ज्ञात हो कि प्रदेश में 1031 खंड शिक्षा अधिकारियों के सापेक्ष करीब 850 अधिकारी तैनात हैं। उनमें से 98 का तबादला हुआ है, लेकिन 55 बीईओ ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इससे परिषदीय विद्यालयों का संचालन एवं पठन-पाठन के अलावा प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
आदेश न मानने वाले बीईओ स्थानांतरण संशोधन व निरस्त कराने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। इस पेशबंदी को शासनादेश एवं शासकीय आदेशों की अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है। शासन ने ऐसे बीईओ पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा के अपर निदेशक विनय कुमार पांडेय ने पहले आदेश जारी करके बीईओ को नवीन तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने का 26 जुलाई तक मौका दिया। इसके बाद कुछ बीईओ ने तो आदेश मान लिया, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में बीईओ काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे बीईओ को अब नोटिस जारी करके सभी से पांच अगस्त तक जवाब मांगा गया है। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई शुरू होगी। नोटिस सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है।


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