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जनपद के अंदर स्थानांतरण प्रकिया में ऑनलाइन आवेदन करें, समस्त दिशा निर्देश पढ़ते हुए यहां से आवेदन करें

शासनादेश  आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश   ( ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्र...

Monday, 31 October 2016

16448 शिक्षक भर्ती प्रारम्भ से लेकर अंत तक समस्त शासनादेश

इलाहाबाद:नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट पहुंचे एलटी ग्रेड टीचर

नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट पहुंचे एलटी ग्रेड टीचर
●2014 में विज्ञापित 4000 पदों पर अभी तक नहीं हुई नियुक्ति

प्रतापगढ़:फीकी रही वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों की दीपावली

फीकी रही वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों की दीपावली
स्कूल प्रशासन की लापरवाही से नहीं मिल सका मानदेय

स्कूल प्रशासन की लापरवाही से वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों की पहली दीपावली फीकी रही। कई बार पत्र लिखने के बाद भी शिक्षकों का ब्योरा डीआइओएस कार्यालय नहीं भेजा जा सका है।1गौरतलब है कि जिले में
स्थापित 497 वित्तविहीन कालेजों में लगभग आठ हजार शिक्षक कार्यरत है। इन कालेजों के शिक्षक मानदेय देने की मांग को लेकर पिछले दो दशक से आंदोलन कर रहे थे। इनके आंदोलन में माध्यमिक शिक्षक संघ भी सहभागी रहा। लंबे आंदोलन के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनकी मांग मान ली और सूबे के बजट में मानदेय के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित कर दिया। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षक यह सोच कर शांत हो गए कि जल्द ही उनके बैंक खाते में मानदेय की राशि पहुंच जाएगी। दो तीन महीने तक इंतजार करने के बाद जब मानदेय नहीं मिला तो शिक्षक डीआइओएस कार्यालय संपर्क करने लगे। तब उन्हें यह जानकारी हुई कि मानदेय के संबंध में न तो कोई गाइडलाइन जारी की गई है और न ही इसके लिए बजट उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद शिक्षकों ने फिर धरना प्रदर्शन शुरू किया। शिक्षक विधायकों ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया। तब सितंबर महीने में मानदेय के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए जिले को 3 करोड़ रुपये बजट मुहैया कराया।1हालांकि गाइडलाइन जारी होने के बाद लगभग ढाई सौ कालेजों के चार हजार शिक्षक निराश हो गए हैं। क्योंकि उन्हीं कालेजों के शिक्षकों को मानदेय मिलेगा, जो वर्ष 2012 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं। इस कटेगरी में लगभग 250 कालेजों के चार हजार शिक्षकों को ही मानदेय मिलेगा। इन शिक्षकों को दीपावली के पहले मानदेय मिल जाता, लेकिन डीआइओएस द्वारा बार-बार पत्र जारी करने के बावजूद अभी तक अधिकांश कालेजों के शिक्षकों का ब्योरा स्कूल प्रशासन द्वारा डीआइओएस कार्यालय को नहीं भेजा गया है। वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों दीपावली मानदेय न मिलने से फीकी रही।लगभग 250 वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों को मानदेय दिया जाना है। कई बार पत्र लिखने के बाद अभी तक सिर्फ 35 कालेजों के शिक्षकों का ब्योरा मिल सका है। इस वजह से मानदेय जारी नहीं किया जा सका है। डा.ब्रजेश मिश्र, डीआइओएस।

इलाहाबाद:प्रशिक्षु शिक्षकों ने किया बहिष्कार

प्रशिक्षु शिक्षकों ने किया बहिष्कार
⊙मौलिक नियुक्ति के लिए जीओ जारी करने की मांग को लेकर रविवार को भी धरना जारी

प्रशिक्षु शिक्षकों का मौलिक नियुक्ति के लिए जीओ जारी करने की मांग को लेकर रविवार को भी धरना जारी रहा। प्रशिक्षु शिक्षकों ने दीपावली का बहिष्कार करते हुए शिक्षा निदेशालय पर धरना दिया। नेतृत्व कर रहे
अशोक द्विवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अधिकारी पालन नही कर रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता के चलते 839 प्रशिक्षु शिक्षक दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। इस अन्याय के खिलाफ हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी। धरना स्थल पर प्रशिक्षु शिक्षकों ने देश के शहीद सैनिकों के नाम दीप जलाकर उनकी शहादत को नमन किया। प्रदर्शन में प्रभात मिश्र, नीरज राय, आलोक श्रीवास्तव, संदीप पांडेय, अरविंद सिंह, नवीन शुक्ल, प्रदीप, राजेश, रवि आनंद, अकबर, कपिलदेव मौजूद रहे।

कानपुर:यूपी बोर्ड से 6.57 लाख ‘फर्जी’ परीक्षार्थी बाहर

यूपी बोर्ड से 6.57 लाख ‘फर्जी’ परीक्षार्थी बाहर
⊙धंधेबाजों ने पिछले पुरानेनंबरों का किया था प्रयोग
यूपी बोर्ड ने एक साफ्टवेयर बदल कर प्रदेश के तकरीबन साढ़े छह लाख से अधिक फर्जी (बोगस) परीक्षार्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया है। धंधेबाजों ने पिछले सालों की रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से इन छात्र छात्रओं
को परीक्षार्थी बनाने की कोशिश की थी परंतु बोर्ड के कंपयूटर ने इन्हें स्वीकार नहीं किया।1फर्जी छात्रों के प्रवेश व परीक्षा पर रोक लगाने के लिए यूपी बोर्ड ने नौवीं व ग्यारहवीं कक्षा के छात्र छात्रओं के पूर्व रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू कर रखी है। छात्रों की संख्या के अनुसार बैक में रजिस्ट्रेशन फीस जमा होती है। धंधेबाज अधिक संख्या में छात्रों का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करके प्रदेश व बाहरी प्रदेशों के छात्रों को पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर से परीक्षार्थी बना रहे थे। इससे बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी और निजी कालेजों की मोटी कमाई हो रही थी। बोर्ड को भनक लगी तो उसने व्यवस्था बदल दी। इसके चलते परीक्षार्थियों की संख्या साढ़े छह लाख से अधिक कम हो गयी।
बोर्ड ने पुराने नंबर लॉक किए : नौवीं व 11 वीं में मिले पंजीकरण संख्या के बिना बोर्ड का कंप्यूटर 10 व 12 वीं के परीक्षा आवेदन स्वीकार नहीं करता है। बोर्ड ने पहले के सभी सालों के रजिस्ट्रेशन नंबर साफ्टवेयर से लाक करवा दिये। नतीजा, पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर वाले परीक्षार्थियों को कंप्यूटर से सूची से बाहर कर दिया। 1प्रदेश की तस्वीर - पूर्व में हुए रजिस्ट्रेशन 1नौवीं की संख्या : 3732,010 1ग्यारहवीं की संख्या : 2986,409 1कुल संख्या : 6718419 1अर्ह मिले परीक्षार्थी : हाई स्कूल के परीक्षार्थी : 3404715, इंटर के परीक्षार्थी : 2656319 , कुल परीक्षार्थी : 60,61,034, कम हुए बोगस परीक्षार्थी : 657385 ।

इलाहाबाद:फिर उठा भर्तियों में भ्रष्टाचार का मामला

फिर उठा भर्तियों में भ्रष्टाचार का मामला

शिक्षकों और प्राचार्यो की नियुक्ति के लिए लिपिक और शिक्षा मित्र रहे लोगों को बनाया गया सदस्य
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य आयोगों की भर्तियों में भ्रष्टाचार और अयोग्य सदस्यों की नियुक्ति का मामला प्रतियोगी छात्रों ने फिर उठाना शुरू किया है। छात्रों ने इस बार राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश को पत्र
भेजकर उनसे सभी प्रकरणों की जांच कराने की मांग की है। कहा है कि इस दीपावली पर यदि ऐसा होता है तो हजारों छात्रों के अंधकारमय भविष्य में उजाला हो जाएगा।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि लोक सेवा आयोग में डा. अनिल यादव के कार्यकाल में जातिवाद, पैसावाद, क्षेत्रवाद के सहारे मनमानी भर्तियां की गईं। इसके विरोध में जनहित याचिका दाखिल की गई। इन भर्तियों की सीबीआइ जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पत्र में आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। कहा गया है कि तथ्यों की छिपाकर इनकी अनदेखी की गई। 1समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय की ओर से लिखे इस पत्र में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की भर्तियों पर भी उंगलियां उठाई गई हैं और कहा गया है कि यहां के सदस्यों की नियुक्ति भी विवादों में रही। इंटर तक के शिक्षकों और प्राचार्यो की नियुक्ति के लिए लिपिक और शिक्षा मित्र रहे लोगों को सदस्य बनाया गया। यह चयन बोर्ड का खुला मजाक उड़ाया जाना है। 1उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग में सदस्यों की नियुक्तियां अवैध ठहराई जा चुकी हैं लेकिन वहां कोरम के अभाव में काम ठप पड़ा है। आयोग के सचिव पद पर शासन ने संजय सिंह की नियुक्ति की थी जो मात्र प्रवक्ता है जबकि यह पद आइएएस कैडर का है। संजय सिंह को आयोग से हटाया गया है लेकिन अब भी उनका हस्तक्षेप बना हुआ है। इसी प्रकार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियां भी विवादों से घिरी हुई हैं।

Sunday, 30 October 2016

कुशीनगर:बेसिक शिक्षको में उबाल

बी एस ए द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमे का सभी शिक्षक दलो ने किया विरोध

लखनऊ:अनुदानित विद्यालयों में अब बायोमैट्रिक हाजिरी

अनुदानित विद्यालयों में अब बायोमैट्रिक हाजिरी

लखनऊ:सूबे में तीन हजार और शिक्षकों को अन्तर्जनपदीय तबादला का मिलेगा उपहार, लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद के लिए नहीं होगा विचार

सूबे में तीन हजार और शिक्षकों को अन्तर्जनपदीय तबादला का मिलेगा उपहार, लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद के लिए नहीं होगा विचार

इलाहाबाद: पद न भर्ती फिर भी पांच लाख दावेदार

● लेकिन अब उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सीधी भर्ती से नहीं भरे जाएंगे शिक्षकों के पद।
इलाहाबाद : किसी भी भर्ती में बड़ी संख्या में आवेदन होना आम बात है, लेकिन यहां तो सीधी भर्ती की दूर-दूर तक उम्मीद न होने के बाद भी दावेदारों की भरमार है। जी हां, हम बात कर रहे हैं शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2016 की। इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए पांच लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है, जबकि इन स्कूलों में सारे पदों को प्रमोशन से ही भरा जाना है। प्राथमिक स्कूलों में सीधी भर्ती होती है, लेकिन वहां ढाई लाख दावेदार ही सामने आए हैं।

प्रदेश के शिक्षक बनने के इच्छुक युवाओं की यूपी टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसकी परीक्षा 19 दिसंबर को कराया जाना प्रस्तावित है। सूबे में यह परीक्षा इसके पहले चार बार कराई जा चुकी है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान-गणित के 29334 युवाओं की सीधी भर्ती ही हुई है। बेसिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमावली में उच्च प्राथमिक सहायक अध्यापकों के पद प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के प्रमोशन से भरे जाने का प्रावधान है, लिहाजा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए आगे कोई सीधी भर्ती नहीं होगी। इस पर युवाओं का तर्क था कि जब भर्ती नहीं होनी है तो टीईटी में यह परीक्षा ही क्यों कराई जा रही है इसे खत्म किया जाए। विवाद बढ़ने पर यह आशंका थी कि उच्च प्राथमिक के लिए इस बार आवेदन बहुत कम होगा।

पुराने अनुमानों को धता बताते हुए इस बार भी उच्च प्राथमिक विद्यालय युवाओं की पसंद रहे हैं। इसीलिए सबसे अधिक आवेदन पांच लाख आठ हजार 44 हुए हैं, वहीं प्राथमिक विद्यालयों में सीधी भर्ती समय-समय पर होती रहती है वहां के लिए महज दो लाख 54 हजार 16 युवाओं ने आवेदन किया है।

इस उलटफेर का मायने परीक्षा नियामक महकमा भी खोज नहीं सका है, बल्कि उसका कहना है कि उनके यहां से आवेदन मांगे गए थे, युवाओं को अपनी पसंद के अनुसार दावेदारी करनी थी। यह पसंद किसी एक क्षेत्र की नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में अधिकांश युवाओं का रुझान उच्च प्राथमिक विद्यालय ही हैं। माना जा रहा है कि टीईटी इम्तिहान का परिणाम आने के बाद सीधी भर्ती के लिए युवा दबाव बना सकते हैं।

इलाहाबाद:पद खाली, भर्ती पर असमंजस

इलाहाबाद:पद खाली, भर्ती पर असमंजस: तमाम भर्तियों के बाद भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली, आदेश जारी होने की राह ताक रहे उम्मीदवार.......।

इलाहाबाद:बीएसए आदेशों की अवहेलना पर उतारू, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव के निर्देश पर नहीं भेजी रिपोर्ट, अब शिक्षा निदेशक बेसिक ने मांगा रिक्त शिक्षक पदों का ब्योरा

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकोंके रिक्त पदों की सूचना देने में बीएसए आनाकानी कर रहे हैं। परिषद सचिव के कई बार निर्देश देने पर भी जवाब नहीं आया तो शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए के इस रवैये पर गंभीर आपत्ति जताई है साथ ही इसे विभागीय आदेशों की अवहेलना तक माना है। निदेशक ने सभी बीएसए से तत्काल पूरी रिपोर्ट परिषद मुख्यालय भेजने का आदेश दिया है।परिषदीय विद्यालयों में तीन वर्ष के बाद अंतर जिला तबादले हुए हैं। इसमें हजारों शिक्षक एक से दूसरे जिलों में गए हैं। वहीं, जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षकों का प्रमोशन तेजी हुआ है। इस बार तो तीन वर्ष तक की सेवा वाले शिक्षकों को भी पदोन्नति का लाभ देने के निर्देश हुए हैं। ऐसे में हर जिले में सहायक अध्यापकों के पद बड़ी संख्या में खाली हुए हैं। परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को प्रोफार्मा भेजकर इसकी रिपोर्ट भेजने का कई बार निर्देशदिया, लेकिन अधिकांश बीएसए ने अनसुनी कर दी। इससे अफसरों की किरकिरी हो रही है। असल में प्रदेश सरकार की मंशा है कि विधानसभा चुनाव करीब है ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया इस मौके पर गतिमान रहे। इसके लिए रिक्त पदों का ब्योरा होना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर बीटीसी 2013 के अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय में आंदोलन कर रहे हैं। परिषद सचिव ने बीएसए की कार्यशैली से वरिष्ठअफसरों को अवगत कराया। तब बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने कमान संभाली है।उन्होंने बीएसए को पत्र भेजकर कहा कि वांछितसूचनाएं न भेजना आपत्तिजनक है और यह विभागीयआदेशों की अवहेलना भी है। उन्होंने लिखा कि यह प्रकरण महत्वपूर्ण है इसलिए गुरुवार को ही पूरी रिपोर्ट परिषद मुख्यालय को भेजी जाए।

Saturday, 29 October 2016

सीतापुर : उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा सीतापुर के अनुमोदनोपरान्त एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर द्वारा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई बेहटा व बिसवाँ शाखा सीतापुर के त्रिवार्षिक चुनाव अधिवेशन

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा सीतापुर के अनुमोदनोपरान्त एवं *जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर* द्वारा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई बेहटा व बिसवाँ शाखा सीतापुर के त्रिवार्षिक चुनाव अधिवेशन में प्रतिभाग करने वाले सदस्य अद्यापक/अद्यपिकाओ हेतु विशेष अवकाश स्वीकृतोपरान्त 08 नवम्बर 2016 दिन मंगलवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र बेहटा पर अधिवेशन होना सुनिश्चित हुवा है।

कुशीनगर: बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता अब नए डेट पर

8,9,10 नवम्बर को होगी पडरौना बी आर सी पर जनपद स्तरीय प्रतियोगिता

इलाहाबाद : सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही बनेगे,टीईटी केंद्र

मेरिट नहीं लिखित परीक्षा से हो शिक्षको की भर्ती

लखनऊ : मिडे मील के लिए बच्चों को मिलेगा थाली - गिलास ,मुख्य मंत्री ने किया शुभारम्भ

फरुखाबाद : सीएम के ठप्पे वाली थाली में डीएम ने भी खाया

इलाहाबाद : सचिव के खाते पर बित्त बिभाग ने फिर जवाब मांगा

वेबसाइट दो नवंबर तक चलेगी, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2016 में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अब आवेदन का प्रिंट आउट निकाल सकेंगे

वेबसाइट दो नवंबर तक चलेगी, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2016 में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अब आवेदन का प्रिंट आउट निकाल सकेंगे

निजी जैसे होंगे बेसिक स्कूल

निजी जैसे होंगे बेसिक स्कूल-सीएम अखिलेश यादव

सीतापुर: थाली गिलास पाकर खिले बच्चों के चेहरे

थाली गिलास पाकर खिले बच्चों के चेहरे
●डीएम ,विधायक,एमएलसी और पालिकाध्यक्ष ने बाँटे बर्तन

बीटीसी में खुले आम बदल रहे रिकार्ड

बीटीसी में खुलेआम बदल रहे रिकार्ड

कुशीनगर:बच्चो की भी मनी धनतेरस, मिली थाली और गिलास

पडरौना विकास खंड से शुरू हुआ निः शुल्क वर्तन वितरण खिले परिषदीय बच्चो के चेहरे

कुशीनगर:बी एस ए ने शिक्षको पर दर्ज कराया मुकदमा

बी एस ए ने विवाद करने वाले कुल 9 मुख्य अध्यापको पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है

Friday, 28 October 2016

अमेठी: दिनांक 15.09.16 को अनन्त चतुर्दशी को मतदाता पुनरीक्षण में विद्यालय खोले जाने के क्रम में दिनांक 02.11.16 को प्रतिपूर्ति अवकाश दिए जाने के सम्बन्ध में आदेश

टीईटी 2016 : प्राथमिक स्तर एवं उच्च प्राथमिक स्तर में उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा 2016 में जनपदवार ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्यात्मक सूची देखें एवं डाउनलोड करे

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान शिक्षण हेतु परिवेशीय/क्रय की जाने वाली सहायक सामग्री की सूची

फतेहपुर : बीटीसी बेरोजगारों ने पद बढोत्तरी के लिये शिक्षकों की पदोन्नति की उठाई मांग, डीएम को दिया ज्ञापन

Thursday, 27 October 2016

कन्नौज : 16448/275 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया में रिक्त पदों के सापेक्ष पूर्व काउंसलिंग में अर्ह अभ्यर्थियों की चयन/नियुक्ति प्रक्रिया की कार्यवाही की जाये अथवा नही, के सम्बन्ध में बीएसए कन्नौज ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद से माँगा स्पष्ट दिशा निर्देश

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उ0प्र0 इलाहाबाद द्वारा सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों की मांगी गयी सूचना समस्त बीएसए द्वारा न उपलब्ध करा पाने की दशा में शिक्षा निदेशक उ0प्र0 ने आज शाम तक प्रत्येक दशा में सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में दिए सख्त आदेश

दिवाली से पहले डबल बोनस का आदेश जारी, देखे बोनस की खास बातें

अनुदेशक भर्ती में दो दिन में 5775 आवेदन

टीईटी 16 के लिए पौने 11 लाख रजिस्ट्रेशन

फतेहपुर : एमडीएम के बर्तनों में सीएम के स्टीकर से मचा बवाल,वितरण शुरू

एमडीएम के बर्तनों में सीएम के स्टीकर से मचा बवाल

फतेहपुर: मध्याह्न भोजन खाने वाले बच्चों को दिए जाने वाले बर्तन में सीएम अखिलेश यादव का स्टीकर लगाए जाने से बवाल मच गया है। भाजपा सांसद और सदर विधायक ने स्टीकर लगे बर्तन वितरण के कार्यक्रम में न जाने का निर्णय लिया है। वहीं सपा सरकार पर आरोप लगाया कि नाकामी छिपाने के लिए इस तरह के कुत्सित प्रयास किया जाना करार दिया है। प्रथम चरण में नगर क्षेत्र मुख्यालय को शामिल किया गया है। शासन द्वारा भेजी गई खेप में मुख्यमंत्री का चित्र थाली और गिलास में चिपका है। जिसको लेकर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस योजना में 1,29,169 बच्चों को थाली-गिलास दिया जाना है। 13069 बर्तनों की आई खेप : एमडीएम खाने के लिए बच्चों में वितरित किए जाने वाले बर्तनों की खेप बुधवार को आ गई। नगर संसाधन केंद्र से सुबह पहर से प्रधानाध्यापकों के माध्यम से इसे स्कूलों में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। नगर संसाधन केंद्र में उतारी गई बच्चों की खेप का दिन भर वितरण होता रहा। बीएसए विनय कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम खेप में नगर क्षेत्र का वितरण होगा। महात्मा गांधी कन्या विद्यालय पुरानी तहसील के सामने 28 अक्टूबर को धनतेरस के दिन इसका वितरण कराया जाएगा। जनप्रतिनिधियों में सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सदर विधायक विक्रम सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव और सदर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश लोधी को अतिथि बनाया गया है। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।1साढ़े चार साल के कार्यकाल में अखिलेश सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिससे वह जनता के दिलों में पैठ बना सकें। बच्चों को दिए जाने वाले बर्तन में स्टीकर लगाया जाना बेहद खराब बात है। केंद्रीय योजनाओं में भेजे जा रहे रूपयों में इस तरह के खेल किए जा रहे हैं। 28 एवं 29 अक्टूबर को जिले के दौरे में रहेंगी लेकिन इस कार्यक्रम में कतई नहीं शिरकत करेंगी। -साध्वी निरंजन ज्योति, सांसद- खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री ।14 28 अक्टूबर को धनतेरस के दिन होना है नगर क्षेत्र में वितरणबच्चों के वितरण के लिए आए मुख्यमंत्री के स्टीकर लगे बर्तन। जागरण

बीएड बेरोजगारों ने भरी हुंकार, विभिन्न मांगों को लेकर निकाला जुलुस

फतेहपुर : इस्तीफा देकर ही अनुदेशक बन सकते हैं भर्ती का हिस्सा,पहले से तैनात अनुदेशक शामिल नहीं हो सकेंगे, अनुदेशकों को पहले अपनी सेवा से इस्तीफा देना होगा, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, संजय सिन्हा द्वारा जारी पत्र में उक्त बातें स्पष्ट हुई

इस्तीफा देकर ही अनुदेशक बन सकते हैं भर्ती का हिस्सा

फतेहपुर : प्रदेश में 32 हजार शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पहले से तैनात अनुदेशक शामिल नहीं हो सकेंगे। अनुदेशकों को पहले अपनी सेवा से इस्तीफा देना होगा। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, संजय सिन्हा द्वारा जारी पत्र में उक्त बातें स्पष्ट हुई हैं। इस संदर्भ में उन्होने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भी शासनादेश जारी किया है। ज्ञात हो कि पूरे प्रदेश में 32 हजार शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रकिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया में बीपीएड एवं डीपीएड के अभ्यर्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। पूर्व में तैनात किए गए अनुदेशक भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाह रहे थे। जिसको लेकर एक नया विवाद सामने आ गया था। इस संदर्भ में रायबरेली जनपद के लालगंज तहसील निवासी अमित कुमार सिंह द्वारा सूचना अधिकार कानून के तहत सरकार से यह पूछा गया था कि क्या अनुदेशक इस भर्ती में शामिल हो सकते हैं या नहीं। जनसूचना के संदर्भ में मांगी गई उक्त जानकारी के सापेक्ष सचिव बेसिक शिक्षा ने जवाब के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि पूर्व में तैनात किए गए अनुदेशक शारीरिक शिक्षक भर्ती में तभी हिस्सा ले सकते हैं, जब वह अपने पद से इस्तीफा दें। इस संदर्भ में उन्होने शासन की तरफ से सभी जिलों को पत्र जारी किया है। बीपीएड संगठन के जिलाध्यक्ष गिरीश पांडेय ने कहा कि शासन का उक्त निर्णय सराहनीय है। इससे अधिक से अधिक बेरोजगार बीपीएड डिग्री धारकों को रोजगार के अवसर सुलभ हो सकेंगे।फतेहपुर : प्रदेश में 32 हजार शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पहले से तैनात अनुदेशक शामिल नहीं हो सकेंगे। अनुदेशकों को पहले अपनी सेवा से इस्तीफा देना होगा। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, संजय सिन्हा द्वारा जारी पत्र में उक्त बातें स्पष्ट हुई हैं। इस संदर्भ में उन्होने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भी शासनादेश जारी किया है। ज्ञात हो कि पूरे प्रदेश में 32 हजार शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रकिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया में बीपीएड एवं डीपीएड के अभ्यर्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। पूर्व में तैनात किए गए अनुदेशक भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाह रहे थे। जिसको लेकर एक नया विवाद सामने आ गया था। इस संदर्भ में रायबरेली जनपद के लालगंज तहसील निवासी अमित कुमार सिंह द्वारा सूचना अधिकार कानून के तहत सरकार से यह पूछा गया था कि क्या अनुदेशक इस भर्ती में शामिल हो सकते हैं या नहीं। जनसूचना के संदर्भ में मांगी गई उक्त जानकारी के सापेक्ष सचिव बेसिक शिक्षा ने जवाब के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि पूर्व में तैनात किए गए अनुदेशक शारीरिक शिक्षक भर्ती में तभी हिस्सा ले सकते हैं, जब वह अपने पद से इस्तीफा दें। इस संदर्भ में उन्होने शासन की तरफ से सभी जिलों को पत्र जारी किया है। बीपीएड संगठन के जिलाध्यक्ष गिरीश पांडेय ने कहा कि शासन का उक्त निर्णय सराहनीय है। इससे अधिक से अधिक बेरोजगार बीपीएड डिग्री धारकों को रोजगार के अवसर सुलभ हो सकेंगे।

आदेश देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

*पूर्व में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशक नवीन शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद अनुदेशकों की भर्ती में नही कर सकते आवेदन, सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के द्वारा मांगी सूचना के जवाब में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने दिया जवाब, आदेश की प्रति देखें*

http://www.shikshavibhagkihalchal.net/2016/10/2005.html

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