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Thursday, 30 June 2016

ललितपुर : अत्यंत गर्मी के कारण जिलाधिकारी ललितपुर ने 02 जुलाई तक विद्यालय बन्द करने के दिए आदेश


जनपद में संचालित अमान्य विद्यालयों को बंद कराये जाने की सूची उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में आदेश


नव नियुक्त सहायक अध्यापकों ( प्रशिक्षु शिक्षक/ बीटीसी / उर्दू शिक्षक एवम् अन्य ) का वेतन का भुगतान ईद के त्यौहार से पहले कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी

रसोइया चयन के सम्बन्ध आदेश जारी

लखनऊ : बलराम यादव को एक बार फिर माध्यमिक शिक्षा विभाग

16448 शिक्षक भर्ती में आवदेन प्रारम्भ, इच्छुक अभ्यर्थी समस्त दिशा निर्देश पढ़ते हुए आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें


गोरखपुर : मृतक आश्रितों ने बैठक कर जताई खुशी।

उत्तर प्रदेशिय मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने पंथ पार्क गोरखपुर में बैठक रखी।
बैठक को संबोधित करते हुवे जिला अध्यक्ष चन्दन मिश्र ने बताया कि पिछले दिनों 1जून से 14जून तक चले अनिश्चित कालीन धरने पर उच्च अधिकारियो ने अपनी मागो पर शीघ्र विचार करने का आस्वासन दिया है।
सचिव बेसिक शिक्षा अजय सिंह ने मागो पर विचार करते हुवे कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में ये जटिल मुद्दा है।
जिसके चलते मृतक आश्रितों को अनुकम्पा का लाभ तो दिया गया है। पर उनकी योग्यता अनुसार पद का निर्धारण नहीं किया जा सका जो की विचारणीय है।
विभाग इस कमी को बहुत जल्द दूर करे गा।
आगामी दो महीने के अंदर मृतक आश्रित कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संसोधन करते हुवे पदोन्नति एव पदनाम सेवा नियमावली का सासनादेश निर्गत किया जाये गा।

जिला महा मंत्री नन्दकिशोर राय ने कर्मचारियों को बताया कि यह हम सभी के लिए एक अच्छी खबर है।और हम सब को  पदोन्नति मिलनी ही चाहिए संघ द्वारा लगातार पैरवी चल रही है जिसका जल्द ही सफल परिणाम आये गा।उपाध्यक्ष अभय दुबे ने बताया की अगर सफल वार्ता अनुसार 30 दिन के अंदर प्रगति न दिखाई दी तो 45 दिन बाद कर्मचारियों द्वारा एक जोरदार शक्ति प्रदर्शन के लिए सरकार एव विभाग तैयार रहे।
मृतक आश्रितों ने एक दूसरे को गले लगा कर बधाई दी।
इस बैठक में सरस्वती,ममता,फूलमती,शिवरतनलाल,पियूष श्रीवास्तव,रामप्रकाश,फैजान,फरान,मोजम्मिल,रूद्र,सनी,रामजी,उमाशंकर,प्रवीण,आरुष,ससांक,राहुल,विनय मिश्रआदि कर्मचारी मौजूद थे।

बिजनौर : मृतक आश्रित कर्मचारियों ने कहा माग पूरी न हुई तो करेगे आंदोलन

नवयुक्त bsa संजय कुशवाहा का स्वागत करने पहुँचा मृतक आश्रित कर्मचारी संघ जिसमे जिला अध्यक्ष अनुराग  ने bsa से सारी समस्या से अवगत कराया ।प्रदेश उपाध्यक्ष शशांक कौशिक ने कहा इतने हाई क्वालिफाइड लोगो के साथ थोड़ी नरमी बरती जाये  और उनकी ड्यूटी brc या और कामो में जबरदस्ती ना लगाई जाये जिला मंत्री और मण्डल अध्यक्ष सलमान जी ने भी कर्मचारियों की समस्या से bsa को अवगत कराया।

गोरखपुर: सुबह आठ बजे से खुले गे परिषदीय विद्यालय

शिक्षक भर्ती शुरू होने से पहले ही तय कर लिया वकील

शिक्षक भर्ती शुरू होने से पहले ही तय कर लिया वकील

इलाहाबाद संजोग मिश्र

सरकारी शिक्षक के लिए लगभग सभी भर्तियों में हो रही कानूनी अड़चनों ने बेरोजगारों को इस कदर डरा दिया है कि फार्म भरने से पहले वे वकीलों को इस बात के लिए पेशगी पहुंचा रहे हैं कि उनकी नौकरी में कोई अड़ंगा न हो। ताजा मामला गुरुवार से शुरू हो रही सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़ा है।भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन गुरुवार से शुरू होने हैं लेकिन उससे पहले बीटीसी 2011 बैच के अभ्यर्थियों ने सर्विस मैटर के एक मशहूर वकील को पेशगी के तौर पर 70 हजार रुपए पहुंचा दिए। सात लाख रुपए में डील इस बात पर तय है कि वकील साहब इस भर्ती से कानूनी अड़चनों को दूर रखेंगे ताकि 2011 बैच के बेरोजगारों को समय से नियुक्ति पत्र मिल सके।दरअसल 16,448 शिक्षक भर्ती में बीटीसी 2013 बैच के अभ्यर्थी शामिल होना चाहते हैं। 2013 बैच के अभ्यर्थियों की एकेडमिक मेरिट 2011, 2012 या इससे पुराने बैच के बीटीसी-टीईटी पास बेरोजगारों से अधिक है। यदि 2013 बैच के अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल हो गए तो पुराने बैच के बेरोजगारों की सरकारी टीचरी का सपना टूट सकता है।ये बेरोजगार भी भलीभांति जानते हैं कि एक बार नौकरी की रेस में पिछड़े तो दोबारा मौका मिलना मुश्किल है, क्योंकि जितनी तेजी से बीटीसी कॉलेजों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है वैसे ही बीटीसी प्रशिक्षुओं की लाइन बढ़ रही है। एक समय बीटीसी में दाखिला जहां सरकारी शिक्षक बनने की गारंटी मानी जाती थी, वहीं आने वाले समय में बीटीसी डिग्रीधारी भी बीएड वालों की तरह भटकते नजर आएंगे।

जौनपुर:- मृतक आश्रित कर्मचारियों ने किया पदाधिकारीयो का चुनाव

कन्नौज : 15000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र न मिलने पर अभ्यर्थियों ने बीएसए दफ्तर में काटा हंगामा,बवाल बढ़ते देख कर्मचारियों ने प्रशासन को दी सूचना

प्रतापगढ़ : 15000 शिक्षक भर्ती का नियुक्ति पत्र नही मिलने पर अभ्यर्थियों ने किया हंगामा


सातवें वेतन आयोग की निकाली शवयात्र, होगी हड़ताल

सातवें वेतन आयोग की निकाली शवयात्र, होगी हड़ताल


इलाहाबाद: केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारी नाखुश हैं। उन्होंने इसे बेहद निराशाजनक करार दिया है। रेल कर्मचारियों के संगठनों ने तो बाकायदा हड़ताल और आंदोलनों का ऐलान कर दिया है। दूसरे विभागों के कर्मचारी भी आयोग की संस्तुतियों से खासे नाराज हैं और आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। नार्थ सेंट्रल
रेलवे इंपलाइज संघ के मंडल मंत्री गोबिंद सिंह ने कहा कि इन सिफारिशों में पुरानी संस्तुति के अलावा कुछ भी नहीं है। इसलिए यह केवल छलावा है। 1 उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल के लिए तैयार रहने को कहा। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव डॉ. राघवैया ने कहा कि सातवां वेतन आयोग बेहद निराशाजनक है। इसलिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 11 जुलाई को सुबह छह बजे से कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन प्रयाग ने तो बाकायदा सातवें वेतन आयोग की अर्थी निकालकर विरोध जताया। साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की तीखी आलोचना की। कर्मचारियों ने वित्तमंत्री को कर्मचारी विरोधी करार दिया। इस मौके पर शाखा मंत्री एलए जाफरी समेत अनेक कर्मचारी थे। रेल कर्मचारी संगठनों की तर्ज पर अन्य विभागों के कर्मचारी भी आयोग की सिफारिशों से नाराज हैं। 1 केंद्रीय कर्मचारी संघ समन्वय समिति के इलाहाबाद शाखा अध्यक्ष टीपी मिश्र और महासचिव बजरंग बली गिरि ने कहा कि नवंबर में जो संस्तुति हुई थी उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारियों का हित नहीं देखा गया है। इस आयोग की घोषणा केवल कर्मचारियों का ध्यान बांटने के लिए की गई है। इसलिए कर्मचारी 11 जुलाई से पूर्व निर्धारित हड़ताल पर अडिग हैं।


केंद्रीय कर्मियों के वेतन व पेंशन में ढाई गुना वृद्धि: संशोधनों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर, इस तरह मिलेगा वेतन जनवरी से होंगी लागू, मिलेगा एरियर, बकाया वर्ष अंत तक क्लास वन अधिकारियों का वेतन 56,100 रुपये से शुरू अब शुरुआती न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये

केंद्रीय कर्मियों के वेतन व पेंशन में ढाई गुना वृद्धि: संशोधनों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर, इस तरह मिलेगा वेतन
जनवरी से होंगी लागू, मिलेगा एरियर, बकाया वर्ष अंत तक
क्लास वन अधिकारियों का वेतन 56,100 रुपये से शुरू
अब शुरुआती न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये


ई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में मानसून पहली जुलाई को पहुंचने वाला है। इससे दो दिन पहले केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ कर्मचारियों के लिए धनवर्षा कर दी। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को बुधवार को स्वीकार कर लिया। इससे केंद्र सरकार के 47 लाख कर्मियों के वेतन और लगभग 53 लाख पेंशनरों की पेंशन में 2.57 गुना की बढ़ोतरी होगी। बढ़ोतरी का यह फैसला पहली जनवरी, 2016 से लागू होगा। सरकार ने कहा है कि हर तरह के बकाया राशि की अदायगी दिसंबर, 2016 तक कर दी जाएगी। इस फैसले का पूरी अर्थव्यवस्था पर बहुआयामी असर पड़ने की संभावना है क्योंकि केंद्र सरकार पर सालाना 1,02,100 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।1प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के फैसलों के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनवरी से मार्च, 2016 तक के बकाये भत्ते के भुगतान के तौर पर 12 हजार करोड़ रुपये का बोझ सरकार पर आएगा। इस तरह से चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार पर 1,14,000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा।
उन्होंने बताया कि वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन में 2.57 गुना बढ़ोतरी की जो सिफारिश की थी, उसे स्वीकार कर लिया गया है। आयोग की अधिकांश सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है लेकिन दो मुद्दों पर अलग से समितियां गठित की गई हैं। इनमें से एक समिति वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद विभिन्न पदों और विभिन्न वर्गो के कर्मचारियों के वेतनमान में जो विसंगतियां आती हैं, उन्हें दूर करने पर सिफारिश देगी। एक अन्य समिति नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) को और आकर्षक बनाने पर सुझाव देने के लिए गठित की गई है। उन्होंने इस बात के भी साफ संकेत दिए कि अभी जितने तरह के भत्ते मिल रहे हैं, उन्हें अब ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रखा जा सकता। वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति सरकारी भत्तों को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए बनाई गई है। अभी 196 तरह के भत्ते लागू हैं। लेकिन वेतन आयोग ने इनमें से 53 को खत्म करने की सिफारिश की है। भत्ताें पर समिति का फैसला आने तक मौजूदा भत्ते आदि लागू रहेंगे। 1जेटली ने बताया कि निजी और सरकारी क्षेत्र के बीच वेतनमान में बढ़ रहे अंतर को खत्म करना जरूरी है ताकि बेहतर प्रतिभाओं को सरकारी नौकरियों की तरफ आकर्षित किया जा सके। बताते चलें कि इस फैसले से जिन एक करोड़ केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों को फायदा होगा, उनमें सेना में काम करने वाले 14 लाख जवान और अधिकारी और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 16 लाख पेंशन भोगी भी शामिल हैं।ल्लग्रैच्युटी: इसकी राशि 10 लाख रुपये से बढ़ा कर 20 लाख रुपये। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को मिलने वाली 10 से 20 लाख रुपये की मौजूदा सीमा बढ़ाकर 25 से 45 लाख रुपये
ल्लब्याज मुक्त एडवांस: मेडिकल चिकित्सा, ट्रैवल अलाउंस और एलटीसी के लिए यह जारी रहेगी।


*ख़त्म होगी आठवीं तक छात्रों को फेल नहीं करने की नीति, पांचवीं तक ही होगी यह छूट, नई शिक्षा नीति की सिफारिश*

ख़त्म होगी आठवीं तक छात्रों को फेल नहीं करने की नीति, पांचवीं तक ही होगी यह छूट, नई शिक्षा नीति की सिफारिश
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि नई शिक्षा नीति का स्वरूप कैसा होगा। बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे के अहम बिंदू जारी कर दिए गए। केंद्र सरकार के ट्विटर हैंडल माईगोव इंडिया पर जारी करते हुए हालांकि यह साफ नहीं किया कि बिंदू कैसे तैयार किए गए।
पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रण्यम की अध्यक्षता में बनाई गई मसौदा समिति की रिपोर्ट की इसमें कोई चर्चा नहीं है। न ही यह बताया गया कि इसे जारी करने से पहले राज्यों से कोई चर्चा हुई या नहीं।
मानव संसाधन विकास मंत्रलय की ओर से जारी अहम बिंदू या ‘इनपुट’ में स्कूलों में छात्रों के सीखने के स्तर पर गंभीर चिंता जताई गई है। इसमें साफ तौर पर कहा गया कि आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने की मौजूदा नीति को बदला जाएगा क्योंकि इससे छात्रों के अकादमिक प्रदर्शन पर गंभीर असर पड़ा है। इसे पांचवीं तक सीमित किया जाएगा। इसी तरह प्रस्ताव किया गया है कि आइएएस और आइपीएस की तरह शिक्षा व्यवस्था के लिए अलग अखिल भारतीय कैडर तैयार किया जाए जिसका नियंत्रण मानव संसाधन विकास मंत्रलय के पास हो। 1 प्रस्ताव किया गया कि सभी राज्य छात्रों को पांचवीं तक की शिक्षा उनकी मातृभाषा अथवा स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में दें। इसी तरह अंग्रेजी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे दूसरी भाषा का दर्जा देने की सिफारिश की गई है। व्यापक स्तर पर ओपन अॅानलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत पर ध्यान देते हुए इस काम के लिए अलग से स्वायत्त संस्थान शुरू करने की सिफारिश की है। स्थानीय और राष्ट्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।1इससे पहले मंत्रलय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रrाण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। मगर उनके अनुरोध के बावजूद एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी ने उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मसौदा तभी जारी होगा, जब राज्यों से एक बार फिर संपर्क कर लिया जाएगा। हालांकि बुधवार को जारी मसौदे में सुब्रrाण्यम समिति की अधिकांश सिफारिशें शामिल कर ली गई हैं।

*सीतापुर : 15000 शिक्षक भर्ती नियुक्ति पत्र को लेकर बीएसए दफ्तर घेरा: अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेश की नहीं थी जानकारी

नियुक्ति पत्र को लेकर बीएसए दफ्तर घेरा: अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेश की नहीं थी जानकारी

जागरण संवाददाता, सीतापुर : हाईकोर्ट के आदेश से अनभिज्ञ सहायक अध्यापकों ने नियुक्ति पत्र दिलाए जाने की मांग को लेकर बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी न्ऑफिस का घेराव किया। इस संबंध में अध्यापकों ने
प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। 1नवनियुक्त अध्यापक आरिफ, अनुपम, राजेश, महेंद्र सिंह, हिमांशु प्रकाश का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को आश्वासन दिया था कि 29 जून को प्रात: 10 बजे नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएगे। जब वे लोग ऑफिस पहुंचे तो पता चला कि उन्हें आज नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाएगे। ऐसा हाईकोर्ट के आदेश के चलते निर्णय लिया गया है। 1इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को रोक लगा दी थी, अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

*16448 शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन आज से : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आवेदन की अन्तिम तिथि 15 जुलाई*

Wednesday, 29 June 2016

*देवरिया : 15000 शिक्षक भर्ती के नियुक्ति पत्र वितरण पर अग्रिम आदेश तक रोक, बीएसए देवरिया ने जारी की विज्ञप्ति*


*मैनपुरी : 15000 शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने के सम्बन्ध में बीएसए मैनपुरी ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद को पत्र लिखकर माँगा दिशा निर्देश*


*फर्रुखाबाद : 15000 शिक्षक भर्ती में चयनित स0अ0 को कार्यभार न ग्रहण कराये जाने के सम्बंध में बीएसए फर्रुखाबाद ने दिया आदेश*


प्रदेश में चल रही पंद्रह हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को एक बार फिर झटका,इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस भर्ती में नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई रोक डीएड डिग्रीधारियों को काउंसिलिंग से बाहर किए जाने का मामला प्रदेश सरकार को एक माह में जवाब दाखिल करने का निर्देश

डीएड डिग्रीधारियों को काउंसिलिंग से बाहर किए जाने का मामला

प्रदेश सरकार को एक माह में जवाब दाखिल करने का निर्देश


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश में चल रही पंद्रह हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को एक बार फिर झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस भर्ती में नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि यदि नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया हो तो फिलहाल ज्वाइन न कराया जाए। नियुक्ति पत्र मंगलवार से दिए जाने थे। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और अन्य विपक्षियों को एक माह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राम सरन मौर्य ने दीपक कुमार तिवारी व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया है कि पंद्रह हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए दिसंबर 2014 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें डिप्लोमा इन एजूकेशन (स्पेशल एजूकेशन) करने वाले अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया। याचीगणों ने यह कोर्स रिहैबिलेशन काउंसिल आफ इंडिया से किया था। उन्होंने आवेदन किया लेकिन स्वीकार नहीं किया गया। फिर याचीगणों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन स्वीकार कर लिए लेकिन काउंसिलिंग में उनके प्रमाणपत्र को नहीं माना गया। उन्हें बाहर कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि एक बार यह निश्चित हो गया कि याचीगण वैध डिग्री रखते हैं तो उन्हें काउंसिलिंग के लिए रोकने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने इसी आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में मंगलवार से ही नियुक्ति पत्र दिए जाने थे, किंतु इससे कुछ घंटे पहले ही इस पर रोक लगा दी गई। याचिका पर अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।


Tuesday, 28 June 2016

15000 शिक्षक भर्ती पर स्टे: जिन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुका है उनके स्कूल ज्वाइन करने पर रोक, देखे कोर्ट का आदेश।

15000 शिक्षक भर्ती पर स्टे: जिन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुका है उनके
स्कूल ज्वाइन करने पर रोक, देखे कोर्ट का आदेश।



HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
?Court No. - 4
Case :- WRIT - A No. - 29443 of 2016
Petitioner :- Deepak Kumar Tiwari And 12 Ors.
Respondent :- State Of U.P. And 3 Ors.
Counsel for Petitioner :- Ram Milan Mishra
Counsel for Respondent :- C.S.C.
Hon'ble Ram Surat Ram (Maurya),J.
Notice on behalf of respondents -1 to 4 has been accepted
by Chief Standing Counsel.
The Standing Counsel is one month's time to file counter
affidavit.
It has been stated that� Sri U.S. Upadhyay has been
appointed as Standing Counsel for respondents- 2 and 3
but he has avoided to receive notice of the writ petition.
Although the notice was tried to served upon him on
24.6.2016. The counsel for the petitioner has made
endorsement in this respect in the writ petition. In such
circumstances, in the absence of notice to respondents - 2
and 3 , the petition is being heard.
The contention of the petitioner is that the advertisement
dated 12.12.2014 /13.12.2014 was made for selection and
appointment of Assistant Teacher for Primary School. The
petitioners were having qualification of Diploma in
Education (Special Education) from Rehabilitation Council of
India. In the year 2008, the nomenclature of the Diploma in
Education (Special Education) has been changed as
Diploma in Special Education� (Hearing Impairment)
[D.Ed. S.E. (HI)] 2 years, although the degree is same.
Earlier the respondents have avoided to accept the forms of
the petitioners then petitioners had to file writ petition i.e.
Writ A No. 533 of 2015 which was allowed by this Court by
order dated 2.2.2015 and the respondents were directed to
accept the application forms of the petitioner through online
mode. Although the forms of the petitioners has been
accepted but at the time of counselling� the certificate of
the petitioners has not been accepted. The counselling was
conducted on 22.6.2016 and appointment letter is being
issued on 28.6.2016.
I have considered the arguments of the counsel for the
petitioner and examined the records.
Once it has been found that the petitioners were holding
requisite qualification for the post of Assistant Teacher
then there was no justification for not permitting them to
appear in the counselling.
In such circumstances, the respondents are restrained from
issuing appointment letter to any of the eligible candidates.
If the appointment letters have been issued then they may
not be permitted to join for the aforesaid post till next date
of listing.
List on 27th August, 2016 before appropriate Bench.
Certified copy of this order may be issued today.�
Order Date :- 28.6.2016


मैनपुरी : दो साल से चल रही 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के नियुक्ति पत्र तैयार होने के बाद बटने से पहले उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक,सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने देर शाम जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजा पत्र

टूट गया शिक्षक बनने का सपना

Publish Date:Tue, 28 Jun 2016 07:01 PM (IST) | Updated Date:Tue, 28 Jun 2016 07:01 PM (IST)

मैनपुरी : दो साल से चल रही 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के नियुक्ति पत्र तैयार होने के बाद बटने से पहले उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक लगा दी गई है। अब इन शिक्षकों की नौकरी फिलहाल खटाई में पड़ गई है।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने देर शाम जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने 15 हजार शिक्षक भर्ती के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाएं और यदि जारी कर दिए गए हैं तो इन शिक्षकों को विद्यालय में ज्वाइ¨नग नहीं दी जाए।
बता दें कि जिले में 300 शिक्षकों के पद रिक्त थे। इनमें से 283 शिक्षकों के नियुक्ति पत्र तैयार हो गए थे। शाम छह बजे नियुक्ति पत्र बीएसए कार्यालय में बटने का समय निर्धारित किया गया था लेकिन पांच बजे ही सचिव बेसिक शिक्षा का फरमान जारी हो गया कि फिलहाल अग्रिम आदेशों तक नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी जाए।
सचिव के पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हों तो इनकी ज्वाइ¨नग पर रोक लगा दी जाए। अचानक हुए इस फैसले से शिक्षक बनने का सपना संजोए बैठे 300 अभ्यर्थियों का सपना चकनाचूर हो गया है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी भारती शाक्य ने कहा कि नियुक्ति पत्र फिलहाल नहीं बांटे गए हैं। सचिव के निर्देश पर नियुक्ति पत्र रोक दिए गए हैं।


बलिया: 15000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र पाकर शिक्षकों के खिले चेहरे,399 शिक्षकों को उनके दरवाजे पर ही नियुक्ति पत्र मिला

नियुक्ति पत्र पाकर शिक्षकों के खिले चेहरे

Publish Date:Tue, 28 Jun 2016 06:01 PM (IST) | Updated Date:Tue, 28 Jun 2016 06:01 PM (IST)

बलिया : प्रदेश भर के परिषदीय स्कूलों में चल रही 15 हजार शिक्षकों की भर्ती के तहत यहां चयनित चार सौ शिक्षकों के लिए मंगलवार का दिन विशेष सौगातों वाला रहा। इसमें 399 शिक्षकों को जब उनके दरवाजे पर ही नियुक्ति पत्र मिला तो खुशी से उनके चेहरे खिल उठे। इसके साथ ही बलिया प्रदेश का पहला जिला बन गया जहां समय से नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी कर नव नियुक्त सभी शिक्षकों को नियुक्ति के आदेश पत्र भी निर्धारित तिथि पर सौंप दिए गए। जनपद में बीएसए डा.राकेश ¨सह के प्रयास से सभी शिक्षकों के घरों तक नियुक्ति पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। नियुक्ति पत्र शिक्षकों के घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिले के 164 एनपीआरसी व 83 एबीआरसी को सौंपी गई थी। बीएसए ने निर्देश दिए थे कि सुबह जब शिक्षक सोकर उठे तो उनके हाथों में नियुक्ति पत्र मिलना चाहिए। ऐसे में इसके अनुपालन में विभागीय कर्मी संबंधित शिक्षकों के घरों तक सौगात पहुंचाने का काम किए। इसके तहत सामान्य वर्ग के दो सौ तो अन्य वर्गों के 199 शिक्षकों को नियुक्ति का आदेश दिया गया। इसे तैयार करने के लिए विभागीय कर्मी तीन दिनों से दिन-रात एक किए हुए थे। वरिष्ठ लिपिक अजय पाण्डेय के नेतृत्व में नियुक्ति पत्र वितरण का काम किया गया।

एक साथ दो सगी बहनों को मिली नियुक्ति

रेवती निवासी स्काउट शिक्षक धर्मेंद्र ओझा की दो पुत्रियों को एक साथ नियुक्ति पत्र मिला तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। यह संयोग ही कहा जाएगा कि एक साथ उनकी दो पुत्री दिव्या ओझा व आकांक्षा ओझा को नियुक्ति का आदेश मिला। सुबह इनके घर पर पहुंचे एबीआरसी प्रेमजी चौबे, दिनेश वर्मा, अर¨वद पाण्डेय व प्रदीप शुक्ल ने जब दोनों बहनों को नियुक्ति पत्र दिया तो खुशी से उनके चेहरे खिल उठे। दिव्या व अकांक्षा ने कहा कि तैनाती स्थल पर शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार हेतु हरसंभव प्रयास करेंगी।

फतेहपुर : दिनांक 04 जुलाई को समस्त परिषदीय विद्यालयों में ताजे मौसमी फल वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक साथ समस्त विद्यालयों के निरीक्षण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी फतेहपुर द्वारा आदेश जारी



Posted By सौरभ त्रिवेदी

सूखाग्रस्त घोषित जनपदों में मध्यान्ह भोजन योजना से आक्शादित विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराये जाने से सम्बंधित सूचना के प्रेषण के सम्बन्ध में



Posted By सौरभ त्रिवेदी

प्रदेश के राजकीय हाईस्कूल / इण्टर कालेज तथा अनुदानित / वित्तपोषित हाईस्कूल / इण्टर कालेजों में प्रवक्ता मानव विज्ञान तथा प्रशिक्षित स्नातक ( एल0टी0ग्रेड0 ) मानव विज्ञान पदों के सृजन के सम्बन्ध में



Posted By सौरभ त्रिवेदी

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