Tuesday, 24 January 2017

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ALLAHABAD:मनचाहे स्कूल में संबद्ध हजारों शिक्षक ●शिक्षा निदेशक बेसिक एवं परिषद सचिव का आदेश नहीं मान रहे बीएसए। ●स्कूलों में सिर्फ हाजिरी लगाने जाने से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित। सीतापुर–गुरूजी का चेहरा कब देख पायेंगे छात्र ⛔जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वर्षों से सम्बद्ध है दर्जनों शिक्षक ⛔आखिर सम्बद्धीकरण वाले शिक्षकों पर कब गिरेगी गाज ? ⛔ऐसा ही रहा तो शिक्षा मन्त्री की मंशा पर फिरेगा पानी

मनचाहे स्कूल में संबद्ध हजारों शिक्षक
●शिक्षा निदेशक बेसिक एवं परिषद सचिव का आदेश नहीं मान रहे बीएसए।
●स्कूलों में सिर्फ हाजिरी लगाने जाने से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित।
सीतापुर–गुरूजी का चेहरा कब देख पायेंगे छात्र
⛔जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वर्षों से सम्बद्ध है दर्जनों शिक्षक
⛔आखिर सम्बद्धीकरण वाले शिक्षकों पर कब गिरेगी गाज ?
⛔ऐसा ही रहा तो शिक्षा मन्त्री की मंशा पर फिरेगा पानी

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : तमाम निर्देशों को धता बताकर शिक्षकों ने मनचाहे स्कूल व कार्यालयों से संबद्ध हैं। उन स्कूलों में यह संबद्ध शिक्षक सिर्फ हाजिरी लगाने जाते हैं वहीं शिक्षा विभाग के कार्यालय में वह लिपिकों के जैसा कार्य कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्हें विद्यालयों में भेजने के बजाए नए-नए शिक्षकों को संबद्ध करते जा रहे हैं। इसका असर स्कूलों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है। बेसिकशिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्चप्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक अपना तबादला न करा पाने की स्थिति में मनचाहे स्कूल या फिर विभागीय कार्यालय से संबद्ध हो जाते हैं, ताकि उन्हें हर दिन जाना नहीं पड़ेगा। इसकी शिकायतें शासन को मिलने पर शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने बीते 26 मई, 2016 को यह आदेश जारी किया कि तत्काल शिक्षकों का संबद्धीकरण खत्म कर दिया जाए और जुलाई से कोई भी शिक्षक दूसरे स्कूल या फिर कार्यालयसे संबद्ध नहीं रहेगा। यदि जुलाई, 2016 के बाद शिक्षक संबद्ध मिलते हैं तो बीएसए जिम्मेदार होंगे।इसके आदेश के बाद कुछ हड़कंप तो मचा और कुछ शिक्षकोंको वापस स्कूलों में भी भेजा गया, लेकिन कुछ माह बाद ही स्थिति पहले से भी विकट हो गई है। हालत यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों को छोड़िए बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में दर्जनों शिक्षक बाकायदे संबद्ध हैं। उनमें से कुछ को छोड़कर ज्यादातर मुफ्त में ही वेतन ले रहे हैं। ऐसा ही हाल सड़क किनारे के स्कूलों व ब्लाक एवं तहसील के केंद्रीय स्कूलों का है, वहां संबद्ध होने के लिए लंबी फेहरिश्त है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने 13 मार्च, 2014 को ही इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया था, लेकिन अधिकांश बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यह भी कहा जा रहा है कि शिक्षक जिले के अफसरों को खुश करके मनचाहा संबद्धीकरण करा रहे हैं। इधर, जिले में तबादलों की नकेल जिलाधिकारी के पास होने के बाद भी इस पर अंकुश नहीं लग रहा है। परिषद बार-बार निर्देश भेज रहा है और बेसिक शिक्षा अधिकारी पर उतारू हैं। इन दिनों विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से बीएसए की तेज हो गई है।’ शिक्षा निदेशक बेसिक एवं परिषद सचिव का आदेश नहीं मान रहे बीएसए ।’ स्कूलों में सिर्फ हाजिरी लगाने जाने से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित।


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