अब बीईओ करेंगे सीसीएल सेंशन , शासन ने किया इस व्यवस्था में परिवर्तन

February 16, 2017

इलाहाबाद : शिक्षिकाओं को सीसीएल सेंशन के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारी ही सेंशन कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) नहीं सेंशन करेंगे। शासन ने इस व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया है। इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को सौंपी है। दरअसल शासन को शिकायत प्राप्त हो रही थी कि सीसीएल समय से शिक्षिकाओं को नहीं मिल पा रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत शिक्षिकाओं को अपने ब्लाक क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी को चाइल्ड केयर लीव सेंशन का प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके बाद बीईओ को यह तय करना होगा कि संबंधित शिक्षिका को लीव दिए जाने के बाद कहीं पढ़ाई तो बाधित नहीं हो रही है। अगर ऐसा कहीं हो रहा है तो संबंधित शिक्षिका की जगह पर वैकल्पिक टीचर की अस्थाई डयूटी लगाकर ही लीव सेंशन करनी होगी। बीएसए के द्वारा हर माह ली जाने वाली पाक्षिक बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी को यह ब्योरा देना होगा कि कितनी शिक्षिकाओं को चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत की गई है। ब्लाक क्षेत्र में कहीं पढ़ाई बाधित न हो यह ध्यान भी लीव स्वीकृत करने के पहले खंड शिक्षा अधिकारी को ध्यान देने की जरूरत होगी। अन्यथा की स्थिति में उच्च अफसर के निरीक्षण में पढ़ाई बाधित की सूचना प्राप्त होने पर बीईओ से अफसर पूछताछ कर सकते हैं। उप बेसिक शिक्षा अधिकारी अजरुन सिंह ने बताया कि चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत के लिए शिक्षिका को मुख्यालय चक्कर नहीं लगाना होगा। अपने ब्लाक क्षेत्र में ही लीव प्रार्थना पत्र दे सकती हैं।

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