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Monday, 6 February 2017

Kaushambi: स्कूल प्राइमरी शिक्षा कान्वेंट जैसी

स्कूल प्राइमरी, शिक्षा कॉन्वेंट जैसी, बेसिक स्कूल की अनोखी पहल: एक शिक्षक की पहल ने बदल दी विद्यालय की तस्वीर
कौशांबी1साफ-सुथरा विद्यालय परिसर। बच्चों के गले में आइकार्ड व टाई। पैर में लकदक जूते। खाकी ड्रेस पर लाल रंग का स्वेटर और खिलखिलाते बच्चे। हम मोटी फीस लेकर शिक्षा देने वाले किसी कॉन्वेंट स्कूल की नहीं, बल्कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित नेवादा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अमवा के बच्चों की बात कर रहे हैं। यहां तैनात प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सिंह के सकारात्मक प्रयास ने अभिभावकों के अंदर प्राथमिक
विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की ललक भर दी है। सरकारों और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सिर्फ कोसने वालों के लिए यह प्रयास आंख खोलने वाला है। इलाहाबाद के शंकरगढ़ निवासी प्रमोद कुमार सिंह को वर्ष 2011 में प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति मिली। उनकी तैनाती प्राथमिक विद्यालय अमवा नेवादा में की गई। उसके बाद से वह लगातार विद्यालय की स्थिति को सुधारने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने लगे। उनकी छोटी सी पहल ने क्षेत्र में विद्यालय की पहचान ही बदल दी। हालांकि यह इतना आसान नहीं था। रूढ़िवादी शिक्षा- व्यवस्था में लीक से हटकर काम करने पर शुरू में विभाग के लोगों ने ही हतोत्साहित करने का काम किया। 1प्रमोद कुमार बताते हैं कि कॉन्वेंट स्कूलों में ड्रेसकोड एक जैसा होने के कारण एक बच्चों में एक अलग की आत्मविश्वास आता है। यहां बच्चों की डेस तो एक जैसी थी पर स्वेटर अलग अलग रंग के सभी पहनकर आते थे। इसी से लगा क्यों न सारी ड्रेस एक जैसी की जाय। अब फंड की व्यवस्था कैसे हो। इसका समाधान खुद से निकाला। बच्चों को अपने पास से ही टाई और आइकार्ड दिया। इस पहल का परिणाम यह रहा कि छात्र संयमित होकर खुद की सफाई व शिक्षा के प्रति सजग हो गए।1 उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ा, जैसा कान्वेंट विद्यालय के छात्रों में होता है। इस पहल का गांव के लोगों ने भी स्वागत किया। साफ सुथरे गणवेश ने पूरे विद्यालय का कायाकल्प कर दिया।1 जनवरी 2017 में प्रधानाध्यापक ने अपनी पहल से विद्यालय के करीब 115 बच्चों को एक रंग के स्वेटर भी बांटे, जिससे विद्यालय के सभी छात्र एक जैसे दिखने लगे। इससे उनमें गजब का आत्मविश्वास आया। बच्चे साफ-सुथरे रहें इसके लिए उनके घर के लोगों को भी प्रेरित किया गया।
एक शिक्षक की पहल ने बदल दी विद्यालय की तस्वीर
पहल ने बढ़ाया बच्चों का आत्मबल, पढ़ने में भी हैं आगे
प्राथमिक विद्यालय अमवा नेवादा में ड्रेस कोड में बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक।

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