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Tuesday, 28 February 2017

UP BOARD : परीक्षा से पूर्व होगी कक्ष निरीक्षकों की खोज,फर्जी शिक्षकों का कैसे होगा सत्यापन? इसपर अफसर निरुत्तर

परीक्षा से पूर्व होगी कक्ष निरीक्षकों की खोज

यूपी बोर्ड परीक्षा

शिक्षक संघ ने कहा पुराना है खेल1माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संयोजक डॉ आरपी मिश्र व संगठन के अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का यह खेल नया नहीं है। बीते वर्ष भी कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में विभाग ने पहले समय निकाला, फिर आपा-धापी में मनमाने तरीके से कक्ष निरीक्षक तैनात कर दिए। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में हर साल होने वाले खेल में नकलमाफियों की मजबूत पकड़ होने की बात कही है। शिक्षक संघ का आरोप है कि नकल माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए ही केंद्र निर्घारण से लेकर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती तक में अधिकारी ढिलाई बरतते हैं। यदि ऐसा नहीं तो ऐन परीक्षा के समय ही तैयारियां क्यों पूरी की जाती हैं?

जागरण संवाददाता,लखनऊ : इसे बदहाल शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा कहा जाए या संवेदनशील विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी। इस बार बोर्ड परीक्षाओं से दस दिन पूर्व तक शिक्षा विभाग कक्ष निरीक्षकों की तलाश करेगा। कारण, पूर्व निर्धारित अवधि में स्कूलों ने अपने शिक्षकों का ब्योरा ही नहीं दिया, इसलिए उन्हें एक और मौका दे दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उसके बाद कब उन शिक्षकों का सत्यापन होगा और कब उन्हें आईडी कार्ड जारी होंगे?1यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 16 मार्च से हैं। परीक्षा में फर्जी शिक्षक ड्यूटी न करें, इसके लिए निजी स्कूलों के शिक्षकों का सत्यापन करके कक्ष निरीक्षण कार्य में लगाने की व्यवस्था है। नियमानुसार सत्यापन का यह कार्य परीक्षा केंद्र निर्धारण के समय सितंबर, अक्टूबर से शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा 20 फरवरी को कॉलेजों को शिक्षकों का ब्यौरा मुहैया कराए जाने को कहा गया। अंतिम तिथि 26 फरवरी तय की गई, लेकिन तय मियाद बीतने के बाद भी कॉलेजों ने विभाग को शिक्षकों का ब्यौरा नहीं उपलब्ध कराया। ऐसे में ढुलमुल रवैये को अपनाए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने तारीख फिर आगे बढ़ा दी। अब विभाग 4 मार्च तक शिक्षकों के ब्यौरे का इंतजार करेगा। ऐसे में शिक्षकों का सत्यापन कार्य कब होगा? इसका जवाब विभागीय अधिकारियों के पास भी नहीं है। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और सत्यापन को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

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फर्जी शिक्षकों का कैसे होगा सत्यापन? इसपर अफसर निरुत्तर

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