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Saturday, 18 March 2017

ALLAHABAD:आयोग सख्त, दो कर्मचारी हटाए, पीसीएस 2015 की कॉपियां बदलने का मामला। 🎯यह प्रकरण ‘दैनिक जागरण’ में प्रमुखता से उछलने के बाद आयोग के अफसर भी सक्रिय हुए हैं। 🎯लोकसेवा आयोग अध्यक्ष का निर्देश दो माह में पूरी हो जांच। 🎯प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये परीक्षा विभाग के दो कर्मचारियों को उनके पद से हटा दिया गया है। 📚हालांकि, रायबरेली की सुहासिनी बाजपेई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उसका कहना है कि पीसीएस जैसी परीक्षा में यह कार्रवाई बहुत छोटी है।

आयोग सख्त, दो कर्मचारी हटाए, पीसीएस 2015 की कॉपियां बदलने का मामला।
🎯यह प्रकरण ‘दैनिक जागरण’ में प्रमुखता से उछलने के बाद आयोग के अफसर भी सक्रिय हुए हैं।
🎯लोकसेवा आयोग अध्यक्ष का निर्देश दो माह में पूरी हो जांच।
🎯प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये परीक्षा विभाग के दो कर्मचारियों को उनके पद से हटा दिया गया है।
📚हालांकि, रायबरेली की सुहासिनी बाजपेई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उसका कहना है कि पीसीएस जैसी परीक्षा में यह कार्रवाई बहुत छोटी है।

राज्य ब्यूरो,इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की पीसीएस 2015 की मुख्य परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली का मामला तूल पकड़ गया है। यह प्रकरण ‘दैनिक जागरण’ में प्रमुखता से उछलने के बाद आयोग के
अफसर भी सक्रिय हुए हैं। आयोग अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव ने इस मामले की जांच दो माह में पूरी करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। महिला अभ्यर्थी को गलत उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने एवं कॉपियों की अदला-बदली के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये परीक्षा विभाग के दो कर्मचारियों को उनके पद से हटा दिया गया है। हालांकि, रायबरेली की सुहासिनी बाजपेई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उसका कहना है कि पीसीएस जैसी परीक्षा में यह कार्रवाई बहुत छोटी है। उसे अभी न्याय का इंतजार है। पीसीएस 2015 की मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थिनी सुहासिनी बाजपेई व रवींद्र तिवारी को मिले अंक आयोग की गलती से एक-दूसरे को आवंटित हो गए थे। हर विषय में उम्दा अंक हासिल करने वाली सुहासिनी ने आरटीआइ के जरिए जब अपनी कॉपी देखना चाहा तो उसे किसी और की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई। आयोग सचिव तक यह प्रकरण पहुंचने पर उसकी वास्तविक कॉपी मिली, लेकिन उसमें अंक काफी कम थे, फिर भी सुहासिनी को इतने अंक मिल गए थे कि वह साक्षात्कार तक पहुंच गई, लेकिन बीते 22 फरवरी को उसे इंटरव्यू में अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। यह प्रकरण चर्चा में आने पर आयोग ने तेजी दिखाते हुए साक्षात्कार के अंक घोषित कर दिये। युवती का आरोप है कि उसके चयन में धांधली हुई है, कार्रवाई से बचने के लिए आयोग अभी तक सूचनाएं देने में आनाकानी कर रहा था।मालूम हो कि ‘दैनिक जागरण’ में यह प्रकरण प्रमुखता से उजागर होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह मार्च को वाराणसी की रोहनियां की रैली में यह मुद्दा उठाया था।


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