ALLAHABAD:अब 32 हजार अनुदेशक भर्ती की बारी, इंतजार खत्म 🎯 पहले चरण का काम पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण में काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद। 🎯संयमित भाषा से ही मिलेगी सफलता

March 05, 2017

अब 32 हजार अनुदेशक भर्ती की बारी, इंतजार खत्म
🎯 पहले चरण का काम पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण में काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद।
📚 संयमित भाषा से ही मिलेगी सफलता
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : तीन माह के लंबे इंतजार के बाद अनुदेशक भर्ती शुरू होने की उम्मीद है। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद उसमें संशोधन आदि प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी काउंसिलिंग का मुहूर्त तय नहीं हुआ है। इसी बीच 16460 शिक्षकों की भर्ती काउंसिलिंग का आदेश आने से युवा यह मान रहे हैं जल्द ही अनुदेशक भर्ती काउंसिलिंग भी होगी। बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद तथा शारीरिक शिक्षा के अंशकालिक 32022 अनुदेशकों की संविदा पर नियुक्ति शुरू होने पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इसका आदेश शासन ने 19 सितंबर 2016 को जारी किया, इसके एक माह बाद भर्ती के लिए 24 अक्टूबर से वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन लिए गए। उस समय नोटबंदी के कारण बैंकों से पर्याप्त सहयोग न मिलने पर परिषद ने ई-चालान से शुल्क जमा करने एवं आवेदन की मियाद बढ़ाई। इससे दावेदारों की संख्या तेजी से बढ़ी। भर्ती के लिए एक लाख 54 हजार 216 ने आवेदन किया है। इसमें 8625 दिव्यांग आवेदक भी हैं। वहीं बीते 28 से 30 नवंबर तक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में संशोधन किया है, इसी के साथ पहला चरण पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण में काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होनी है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन हुए तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन काउंसिलिंग की तारीख तय नहीं हो पा रही है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए आवेदकों में यह चर्चा तेज थी कि भर्ती में कहीं आचार संहिता आड़े न आ जाए। भले ही चुनाव आयोग ने नियुक्तियां रोकी नहीं, लेकिन शासन ने काउंसिलिंग कराने का निर्देश नहीं दिया। अब परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की काउंसिलिंग होने जा रही है इससे यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होगा।

📚संयमित भाषा से ही मिलेगी सफलता
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद :हमारे विद्यालयों में भाषा एक विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। जिसमें व्याकरण आदि के विषय में पढ़ाया जाता है, लेकिन भाषा को केवल यहीं तक सीमित नहीं किया जा सकता। भाषा का उपयोग जीवन में बहुत आवश्यक होता है। हम जीवन भर दूसरों से जो व्यवहार करते हैं और इसके लिए भाषा का उपयोग करते हैं। कुछ व्यक्ति भाषा के प्रयोग में इतने निपुण होते हैं कि उन्हें समस्याओं का कम से कम सामना करना पड़ता है और उन्हें आसानी से सफलता प्राप्त होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह भाषा के प्रयोग के समय संयम बरतते हैं। यह बात सीमैट उप्र इलाहाबाद के निदेशक संजय सिन्हा ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं के विशिष्ट कौशल विकास विषय पर आधारित चार दिनी प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कही।


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