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Thursday, 30 March 2017

यूपी बोर्ड मुख्यालय के इर्दगिर्द नकल का साम्राज्य,शिक्षा निदेशक माध्यमिक का गृह क्षेत्र होने के बाद भी माफियाओं में डर नहीं ,मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी

यूपी बोर्ड मुख्यालय के इर्दगिर्द नकल का साम्राज्य,शिक्षा निदेशक माध्यमिक का गृह क्षेत्र होने के बाद भी माफियाओं में डर नहीं ,मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी

जल्दी गठित हो माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का पुनर्गठन यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया है। योग शिक्षा को नैतिक, खेल व शारीरिक शिक्षा के साथ अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए भी कहा। शारीरिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाये जाने के लिए उप मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र सरकार से इंस्ट्रक्टर उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया जा चुका है।

बेखौफ

फोन पर नकल का तूफान, अफसर हो रहे परेशान

यह हुई कार्रवाई1वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2017 की यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल कराने पर चार परीक्षा केंद्रों के प्रबंधतंत्र के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी जा चुकी है। 327 केंद्र व्यवस्थापक बदले जा चुके हैं। 111 केंद्र व्यवस्थापकों, 178 कक्ष निरीक्षकों और 70 परीक्षार्थियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी जा चुकी है। 1419 परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते पकड़े गए हैं। 54 परीक्षा केंद्र पर परीक्षा निरस्त की गई है जबकि 57 परीक्षा केंद्र डिबार किये गए हैं। सात परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की अलग से स्क्रीनिंग कराये जाने का फैसला किया गया है।

नकल कराने वाले विद्यालयों की मान्यता रद होगी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नकल माफिया पर नकेल कसने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने चेताया है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र में यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर बार-बार दिये जा रहे दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है और वहां नकल हो रही है, तो उस विद्यालय की मान्यता रद की जाएगी। किसी भी परीक्षा केंद्र के प्रबंधक, प्रधानाचार्य या कक्ष निरीक्षक यदि नकल कराने में शामिल पाये गए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही होगी। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के सिलसिले में वह बुधवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दे रहे थे। नकल की शिकायतें मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने मैनपुरी, हरदोई, अलीगढ़, कौशांबी और बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षकों और संबंधित संयुक्त निदेशकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा केंद्र को डिबार करने या वहां दोबारा परीक्षा कराने की सिफारिश की जाए तो उस केंद्र के बारे में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव और सभापति को तत्काल जानकारी दी जाए। सभी अधिकारी बिना किसी पूर्वाग्रह के निषपक्ष तरीके से नकलविहीन परीक्षा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नकल पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण करने की हिदायत दी। जिन परीक्षा केंद्रों की ख्याति अच्छी नहीं है, उन पर खास ध्यान देने के लिए कहा।

मानव व गृहविज्ञान में 71 पकड़े गए1यूपी बोर्ड परीक्षा में बुधवार को हाईस्कूल में गृह विज्ञान व इंटर सुबह की पाली में मानव विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा रही। शाम को इंटर में अधिकोषण तत्व प्रथम प्रश्नपत्र का इम्तिहान हुआ। इसमें हाईस्कूल में 10 बालक, आठ बालिकाएं और इंटर में 44 बालक व नौ बालिकाओं समेत कुल 71 नकल करते पकड़ी गई हैं। बोर्ड परीक्षा में अब तक पकड़े गए परीक्षार्थियों की संख्या बढ़कर 1490 हो गई है।

इलाहाबाद, प्रतापगढ़ व कौशांबी में हर दिन गढ़े जा रहे नकल के कीर्तिमान , प्रशासनिक अफसरों ने पूरी तरह से मुंह मोड़ा

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : ‘चिराग तले अंधेरा’ वाली कहावत इन दिनों संगम शहर में चरितार्थ हो रही है। यूपी बोर्ड मुख्यालय वाले और आसपास के जिलों में जमकर नकल हो रही है। नकल माफिया को बड़े अफसरों का जरा भी खौफ नहीं है। इसीलिए प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने इस ओर से पूरी तरह से मुंह मोड़ लिया है।1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड परीक्षाओं की मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी है। यही वजह है कि अब तक नौ परीक्षा केंद्रों पर एक पाली का इम्तिहान निरस्त हो चुका है, दर्जनों स्कूलों को नोटिस जारी हुई है। शिक्षा विभाग के अफसरों ने यह सब कार्रवाई तब की है, जब नकल की आम जनता में चर्चा हो गई। चेहरा बचाने के लिए छिटपुट स्कूलों को निशाना बनाया गया है। इलाहाबाद के बामपुर विद्यालय में जिस तरह से बाहरी लोग परीक्षार्थियों को नकल करा रहे थे उससे अलीगढ़ और बिहार बोर्ड की परीक्षाएं पीछे छूट गईं। नकल का आलम यह है कि सामान्य प्रश्नपत्रों मसलन हंिदूी, गृहविज्ञान जैसे विषयों में भी बड़ी संख्या परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़े गए है, जबकि पकड़े गए अभ्यर्थियों की तादाद काफी कम है नकल का लाभ लेने वालों की संख्या बहुतायत में है। यह जिला शिक्षा निदेशक माध्यमिक अमरनाथ वर्मा का गृह क्षेत्र है, नकल पर अंकुश न लगने से उनकी साख गिर रही है। 1प्रतापगढ़ में प्रश्नपत्र आउट होना और बोलकर नकल कराया जाना आम बात हो गई है। उस जिले में कई ऐसे भी कालेज हैं, जहां शिक्षा विभाग के अफसर छोड़िए प्रशासनिक अधिकारी तक जाने में कतराते हैं इससे वहां परीक्षार्थी पूरी मौज में है। 1परीक्षा केंद्रों के आसपास सुबह से शाम तक इतनी भीड़ लग रही है कि मानों वहां कोई मेला लगा है। यही हाल कौशांबी जिले का भी है। पहले मनचाहे स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनवाया गया और अब मन मुताबिक अपनों की नैया पार लगाने को सब जुटे हैं।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए शासन की पहल अफसरों की परेशानी का सबब बना है। पूरे दिन वाट्सएप नंबर पर मैसेज और कॉल आ रहे हैं। हर तरफ से एक ही शिकायत है कि फलां विद्यालय में जमकर नकल हो रही है। शिकायत करने वाला यह भी बताता है कि जिन परीक्षार्थियों से पैसा लिया गया है उन्हें बोलकर प्रश्नपत्र हल कराया जा रहा है। बोर्ड मुख्यालय दिन भर अलग-अलग जिलों को फोन करके फलां-फलां विद्यालय की जांच करने का निर्देश दे रहा है। यह जरूर है कि अफसरों को अब लगने लगा है कि आखिर जमीनी हकीकत क्या है। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में वाट्सएप पर पेपर आउट होने व सामूहिक नकल की सूचनाओं को नकारने पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बोर्ड प्रशासन से वाट्सएप नंबर जारी करके जनशिकायतें सुनने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में बोर्ड के अपर सचिव प्रशासन का सीयूजी नंबर पर वाट्सएप चलाया जा रहा है। इसमें सुबह होते ही ‘हलो सर यूपी बोर्ड से बोल रहे हैं, सर हमारे घर के पास जो स्कूल है, वहां खूब नकल हो रही है, जिन बच्चों ने पैसे दिए हैं, उनको बोल कर पेपर हल कराया जा रहा है’ जैसी शिकायतें मिलना शुरू हो जाती हैं और यह सिलसिला शाम तक जारी कर रहता है। 1आम लोग बोर्ड परीक्षा के दौरान स्कूलों में चल रही नकल की जमकर शिकायतें कर रहे है। इन मामलों को मुख्यालय पर दर्ज करने के बाद उस जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को बोर्ड की ओर से सूचना दी जा रही है, ताकि उस केंद्र की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सके और नकल पर अंकुश लगे। 1बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए वैसे तो कई इंतजाम किए गए है, लेकिन पहली बार शासन के निर्देश पर बोर्ड नकल रोकने के लिए सीधे जनशिकायतें सुन रहा है। कुछ दिन पहले बोर्ड की ओर से जारी किए वाट्सएप नंबर पर आम जनता परीक्षा केंद्रों में हो रही नकल की जानकारी दी जा रही है। बोर्ड मुख्यालय में वाट्सएप नंबर का संचालन करने वाले अपर सचिव प्रशासन शिवलाल ने बताया कि सुबह की पाली के समय से ही वाट्सएप नंबर पर कॉल आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो दूसरी पाली की परीक्षा के समाप्त होने तक लगातार आ रहा है।

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