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Sunday, 23 April 2017

ALLAHABAD: नामांकन और उपस्थिति में फिसड्डी प्राइमरी स्कूल,कैसे होगा सुधार

नामांकन व उपस्थिति में फिसड्डी प्रा. स्कूल

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद 1नए शैक्षिक सत्र का प्राथमिक विद्यालयों में धीरे-धीरे एक माह पूरा होने वाला है, लेकिन स्कूलों में छात्र-छात्रओं की संख्या बढ़ने का नाम ही नहीं ले रही है। शिक्षक स्कूल समयावधि में मुट्ठीभर बच्चों को बैठाए रहते हैं। कॉपी-किताब, बैग, ड्रेस जैसा तोहफा जल्द मिलने की उम्मीद भी नहीं है, ऊपर से बरस रही आग बच्चों के मन में स्कूल का आकर्षण पैदा नहीं कर पा रही है। 1बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऐसा ही नजारा इन दिनों दिख रहा है। अफसरों ने सत्र का श्रीगणोश करा दिया है, शैक्षिक कैलेंडर स्कूलों में भेजा जा चुका है और पुरानी किताबों से पढ़ाने का फरमान भी जारी हुआ है। साथ ही नई सरकार की सख्ती पर खंड शिक्षा अधिकारियों से माह में दो बार निरीक्षण रिपोर्ट भी मांगी जा रही है। ऐसे में अफसरों की चहलकदमी जरूर बढ़ी है। साथ ही बड़े अधिकारी भी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। इसमें छात्रों की संख्या को लेकर सभी परेशान हैं। ज्यादातर स्कूलों में जितने बच्चों का नामांकन है उसका एक चौथाई ही मौके पर मिल रहे हैं। 1कई जगहों पर स्कूल खुलने और बंद होने का समय अब भी शिक्षक की मनमर्जी के मुताबिक ही मिला है। अफसर लगातार अधिक बच्चों का नामांकन कराने और उन्हें जैसे-तैसे भी स्कूल में रोकने का निर्देश दे रहे हैं। यह हाल तब है जब पिछली कक्षा के बच्चों का अगली कक्षा में अपने आप दाखिला हो गया है। साथ ही छह से 14 वर्ष तक के छूटे हुए यानी स्कूल न जाने वाले बच्चों का नामांकन कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश हैं। शिक्षकों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण तक दिया गया है, लेकिन राज्य परियोजना कार्यालय को इसकी रिपोर्ट ही भेजी जा रही है। असल में विशेष प्रशिक्षण आदि कागजों पर हो गया है इसीलिए उसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा ��

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