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Tuesday, 4 April 2017

अब पूरे वेतन पर भी पीएफ पेंशन



अब पूरे वेतन पर भी पीएफ पेंशन

जासं, कानपुर : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्य पूरे वेतन पर भी पेंशन ले सकते हैं। ऐसा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर हुआ है।1ईपीएफओ के केंद्रीय अपर भविष्य निधि आयुक्त (मुख्यालय) डॉ. एसके ठाकुर ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में आदेश जारी करते हुए कहा है यदि किसी पेंशनर का पीएफ अंशदान पीएफ की सीलिंग सीमा से अधिक वेतन पर कटता था लेकिन पेंशन फंड में सीलिंग सीमा कर आधार पर ही गणना कर पैसा जाता था तो उसके अंतर का राशि ब्याज सहित जमा कर बढ़ी हुई पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। वर्ष 2001 में सीमा 6500 थी और एक सितंबर 2014 से यह सीमा बढ़ कर 15 हजार कर दी गयी। कर्मचारियों का अंशदान इसी पर 12 फीसद की दर से वेतन से काट कर जमा किया जाता है और इतना ही अंशदान सेवायोजक मिलाते हैं। सेवायोजक के अंशदान का 8.33 हिस्सा पेंशन फंड में जाता है जिससे कर्मचारी के 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने पर गणना कर पेंशन का भुगतान दिया जा सकता है। ईपीएफ इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय अपर भविष्य निधि आयुक्त (मुख्यालय) के आदेश के अनुसार अंशदान और नई गणना के हिसाब से बनने वाले अंशदान के अंतर की राशि को जमा ब्याज के साथ जमा कराना होगा।1जासं, कानपुर : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्य पूरे वेतन पर भी पेंशन ले सकते हैं। ऐसा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर हुआ है।1ईपीएफओ के केंद्रीय अपर भविष्य निधि आयुक्त (मुख्यालय) डॉ. एसके ठाकुर ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में आदेश जारी करते हुए कहा है यदि किसी पेंशनर का पीएफ अंशदान पीएफ की सीलिंग सीमा से अधिक वेतन पर कटता था लेकिन पेंशन फंड में सीलिंग सीमा कर आधार पर ही गणना कर पैसा जाता था तो उसके अंतर का राशि ब्याज सहित जमा कर बढ़ी हुई पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। वर्ष 2001 में सीमा 6500 थी और एक सितंबर 2014 से यह सीमा बढ़ कर 15 हजार कर दी गयी। कर्मचारियों का अंशदान इसी पर 12 फीसद की दर से वेतन से काट कर जमा किया जाता है और इतना ही अंशदान सेवायोजक मिलाते हैं। सेवायोजक के अंशदान का 8.33 हिस्सा पेंशन फंड में जाता है जिससे कर्मचारी के 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने पर गणना कर पेंशन का भुगतान दिया जा सकता है। ईपीएफ इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय अपर भविष्य निधि आयुक्त (मुख्यालय) के आदेश के अनुसार अंशदान और नई गणना के हिसाब से बनने वाले अंशदान के अंतर की राशि को जमा ब्याज के साथ जमा कराना होगा।1

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