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Wednesday, 26 April 2017

UP BOARD : डीआइओएस के अनुमोदन पर बढ़ेंगे परीक्षक यूपी बोर्ड की अहम बैठक आज शिकंजा

डीआइओएस के अनुमोदन पर बढ़ेंगे परीक्षक
यूपी बोर्ड की अहम बैठक आज
शिकंजा

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद 1हाईस्कूल व इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षक इस बार आयाराम-गयाराम के दायरे में नहीं रहेंगे। जिन परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, वह कार्य नहीं करेंगे तो उन्हें लिखित जवाब देना होगा। साथ ही मूल्यांकन केंद्र नियंत्रक व उपनियंत्रक की मनमर्जी से कोई शिक्षक परीक्षक नहीं बन सकेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआइओएस से अनुमोदन के बाद परीक्षकों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। 1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव ने मंगलवार को इलाहाबाद व मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक, संयुक्त शिक्षा निदेशक और मूल्यांकन केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि कॉपियों के मूल्यांकन में किसी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी। परीक्षक हर प्रश्न और उसके उत्तर को ठीक से पढ़कर अंक दें। इस तरह का मूल्यांकन हो कि यदि आरटीआइ के जरिए परीक्षार्थी या फिर अन्य कोई शख्स उसे देखना चाहे तो किसी तरह की चूक सामने न आए। बोर्ड प्रशासन इस बार प्रदेश के 254 मूल्यांकन केंद्रों पर करीब एक लाख 35 हजार परीक्षकों को नियुक्त कर रहा है। हाईस्कूल व इंटर की तीन करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए यह संख्या पर्याप्त है। कई बार यह देखा गया है कि परीक्षक मूल्यांकन करने नहीं आते इससे काम प्रभावित होता है और दूसरे परीक्षकों की ऐन वक्त पर तैनाती करनी पड़ती है। यह प्रकरण मंगलवार को बैठक में भी उठा। इस पर बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया कि वह परीक्षकों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करेंगी। यह नहीं होगा कि मूल्यांकन केंद्र प्रभारी अपने मन से परीक्षक तैनात कर लें। 1इस पर अफसरों ने अनुरोध किया कि जरूरत पड़ने पर बोर्ड प्रशासन ऐसे परीक्षक नियुक्त करने का ��

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