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Tuesday, 30 May 2017

भर्तियों के लिए कार्यालय से आवास तक प्रदर्शनबेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के सामने 12460 शिक्षक भर्ती और चार हजार उर्दू शिक्षक भर्ती व उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के के दावेदारों ने प्रदर्शन किया और भर्तियों से रोक हटाने की मांग कीशिक्षा निदेशालय से लेकर डिप्टी सीएम के आवास के सामने तक धरना और प्रदर्शन

भर्तियों के लिए कार्यालय से आवास तक प्रदर्शन
बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के सामने 12460 शिक्षक भर्ती और चार हजार उर्दू शिक्षक भर्ती व उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के के दावेदारों ने प्रदर्शन किया और भर्तियों से रोक हटाने की मांग की
शिक्षा निदेशालय से लेकर डिप्टी सीएम के आवास के सामने तक धरना और प्रदर्शन
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : विभिन्न आयोग व भर्ती बोर्डो में ठप नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने की मांग जोर पकड़ रही है। सोमवार को शिक्षा निदेशालय से लेकर डिप्टी सीएम के आवास के सामने तक धरना और प्रदर्शन हुए। अभ्यर्थी नियुक्तियां शुरू करने के आदेश के सिवा कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
प्रदेश भर के उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू करने की मांग हो गई है। अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय में बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पूर्व की काउंसिलिंग में सम्मिलित अभ्यर्थियों से खाली पदों को भरने के लिए 17 मार्च को आदेश जारी हुए थे, लेकिन 23 मार्च को भर्तियों पर रोक लगा दी गई। उसे अब बहाल किया जाए। अभ्यर्थी यहां कई दिनों से धरना दे रहे हैं उनका कहना है कि अनसुनी होने पर वह आमरण अनशन करेंगे। यहां दिलीप राठौर, राहुल मिश्र, दीपक, राजेंद्र प्रसाद, कुलदीप, दुर्गेश कुमार सिंह और सुभाष चंद्र शामिल थे।
बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के सामने 12460 शिक्षक भर्ती और चार हजार उर्दू शिक्षक भर्ती के दावेदारों ने प्रदर्शन किया और भर्तियों से रोक हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक आदेश नहीं होगा, वह लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे।
उधर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रतियोगियों का कहना है कि सूबे में भाजपा सरकार बनने के बाद से आयोग की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई।
इस कारण ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ लिपिक और लेखाकार आदि पदों के लिए आवेदन करने वाले हजारों अभ्यर्थी परेशान हैं। सरकार आयोग में नए अध्यक्ष की तैनाती भी नहीं की जा रही है। प्रतियोगियों ने बताया कि डिप्टी सीएम ने उनका ज्ञापन लिया और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। यहां हरिओम दीक्षित, आशू, राहुल कुशवाहा, हरिश्चंद्र चतुर्वेदी आदि प्रतियोगी शामिल थे। 
प्रवल्लिका ने नहीं दिया जवाब
राब्यू, इलाहाबाद : उप्र लोकसेवा आयोग ने तेलंगाना हैदराबाद की रहने वाली चमरथी प्रवल्लिका को आयोग की परीक्षाओं से पिछले साल 10 वर्षो के लिए डिबार करने का नोटिस दिया था। उसे अपना पक्ष आयोग में रखना था, लेकिन वह नहीं आई है। इस संबंध में आयोग ने वेबसाइट के जरिये अवगत कराया है।
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