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Monday, 29 May 2017

चिंता की वजह भी बना रिजल्ट दस विषयों के दस सवालों का ही पुनमरूल्यांकन वर्ष 2016 और 2015 के नतीजों से भी खराब रहा इस बार का परीक्षा परिणाम

चिंता की वजह भी बना रिजल्ट

दस विषयों के दस सवालों का ही पुनमरूल्यांकन

वर्ष 2016 और 2015 के नतीजों से भी खराब रहा इस बार का परीक्षा परिणाम

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : सीबीएसई इंटर में इलाहाबाद परिक्षेत्र का परिणाम खराब रहा है। तीन वर्षो में इस बार सबसे कम छात्र-छात्रएं उत्तीर्ण हो सके हैं। परिक्षेत्र के जिला, स्कूल और परीक्षार्थी आदि बढ़ने के बाद भी रिजल्ट में सुधार के बजाय गिरावट आ रही है। स्कूल संचालकों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है। 1इलाहाबाद परिक्षेत्र में 2015 में इंटर का परिणाम 75.16 फीसद रहा है। 2016 में यह बढ़कर 76.83 हो गया, जबकि इस बार यह परिणाम घटकर 75.06 फीसद पर अटक गया है। पिछले साल 73.09 फीसद छात्र व 83.48 फीसद छात्रएं सफल हुई थी, जबकि इस बार 71 फीसद छात्र सफल हुए और लड़कियों का सफलता प्रतिशत आठ फीसद घटकर 75 फीसद पर रह गया है। 1वाराणसी का सनबीम कालेज लंका पिछले कई वर्ष से लगातार टॉपर दे रहा है। पिछले वर्ष यहां की छात्र पांचवें स्थान पर थी और इस बार पहले नंबर पर है। कानपुर भी पिछले साल टॉपर सूची और जोन में अव्वल रहा है। यही दोनों शहर के छात्र-छात्रओं ने इस बार भी सफलता का परचम लहराया है।

मॉडरेशन प्रणाली की सुलझी गुत्थी

सीबीएसई इंटर के रिजल्ट में मॉडरेशन प्रणाली लागू रही है। कोर्ट के निर्देश के बाद मॉडरेशन खत्म करने का निर्णय बदल दिया गया है। यदि मॉडरेशन प्रणाली खत्म हो जाती तो परीक्षा परिणाम का प्रतिशत और गिरना तय था। उम्मीद है कि अगले सत्र से यह प्रणाली खत्म हो सकती है। 1यूपी बोर्ड के परिणाम में असर नहीं 1सीबीएसई ने मॉडरेशन प्रणाली अपना करके यूपी बोर्ड को राहत दी है। अब पिछले वर्षो की तरह यहां का रिजल्ट जून के पहले सप्ताह में जारी होगा। यदि सीबीएसई मॉडरेशन लागू न करता तो यूपी बोर्ड को भी छह साल बाद नियम में बदलाव करना पड़ता। बोर्ड सचिव शैल यादव ने कहा कि वह इस संबंध में सीबीएसई अध्यक्ष से वार्ता के बाद कहेंगी।राज्य ब्यूरो,

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की इंटरमीडिएट परीक्षा में सवालों के बेहतर जवाब लिखने के बावजूद कम अंक पाने वाले परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका का पुनमरूल्यांकन करा सकते हैं। दोबारा मूल्यांकन केवल दस विषयों गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, हंिदूी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भूगोल आदि विषयों में ही लागू है। यही नहीं परीक्षार्थी उन विषयों में से केवल दस सवालों को ही दोबारा जांचने का अनुरोध कर सकेंगे। इसमें समूची कॉपी का पुनमरूल्यांकन नहीं होगा।

जुलाई में ही कंपार्टमेंट परीक्षा : सीबीएसई की कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई में ही होगी। इसके लिए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया सोमवार से ही शुरू हो जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी औपचारिकताएं पूरी करके आवेदन कर सकते हैं। वहीं स्क्रूटनी के लिए भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।

यूपी बोर्ड को पीछे छोड़ा : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मार्च में परीक्षाएं शुरू करके अप्रैल में उसे पूरा कराया और यूपी बोर्ड से पहले ही परिणाम भी जारी कर दिया। जबकि यूपी बोर्ड अभी परिणाम घोषित करने की तारीख तय नहीं कर सका है, हालांकि रिजल्ट बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 1माना जा रहा है कि मंगलवार को तारीख का औपचारिक एलान हो जाएगा। वहीं, सीबीएसई का हाईस्कूल का परिणाम दो जून को आने की उम्मीद है।

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