वाराणसी : कौन सिले-कैसे सिले में उलझी स्कूल यूनीफार्म ड्रेस व किताब जननद में विद्यालयों की संख्या छात्रों की संख्या 1111 कौन सिले-कैसे सिले में उलझी स्कूल यूनीफार्म

June 28, 2017
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मंहगाई के इस दौर में सिर्फ पैंट की सिलाई 300 रुपये हैं। वहीं शासन ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को 200 रुपये में गुणवत्तायुक्त यूनीफार्म देने का फरमान जारी किया है। बच्चों को यूनीफार्म उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को सौंपी गई है। इतना ही नहीं पहली जुलाई तक यूनीफार्म देने का दबाव भी बनाया जा रहा है ताकि ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलते ही बच्चों को वितरित की जा सके।1खास बात यह है कि इस वर्ष यूनीफार्म का रंग भी बदल दिया गया है। खाकी के स्थान पर बालकों के लिए भूरी पैंट व गुलाबी शर्ट तथा बालिकाओं के लिए भूरे रंग का सलवार व गुलाबी समीज कर दी गई है। बाजार की स्थिति यह कि गुलाबी रंग का कपड़ा ही गायब है। अगर, कहीं कपड़ा है भी तो काफी मंहगा। इसके चलते एमएससी के सदस्य अधिक दाम देकर कपड़ा खरीदने से परहेज कर रहे हैं। इस बीच कपड़ा खरीद चुकी विद्यालय प्रबंध समितियां ड्रेस सिलाई को लेकर परेशान हैं। उन्हें 150 रुपये से कम राशि में ड्रेस सिलने वाला कोई दर्जी नहीं मिल रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी 150 रुपये के नीचे ड्रेस सिलने को तैयार नहीं है। एसएमसी के सदस्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की चिरौरी कर रहे हैं। ऐसे में कहां से आएगा कपड़ा, कौन सिलेगा ड्रेस यह पहेली बनी हुई है। कुल मिलाकर पहली जुलाई से यूनीफार्म वितरण उलझ गया है। 1100 रुपये में कहां से कपड़ा 1एक बच्चों को एक सेट ड्रेस तैयार कराने के लिए सवा दो मीटर कपड़े की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में एसएमसी के सदस्य 40 रुपये मीटर की दर से कपड़े की तलाश कर रहे हैं। उनका कहना है कि 100 रुपये सिलाई में चला जाएगा। ऐसे में यूनीफार्म की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।1प्राथमिकी का भी प्रावधान 1कपड़े की गुणवत्ता खराब होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रावधान है जबकि यूनीफार्म के मद में पिछले सात साल से एक भी रुपये की वृद्धि नहीं की गई है।1सभी बच्चों को दो सेट यूनीफार्म 1सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी बच्चों को दो सेट यूनीफार्म मुफ्त में उपलब्ध कराना है। बालकों को एक पैंट के लिए एक मीटर में व शर्ट के लिए सवा मीटर कपड़े की आवश्कता पड़ेगी। इसी प्रकार बालिकाओं को भी एक सेट यूनीफार्म के लिए ढाई मीटर कपड़ा चाहिए। दो सेट में दोगुना कपड़ा लगना स्वभाविक हैं। 12,03,128 सेट ड्रेस की जरूरत 1जनपद में 1367 विद्यालयों में करीब 1,62,698 बच्चे पंजीकृत हैं। दो सेट के हिसाब से 2,03,128 सेट ड्रेस की जरूरत है। किसी भी हालत में पहली जुलाई तक इतनी संख्या में यूनीफार्म उपलब्ध होना संभव नहीं है। 1किताबें भी संभव नहीं 1किताबों का भी वितरण भी 15 जुलाई तक संभव नहीं है। हालांकि कक्षा छह के तीन विषयों की किताबें 27 जून तक आने की संभावना है। 30 जून तक कुछ और कक्षाओं की किताबें आ सकती है लेकिन शतप्रतिशत किताबें जुलाई के द्वितीय सप्ताह तक आने की संभावना नहीं है। ऐसे में जुलाई में भी बच्चों का बैग खाली रहेगा।

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