संघ के साथ शिक्षा के नए प्रारूप पर मंथन करेगी सरकारशिक्षा वर्ग समूह और सरकार की समन्वय बैठक 18 और 19 कोपारित प्रस्तावों पर विचार कर सकती है सरकार

June 05, 2017

संघ के साथ शिक्षा के नए प्रारूप पर मंथन करेगी सरकार

शिक्षा वर्ग समूह और सरकार की समन्वय बैठक 18 और 19 को

पारित प्रस्तावों पर विचार कर सकती है सरकार

कवायद

राज्य ब्यूरो, लखनऊ1राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिक्षा वर्ग समूह की बैठक 18 और 19 को यहां लखनऊ में होगी। इसमें सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इस समन्वय बैठक में शिक्षा के नए प्रारूप पर मंथन होगा।


 हाल के दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा के कई नेता पार्टी फोरम और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदा पाठ्यक्रम खासकर इतिहास विषय के कोर्स पर सवाल उठा चुके हैं। इस दौरान समाज के हर वर्ग के उन नए नायकों (सुहेल देव, लखना पासी और झलकारी बाई) के बारे में चर्चा हुई। कहा गया कि साजिशन इतिहास में इन नायकों को अपेक्षित जगह नहीं मिली, जबकि बाबर और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं को जरूरत से अधिक जगह दी गई। कई मुद्दों पर तो इनका महिमामंडन भी किया गया है।


हाल ही में यहां आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। इस दौरान सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए अगर विद्यार्थी परिषद कोई प्रस्ताव लाती है तो सरकार उस पर विचार करेगी। इसके तुरंत बाद होने वाली शिक्षा वर्ग समूह की बैठक इस लिहाज से महत्वपूर्ण है। स्वाभाविक है कि इसमें पारित प्रस्तावों पर निकट भविष्य में सरकार से भी चर्चा होगी। इसके अनुसार इतिहास के पाठ्यक्रम में बदलाव भी संभव है। सरकार बार-बार इसका संकेत भी दे चुकी है।


यूं भी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का खासा दखल है। विद्या भारती के बैनर तले संघ के पास निजी शिक्षण संस्थाओं का सबसे बड़ा नेटवर्क है। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों ने विद्याभारती के पाठ्यक्रम के अनुसार अपने शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव भी किए हैं। संभव है भविष्य में यहां भी ऐसे बदलाव हों।

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