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Thursday, 29 June 2017

गोरखपुर : चार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति निरस्त फर्जीवाड़ा आया सामने

निलंबित बीएसए ओम प्रकाश यादव का एक और सामने आया है। उन्होंने पटल सहायक जनार्दन यादव, प्रबंधक और प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर में सहायक अध्यापक पद पर चयनित अभ्यर्थियों के स्थान पर अन्य की तैनाती कर दी। जांच में मामला सही पाए जाने पर बीएसए सुधीर कुमार ने चारों नियुक्तियां निरस्त कर दीं। 1सहायक शिक्षा निदेशक (एडी बेसिक) की संस्तुति पर बीएसए ने मामले की फिर से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर गोरखपुर के प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, पटल सहायक विभागीय पर्यवेक्षक और तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभिलेखों में हेराफेरी की है। बता दें कि तत्कालीन बीएसए ने पांच अक्टूबर 2016 को चयनित अभ्यर्थियों का अनुमोदन भी कर दिया। जबकि, शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश ने तीन जून से 31 जुलाई 2016 तक ही भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्देश जारी किया था। ऐसे में सर्वेश शंकर, अजय कुमार, मीरा और उदय प्रताप की नियुक्ति अनियमित व विधि विरुद्ध है। छह विद्यालय में शिक्षक व लिपिकों के फर्जी नियुक्ति के मामले में शासन ने तत्कालीन बीएसए ओम प्रकाश यादव को 15 मई को निलंबित कर दिया था।alt146 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर में कर दी गई अन्य की नियुक्ति 1alt146 प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, सहायक पटल व तत्कालीन बीएसए ने की हेराफेरीहेराफेरी करने वालों के खिलाफ भी हो कार्रवाई 1गोरखपुर : आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने हेराफेरी करने वाले लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कार्रवाई के लिए उन्होंने मंडलायुक्त को पत्रक सौंपा है। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति तो निरस्त कर दी गई, लेकिन साजिश करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मंडलायुक्त से अन्य नियुक्तियों की भी जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया है कि जनपद में कर बड़े पैमाने पर शिक्षक और लिपिकों की नियुक्ति की गई है।

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