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Monday, 12 June 2017

नौनिहालों का भविष्य टाटपट्टी पर,करीब 50 हजार से अधिक बेसिक स्कूलों के बच्चे टाट पर बैठने को मजबूर

नौनिहालों का भविष्य टाटपट्टी पर

पुलक त्रिपाठी, लखनऊ : पहली जुलाई से नया सत्र शुरू होगा। कई नौनिहाल पहली बार स्कूल आएंगे। उनमें स्कूल जाने का उत्साह भी होगा। मगर हर बार की तरह कई स्कूलों में इस बार भी उन्हें बैठने के लिए फर्नीचर नहीं, टाट-पट्टी मिलेंगी। नई किताबों का वितरण न होने की वजह से उन्हें पुरानी किताबों से पढ़ना होगा। यह हम नहीं कह रहे बल्कि विभागीय आंकड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। करीब 50 हजार से अधिक बेसिक स्कूलों के बच्चे टाट पर बैठने का मजबूर हैं।

सीतापुर से सीख लेने की जरूरत : आंकड़ों के मुताबिक, सीतापुर इकलौता जनपद है जहां सभी बेसिक स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए फर्नीचर उपलब्ध है। अन्य जिलों को सीतापुर से सीख लेने की जरूरत है। पुलक त्रिपाठी, लखनऊ

जिला     कुल स्कूल       फर्नीचर नदारद

अंबेडकरनगर 1353  631
अमेठी 1333 738
बहराइच 2470 2052
बलरामपुर 1574 610
बाराबंकी 2170 1110
फैजाबाद 1528 981
गोंडा 2234 1521
हरदोई 2832 1503
लखनऊ 1361 143

इस पर अभी तक कोई एक्शन प्लान तैयार नहीं किया गया है। यह बात सच है कि स्कूलों में बेसिक स्कूलों में संसाधनों की काफी कमी है।-सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह निदेशक, बेसिक शिक्षा

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