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Monday, 19 June 2017

जुलाई से यूपी बोर्ड की ऑनलाइन मान्यतानई व्यवस्थाबिना अंक सहप्रमाणपत्र के ही शिकायतों का शतकमाध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रस्ताव पर शासन ने लगाई मुहर, गजट भी किया गया जारी

जुलाई से यूपी बोर्ड की ऑनलाइन मान्यता

नई व्यवस्था

बिना अंक सहप्रमाणपत्र के ही शिकायतों का शतक

माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रस्ताव पर शासन ने लगाई मुहर, गजट भी किया गया जारी

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड से हाईस्कूल या फिर इंटरमीडिएट विद्यालय की मान्यता के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया नये शैक्षिक सत्र यानी जुलाई माह से शुरू होगी। आवेदन की औपचारिकताओं के अलावा में जिला विद्यालय निरीक्षक को सत्यापन रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही भेजनी होगी।

माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड में कक्षा 9 व 11 का पंजीकरण, हाईस्कूल व इंटर का परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया कई साल से चल रही है। पिछले साल ऑनलाइन प्रवेश पत्र भी सभी जिलों को दिये गए हैं। वहीं, 2018 में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण भी इसी प्रक्रिया के तहत होना है।

यूपी बोर्ड ने पारदर्शिता की ओर कदम बढ़ाते हुए पिछले माह ऑनलाइन मान्यता दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। असल में विद्यालयों को मान्यता देते समय भूमि की खतौनी आदि विवरणों में स्कूल संचालक अंतिम समय तक बदलाव करते थे। साथ ही जिन बिंदुओं पर आपत्ति की जाती थी, उसके निराकरण में भी ‘खेल’ होते रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कालेज प्रबंधकों से प्रभावित होकर मान्यता बांटते रहे हैं। 1इन सब पर ऑनलाइन प्रणाली से अंकुश लग जाएगा। कालेज प्रबंधकों को खतौनी भी ऑनलाइन अपलोड करनी पड़ेगी और डीआइओएस निरीक्षण आख्या वेबसाइट पर अपलोड करेंगे, जिसे कोई अधिकारी व अन्य देख सकते हैं। मान्यता देने में ‘अपनों’ को वरीयता भी नहीं मिल सकेगी।

यूपी बोर्ड से नए विद्यालय, पुराने विद्यालय में नई कक्षा और नए विषयों की मान्यता दी जाती रही है। यह सिलसिला पारदर्शी तरीके से यथावत चलेगा। बोर्ड सचिव शैल यादव ने बताया कि शासन ने बोर्ड के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। उसका गजट भी करा दिया गया है। बोर्ड ने चारों क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ मिलकर ऑनलाइन मान्यता का सॉफ्टवेयर तैयार किया है।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम तैयार करने में खूब समय लिया, फिर भी गलतियों पर विराम न लग सका है। क्षेत्रीय कार्यालयों में खुले ग्रीवांस सेल में आ रही शिकायतों में अधिकांश परीक्षार्थी विषय और प्रैक्टिकल के अंक रिजल्ट में दर्ज न होने की हैं। इंटरनेट पर परिणाम देखने के बाद ही करीब 100 शिकायतें ग्रीवांस सेल में दर्ज हो चुकी हैं।

माना जा रहा है कि जिलों में अंक सहप्रमाणपत्र के पहुंचने पर शिकायतों की रफ्तार इस बार तेज होगी। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पिछले साल 18 फरवरी से परीक्षा शुरू हुई और परिणाम 15 मई को ही जारी हुआ। जबकि, इस बार रिजल्ट देने में बोर्ड को काफी समय लगा है। इस बार परीक्षाएं कुल 25 दिन चली और 48 दिन में परिणाम जारी हो सका है। इतना होने के बाद भी रिजल्ट में खामियों की भरमार है। हर तरफ से अपूर्ण रिजल्ट की शिकायतें मिल रही हैं।

इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदेश के 24 जिलों से 50 शिकायतें सीधे दर्ज हुई हैं, जबकि इतनी ही डाक के माध्यम से पहुंची है। यही हाल अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों का भी है। पिछले साल रिजल्ट जल्द जारी होने के बाद भी शिकायतें बहुत कम हुई थी, जबकि 2015 में ग्रीवांस सेल में महीनों तक भीड़ जमा रही। इंटर की छात्र अरुणिमा पांडेय के अंक पत्र में प्रैक्टिकल के अंक दर्ज नहीं है।

क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे प्रमाणपत्र हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2017 के अंक सह प्रमाणपत्र क्षेत्रीय कार्यालयों पर पहुंचना शुरू हो गए हैं। इसी सप्ताह उन्हें जिलों पर भेजा जाएगा। इस माह के अंत तक परीक्षार्थियों को वह वितरित हो जाएंगे। बोर्ड प्रशासन इस कार्य में तेजी से जुटा है।’

जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन

यूपी बोर्ड ने पारदर्शिता की ओर बढा़ए कदमएक हजार पुराने आवेदन अधर में

यूपी बोर्ड के चारों क्षेत्रीय कार्यालयों में विद्यालय, विषय, संकाय आदि की मान्यता के लिए करीब एक हजार आवेदन आ चुके हैं। बोर्ड ने इससे शासन को अवगत भी करा दिया है लेकिन, वहां से इस संबंध में कोई आदेश नहीं आया है कि पुराने आवेदनों का निपटारा होगा या फिर आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

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