11वीं, 12वीं की परीक्षा में मदद करेगी प्रधानमंत्री की किताब पुस्तक का सार यह है कि अंक के ऊपर ज्ञान को क्यों महत्व दिया जाए और भविष्य की जिम्मेदारी का वहन कैसे किया जाए

July 04, 2017

11वीं, 12वीं की परीक्षा में मदद करेगी प्रधानमंत्री की किताब

पुस्तक का सार यह है कि अंक के ऊपर ज्ञान को क्यों महत्व दिया जाए और भविष्य की जिम्मेदारी का वहन कैसे किया जाए

नई दिल्ली : जनता के साथ सीधे संवाद कायम करने में माहिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब नई किताब के माध्यम से युवाओं से मुखातिब होंगे। पेंगुइन इंडिया से छपने जा रही यह पुस्तक पूरी तरह इंटरएक्टिव होगी और इसे पढ़ने वाले युवा सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कायम कर सकेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री से कैसे जुड़ा जाएगा इसका
स्वरूप अभी नहीं बताया जा रहा है।

वैसे यह पुस्तक युवाओं को समर्पित होगी, लेकिन इसे 11वीं और 12वीं के छात्रों को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए लिखा जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री परीक्षा के तनाव को दूर करने, शांत चित्त रहने और परीक्षा के बाद किए जाने वाले कामों के बारे में बताएंगे। पुस्तक में छात्रों से जुड़े कई आयामों पर प्रकाश डाला जाएगा जो विशेष तौर पर 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा के संदर्भ में अहम होगा। इस पुस्तक का सार यह है कि अंक के ऊपर ज्ञान को क्यों महत्व दिया जाए और भविष्य की जिम्मेदारी का वहन कैसे किया जाए।

पेंगुइन इंडिया इसका प्रकाशन कई भाषाओं में एक साथ करेगा। माना जा रहा है कि यह किताब इसी साल बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। पुस्तक लिखने का विचार प्रधानमंत्री का अपना है। परीक्षा के दौरान उनका मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ पूरी तरह छात्रों पर केंद्रीत था। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता के बाद छात्रों ने सीधे प्रधानमंत्री को पत्र लिखे। इसके बाद ही उन्होंने इस विषय पर पूरी पुस्तक लिखने का फैसला लिया।

ध्यान रहे कि अभी तक प्रधानमंत्री रहते हुए किसी ने बच्चों के लिए किताब नहीं लिखी है। पर मोदी शुरू से बच्चों को लेकर संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने पहली बार शिक्षक दिवस के दिन सीधे स्कूली बच्चों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की थी। आगामी पुस्तक इस संवाद को और ठोस दिशा देगी।

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