इलाहाबाद:आवेदन के लिए अब अनुमोदन का इंतजारप्रक्रिया🎯डीएलएड 2017 के लिए फिर लिए जाएंगे आवेदन।🎯अगस्त के पहले पखवारे में आवेदन के आसार।

July 28, 2017
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आवेदन के लिए अब अनुमोदन का इंतजार
प्रक्रिया
🎯डीएलएड 2017 के लिए फिर लिए जाएंगे आवेदन।
🎯अगस्त के पहले पखवारे में आवेदन के आसार।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : डीएलएड (पूर्व बीटीसी) कालेजों का सत्र नियमित करने की दिशा में प्रदेश सरकार बड़ा कदम बढ़ा चुकी है, लेकिन दोबारा आवेदन लेने की तारीख अभी तक तय नहीं हो सकी है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज रही हैं, वहां से अनुमोदन मिलने के बाद ही आवेदन की ऑनलाइन शुरू होगी। 1डीएलएड का सत्र इधर कई वर्षो से विलंब से चल रहा था। इस वर्ष दो सत्रों 2016 व 2017 के लिए प्रवेश कराया जाना था, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण उसमें विलंब हुआ। शासन के निर्देश पर पिछले महीने में 2016 के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे, लेकिन इसी बीच ‘दैनिक जागरण’ ने शीर्ष कोर्ट के उस आदेश को प्रमुखता से उजागर किया जिसमें 2017 से सत्र नियमित करने को कहा गया था। इसके बाद शासन ने बैठक करके यह तय किया कि 2016 का सत्र शून्य किया जाता है और लिए गए आवेदन 2017 में प्रवेश के लिए माने जाएंगे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने यह भी बताया था कि जब 2017 का सत्र चलना है तो इसमें उन अभ्यर्थियों की भी दावेदारी ली जाएगी, जिनकी उम्र एक जुलाई 2017 को 18 वर्ष पूरी कर रहे हैं। इसके लिए यह तैयारी हुई कि करीब एक सप्ताह के लिए फिर से ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट खोलनी होगी। ज्ञात हो कि अधिकांश महाविद्यालयों का परीक्षा परिणाम आ चुका है, अब नये आवेदन के लिए चंद अभ्यर्थी ही शेष हैं, जो उम्र सीमा पूरी न होने के कारण आवेदन नहीं कर पाए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज रही हैं वहां से अनुमोदन मिलने के बाद ही आवेदन की शुरू होगी। यह कार्य पूरा होने के बाद प्रवेश के लिए काउंसिलिंग कराई जाएगी। इस बार अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन काउंसिलिंग बीएड की तर्ज पर कराने की तैयारी पूरी की जा चुकी है। माना जा रहा है कि दोबारा आवेदन लेने की अगस्त माह के पहले पखवारे में ही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक हर हाल में प्रवेश कार्य पूरा करने की रणनीति बनी है। पिछली बार करीब छह लाख अभ्यर्थियों ने दावेदारी की थी, 2017 के सत्र में निजी कालेजों की संख्या दोगुनी होने से सीटें भी दोगुनी से अधिक हो गई हैं। इससे अधिकांश अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलने के आसार हैं।


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