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Sunday, 16 July 2017

ALLAHABAD:प्रदेश सरकार ने क्यों रोक दी 29334 शिक्षक भर्ती रोकने का आधार क्या है? कोर्ट ने सरकार को इस बावत पूरी जानकारी नौ अगस्त तक उपलब्ध कराने के दिए आदेश।


प्रदेश सरकार ने क्यों रोक दी 29334 शिक्षक भर्ती रोकने का आधार क्या है? कोर्ट ने सरकार को इस बावत पूरी जानकारी नौ अगस्त तक उपलब्ध कराने के दिए आदेश।

विधि संवाददाता, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग की भर्तियां रोकने पर कोर्ट ने सरकार से जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 सहायक अध्यापकों की भर्तियां रोकने का आधार क्या है? कोर्ट ने सरकार को इस बावत पूरी जानकारी नौ अगस्त तक उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। याची नीरज कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल सुनवाई कर रहे हैं। 1याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि याची गण ने 29334 सहायक अध्यापक के पद पर इलाहाबाद व सोनभद्र आदि जिलों में काउंसिलिंग कराई थी। नियुक्ति नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में यह कहते हुए याचिका दाखिल की थी कि तमाम पद रिक्त हैं। कोर्ट ने 30 सितंबर 2016 को काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया लेकिन, नियुक्ति पत्र मिलने से पहले ही 23 मार्च, 2017 को प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। याची का कहना है कि सरकार ने नियुक्तियां रोकने का कोई आधार नहीं बताया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है कि नियुक्तियों को आखिर किस वजह से रोका गया है।विधि संवाददाता, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग की भर्तियां रोकने पर कोर्ट ने सरकार से जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 सहायक अध्यापकों की भर्तियां रोकने का आधार क्या है? कोर्ट ने सरकार को इस बावत पूरी जानकारी नौ अगस्त तक उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। याची नीरज कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल सुनवाई कर रहे हैं। 1याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि याची गण ने 29334 सहायक अध्यापक के पद पर इलाहाबाद व सोनभद्र आदि जिलों में काउंसिलिंग कराई थी। नियुक्ति नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में यह कहते हुए याचिका दाखिल की थी कि तमाम पद रिक्त हैं। कोर्ट ने 30 सितंबर 2016 को काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया लेकिन, नियुक्ति पत्र मिलने से पहले ही 23 मार्च, 2017 को प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। याची का कहना है कि सरकार ने नियुक्तियां रोकने का कोई आधार नहीं बताया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है कि नियुक्तियों को आखिर किस वजह से रोका गया है।


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