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Tuesday, 4 July 2017

भर्तियों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थीसूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से विभिन्न आयोगों व चयन बोर्ड में कुछ अपवाद को छोड़कर नियुक्तियां ठप

भर्तियों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी

सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से विभिन्न आयोगों व चयन बोर्ड में कुछ अपवाद को छोड़कर नियुक्तियां ठप

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : भर्तियां शुरू कराने की मांग अब सड़क पर उतरकर हो रही है। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के बाद माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र कार्यालय के सामने सोमवार को दिन भर अभ्यर्थियों का आंदोलन चला। मंगलवार से यह मुहिम और तेज करने की तैयारी है। अभ्यर्थी किसी भी दशा में भर्तियों को टालने के पक्ष में नहीं है।

सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से विभिन्न आयोगों व चयन बोर्ड में कुछ अपवाद को छोड़कर नियुक्तियां ठप हैं। भर्तियां शुरू होने की उम्मीद में तीन माह का लंबा समय बीत गया है, अब अभ्यर्थी चुप बैठने को तैयार नहीं है। पिछले दिनों उच्च शिक्षा निदेशालय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के अभ्यर्थियों ने निदेशक के कक्ष में कब्जा करके आरपार की लड़ाई लड़ने के संकेत दे चुके हैं। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग कार्यालय के सामने धरना देकर रुके साक्षात्कार को पूरा कराने व 1150 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा की मांग हो चुकी है। सोमवार को चयन बोर्ड के सामने विक्की खान व अन्य अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर धरना दिया। उनकी मांग है कि 2011 प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक का साक्षात्कार की तारीख घोषित हो, साथ ही 2016 की लिखित परीक्षा का भी एलान किया जाए। यह आंदोलन शाम तक चला और चयन बोर्ड अध्यक्ष से वार्ता करने के बाद अभ्यर्थी वापस लौट गये, लेकिन मंगलवार से आंदोलन और तेज करने की तैयारी है।

विक्की खान ने कहा है कि तारीख की घोषणा तक क्रमिक आंदोलन जारी रहेगा। यहां सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।

आज फैसला होने की उम्मीद

चयन बोर्ड अध्यक्ष हीरालाल गुप्त मंगलवार को अभ्यर्थियों के आंदोलन को देखते हुए लंबित लिखित परीक्षा और 2011 के साक्षात्कार पर सदस्यों के साथ बैठक करके निर्णय ले सकते हैं। हालांकि चयन बोर्ड पहले से ही सितंबर माह में लिखित परीक्षा कराने और उसी के आसपास साक्षात्कार कराने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस पर अंतिम निर्णय अध्यक्ष के न होने से नहीं हुआ था।

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