उन्नाव:सख्ती:शिक्षकों के समायोजन की प्रशासन ने शुरू की जांच 🎯कई शिक्षकों की आपत्ति और शिकायत के बाद उठे कदम,पूर्व बीएसए की कार्यशैली पर उठने लगे थे सवाल। 🎯डीएम ने भी प्राप्त शिकायतों पर जांच के आदेश दिये हैं। प्रभारी बीएसए से समायोजन का ब्यौरा मांगा है।सोमवार को पूरे दिन बीएसए कार्यालय में शिकायतों और आपत्तियों का अलग-अलग प्रोफार्मो बनाने का कार्य किया जाता रहा।

July 25, 2017

सख्ती:शिक्षकों के समायोजन की प्रशासन ने शुरू की जांच
🎯कई शिक्षकों की आपत्ति और शिकायत के बाद उठे कदम,पूर्व बीएसए की कार्यशैली पर उठने लगे थे सवाल।
🎯डीएम ने भी प्राप्त शिकायतों पर जांच के आदेश दिये हैं। प्रभारी बीएसए से समायोजन का ब्यौरा मांगा है।सोमवार को पूरे दिन बीएसए कार्यालय में शिकायतों और आपत्तियों का अलग-अलग प्रोफार्मो बनाने का कार्य किया जाता रहा।
जागरण संवाददाता, उन्नाव : परिषदीय स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया में उठे सवाल बीएसए का तबादला होने के बाद और तेज हो गये हैं। शिक्षकों का आरोप है कि समायोजन की सूची में दर्ज अधिकतर नामों ने आपत्ति जताते हुए डीएम, सीडीओ व अन्य के सामने इसकी शिकायतें करनी शुरू कर दी हैं। डीएम ने भी प्राप्त शिकायतों पर जांच के आदेश दिये हैं। प्रभारी बीएसए से समायोजन का ब्यौरा मांगा है।सोमवार को पूरे दिन बीएसए कार्यालय में शिकायतों और आपत्तियों का अलग-अलग प्रोफार्मो बनाने का कार्य किया जाता रहा। सबसे ज्यादा शिकायत दिव्यांग शिक्षकों की सामने आ रही है। जिन्हें उनके ब्लाक और घर से दूर कर दिया गया। इतना ही नहीं उनकी दिव्यांगता को नजरंदाज करते हुए 40 से 50 किमी दूरदराज के विद्यालयों में तैनाती दी गई है। इसी के साथ समायोजन प्रक्रिया में उठ रही भ्रष्टाचार की चर्चाओं को बल मिलने लगा है। वैसे शासन ने इसे भ्रष्टाचारमुक्त रखने के लिए शिक्षकों का सेलरी डाटा और कार्यकाल का ब्यौरा आनलाइन मांगा गया था। लेकिन अन्य कई जिलों की तरह उन्नाव से भी यह डाटा समय पर नहीं भेजा गया। जिससे समायोजन को आनलाइन से आफलाइन करना पड़ा।सूत्रों की माने तो पहली सूची जो एनआइसी से डाउनलोड की गई थी, उसमें भी गलतियां का अंबार मिला। कुछ शिक्षकों ने आपत्ति की तो 17 जुलाई को डायट कैंपस में होने वाले समायोजन को रद कर दिया गया। गलत सूची गले की फांस न बन जाए इसके लिए आनन-फानन सूची सही करायी गई। बीआरसी केंद्रों पर समायोजन की प्रक्रिया 18 जुलाई को हुई। इसके बाद बचे शिक्षकों को 19 जुलाई को डायट कैंपस बुला स्कूल आवंटित कर दिए गए। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांग शिक्षकों की बढ़ाई गई। कुछ मामले इसकी गवाही दे रहे हैं।📚193 शिक्षकों की है आपत्ति : परिषदीय स्कूलों में समायोजन प्रक्रिया में हुए मनमानी पर करीब 93 शिक्षकों की आपत्ति है। उनके द्वारा जो भी समस्या जताई गई है, उसके संबंध में जांच के आदेश हुए है। बीघापुर, सिकंदरपुर कर्ण, सफीपुर सहित अन्य ब्लाक से समायोजित हुए दिव्यांग शिक्षकों ने डीएम से शिकायत की थी।तबादले के बाद उठे स्वर : बीएसए दीवान सिंह यादव के तबादले के बाद शिक्षकों ने आपत्ति और शिकायत को लेकर अपनी आवाज उठाई है। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों ने उनके सामने भी दुखड़ा रोया था लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हुई। बता दें कि इस पूरे प्रकरण में नियमों को एक किनारे कर मनमानी की गई है। जो जांच के बाद सामने होगी।
📚समायोजन प्रक्रिया में शिक्षकों की आपत्ति और शिकायत सामने आई है। प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। कुछ शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर डीएम और सीडीओ को शिकायत पत्र दिया है।अजय चौहान, प्रभारी बीएसए।
📚समायोजन पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है, हां जो आपत्तियां आयी थी उनके निस्तारण की प्रक्रिया भी पूरी करने के लिए कहा, उसी के साथ सूची जारी की जाये, ऐसे निर्देश दिये गये हैं। निस्तारण में उन्हें कुछ देरी लग रही है-अदिति सिंह, डीएम।
📚केस एक:उप्रावि बलऊ खेड़ा सिकंदरपुर करन की सहायक शिक्षिका रचना अवस्थी दिव्यांग हैं। स्कूल आने जाने में काफी समस्या थी। इससे इन्होंने उसी विद्यालय में रहने का प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन समायोजन में इनकी दिव्यांगता को नजरंदाज करते हुए 40 किमी दूर के उप्रावि विद्यालय मेहंदी नगर भेज दिया गया है।
📚केस दो :दिव्यांग शिक्षक अजय कुमार रावत सिकंदरपुर करन ब्लाक के उप्रावि मसवासी गणित के सहायक अध्यापक हैं। समायोजन में अब उन्हें 55 किमी दूर पुरवा ब्लाक के मुलाहिम पुर में तैनात किया है। व्हीलचेयर पर यह विद्यालय कैसे पहुंचेगे यह समस्या है। अजय ने डीएम, सीडीओ के सामने फरियाद लगायी है।
📚केस तीन:बीघापुर ब्लाक के उप्रावि गिरजा नगर की शिक्षिका शालिनी अवस्थी का पहले साथनी बाली खेड़ा उप्रावि में किया गया। अचानक अंतिम समय में समायोजन सूची में नाम काट कर फिर तलहई विद्यालय में तैनाती दे दी गई। अब शालिनी ने डीएम से इसकी शिकायत की है। जहां से जांच के आदेश दिये गये हैं।


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