इलाहाबाद:शिक्षक बनने को तैयार प्रशिक्षितों की फौज🎯डीएलएड, बीएड व टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या करीब दो लाख🎯शिक्षक बनने के लिए लंबे समय से अफसरों से लेकर कोर्ट तक दौड़ रहे युवा, युवाओं में अब नियुक्ति पाने की जगी उम्मीद

July 28, 2017
Advertisements

शिक्षक बनने को तैयार प्रशिक्षितों की फौज
🎯डीएलएड, बीएड व टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या करीब दो लाख
🎯शिक्षक बनने के लिए लंबे समय से अफसरों से लेकर कोर्ट तक दौड़ रहे युवा, युवाओं में अब नियुक्ति पाने की जगी उम्मीद

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से तैनात रहे शिक्षामित्रों का शीर्ष कोर्ट से समायोजन रद हो चुका है। इससे शिक्षामित्र आंदोलित हैं, वहीं प्रशिक्षित युवाओं की फौज इसे बड़े अवसर के रूप में देख रही है और शिक्षक पद पर तैनाती पाने की जोर-जुगत लगाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। करीब दो लाख प्रशिक्षित अभ्यर्थी अब एकजुट हो रहे हैं, सूबे में इतने युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं कि शिक्षामित्रों की कमी कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है। 1परिषद के विद्यालयों में एक लाख 72 हजार शिक्षामित्र लंबे समय से पढ़ा रहे हैं। उनमें से एक लाख 37 हजार को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाद अब शीर्ष कोर्ट ने उनका समायोजन रद कर दिया है। इससे स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बिगड़ने की आशंका है। इधर शिक्षामित्रों के आंदोलन से कानून-व्यवस्था भी बिगड़ रही है। इसे अवसर मानते हुए डीएलएड (पूर्व बीटीसी), बीएड और टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी एकजुट हो रहे हैं। उनका कहना है कि सपा सरकार ने मनमाने तरीके से शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन किया था। पहले यह आरोप था उसकी पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के बेजा दबाव में न आए, क्योंकि उनकी संख्या से अधिक प्रशिक्षित युवा बेरोजगार हैं, जो सरकार के निर्देश पर दावेदारी करने को तैयार हैं। इससे स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित नहीं होगा। टीईटी मोर्चा के संजीव मिश्र ने कहा कि युवाओं में अब नियुक्ति पाने की उम्मीद जगी है। 1शिक्षक बनने के लिए 65 हजार से अधिक बने याची1परिषदीय विद्यालय में शिक्षक बनने के लिए करीब 65 हजार से अधिक युवा याची बने हैं। असल में शीर्ष कोर्ट ने सात दिसंबर 2015 को 1100 याचियों को शिक्षक पद पर नियुक्ति का निर्देश दिया था, उनमें से 839 को नियुक्ति दी जा चुकी है उसके बाद याचियों की संख्या 65 हजार पार गई है। हालांकि उसमें तमाम की सूचनाएं अपुष्ट हैं, लेकिन सभी दावेदारी जरूर ठोंक रहे हैं। शीर्ष कोर्ट ने याचियों के संबंध में कोई निर्देश भी नहीं दिया है। 1


Advertisements

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »

Related Ads