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Saturday, 1 July 2017

इलाहाबाद : बेसिक विद्यालयों में होगा निश्शुल्क पुस्तक-यूनिफार्म वितरण आज से

 जिले के बेसिक विद्यालय शनिवार से खुल रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने कुछ विद्यालयों में निशुल्क यूनिफार्म एवं पुस्तकों का वितरण शुरू होगा। नगर एवं ग्रामीण अंचलों चुनिंदा विद्यालयों में पहले दिन जिलाधिकारी, सीडीओ एवं विधायकों की मौजूदगी में बच्चों को पुस्तकें एवं यूनिफार्म बांटे जाएंगे। 1बेसिक शिक्षा विभाग को बजट मिलने के साथ ही विद्यालयों में नई यूनिफार्म का वितरण शुरू कर दिया है। नव नियुक्त बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समय से किया जाएगा। स्कूलों में निशुल्क पुस्तक वितरण जुलाई के पूरा करा लिया जाएगा। इसके लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। शुरूआत में कुछ मॉडल विद्यालयों में वितरण किया जाएगा। माह के अंत तक सभी प्राइमरी एवं जूनियर विद्यालयों में पुस्तक एवं यूनिफार्म वितरण करा लिया जाएगा। शनिवार को एलनगंज, बहादुरपुर, कौड़िहार आदि में योजना की शुरूआत होगी। 1नए सत्र में कक्षाओं में शिक्षकों के लिए नहीं होगी कुर्सी : माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े जिले के इंटर और हाईस्कूल के विद्यालय भी शनिवार से खुल रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने व्यापक दिशा निर्देश दिए हैं। नए सत्र से शिक्षक-शिक्षिकाओं को कक्ष में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिलेगी। उम्रदराज और मरीजों के लिए छूट होगी। 15 जुलाई तक सभी विद्यालयों में बायोमिटिक्स हाजिरी सुनिश्चित करनी होगी। बायोमिटिक्स से सुबह शाम शिक्षकों की उपस्थिति होगी। विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाएं समय से पहुंचे इसके लिए औचक निरीक्षण का क्रम संपूर्ण सत्र में जारी रहेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा का कहना है कि यूपी बोर्ड के कालेजों में प्रत्येक स्थिति में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ानी होगी। कम छात्र-छात्रओं वाली कक्षाओं में शिक्षकों को ट्यूशन की भांति बच्चों को पढ़ाना होगा। जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रधानाचार्यो की बैठक में होगी। बैठक में समिति का गठन किया जाएगा। जो स्कूल-कालेजों दौरा कर खराब परीक्षा परिणाम की समीक्षा करेगी। शिक्षण के दौरान कक्षा में शिक्षक-शिक्षिकाएं भाषा और गणित की पुस्तकें छोड़कर कोई भी पाठ्य सामग्री कक्षाओं में नहीं ले जा पाएंगे। शिक्षकों को लेसन प्लान के हिसाब से पढ़ाई करानी होगी। कक्षा में जाने से पहले उन्हें संबंधित पाठ का स्वअध्ययन करना होगा। कालेज के प्रधानाचार्य इस बात सुनिश्चित कराएंगे

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