��हलचल एक नाम विश्वास का ��शिक्षा विभाग की समस्त खबरें एवं आदेश सबसे तेज एवं सबसे विश्वसनीय सिर्फ हलचल पर - सौरभ त्रिवेदी

Breaking

New

उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा 2017 में आवेदन हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारम्भ, आप यहाँ से सुगमता से सभी दिशा निर्देश पढ़ते हुए आवेदन करें, UPTET 2017 ONLINE PROCESS SYSTEM NOW AVAILABLE, CLICK HERE TO FILL FORM

आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आव...

Tuesday, 11 July 2017

NEW DELHI:सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा परिवार नियोजन भत्ता, लगा झटका 🎯कैबिनेट सचिव को मिलने वाला मनोरंजन भत्ता भी खत्म 🎯वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया था भत्तों पर विचार

सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा परिवार नियोजन भत्ता, लगा झटका
🎯कैबिनेट सचिव को मिलने वाला मनोरंजन भत्ता भी खत्म
🎯वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया था भत्तों पर विचार

नई दिल्ली, प्रेट्र : केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाला परिवार नियोजन भत्ता अब बंद किया जा रहा है। कैबिनेट सचिव को भी अब मासिक मनोरंजन भत्ता नहीं मिलेगा। इसके अलावा कुछ श्रेणियों में आहार, बाल कटाने और साबुन के मद में दिए जाने वाले भत्तों को भी खत्म किया जा रहा है। 1आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में भत्तों पर गठित समिति की ज्यादातर सिफारिशों को मंजूर कर लिया है। इसके मुताबिक, बहुत सारे अनुदानों को या तो खत्म कर दिया गया है या फिर उन्हें संशोधित किया गया है। अंतिम संस्कार और साइकिल खरीदने के लिए दिए जाने वाले भत्तों को संशोधन के साथ बरकरार रखा गया है। 128 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में भत्तों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। छह जुलाई को इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। 1लवासा के नेतृत्व में गठित समिति ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के बाद 27 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 34 संशोधनों के साथ समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। 1एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि प्रतिष्ठित अतिथियों के मनोरंजन के लिए कैबिनेट सचिव को 10 हजार रुपये मनोरंजन भत्ता दिया जाता था। कैबिनेट सचिवालय में काम करने वाले कर्मचारियों को गोपनीय भत्ता दिया जाता था। इन दोनों भत्तों को खत्म कर दिया गया है। लेकिन, साइकिल और अंतिम संस्कार भत्ते पर सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिश नहीं मानी। वेतन आयोग ने इन्हें खत्म करने की सिफारिश की थी। लेकिन, संशोधनों के साथ इन्हें बरकरार रखा गया है।’


Adbox