उन्नाव:उत्तर प्रादेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार पाण्डेय के आवाहन पर प्रदेश के शिक्षकों संग उन्नाव के करीब तीन हजार शिक्षकों ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोला 🎯स्कूल में तालाबंदी कर मुख्यालय पर प्रदर्शन करने व् आंदोलन करने में जिले के हजारों स्कूलों में पढाई प्रभावित होने के आसार। 🎯इसमें जूनियर और प्राथमिक दोनों स्कूलों के शिक्षक हो रहे शामिल। ऐसा इसलिए क्योंकि संघ में शामिल शिक्षकों में जूनियर स्कूलों की भी संख्या कुछ कम नहीं है। 🎯ऐसे में प्राइमरी के साथ जूनियर स्कूलों में भी  ताला लटकेगा। 🎯धरना प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

August 22, 2017

उत्तर प्रादेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार पाण्डेय के आवाहन पर प्रदेश के शिक्षकों संग उन्नाव के करीब तीन हजार शिक्षकों ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोला
🎯स्कूल में तालाबंदी कर मुख्यालय पर प्रदर्शन करने व् आंदोलन करने में जिले के हजारों स्कूलों में पढाई प्रभावित होने के आसार।
🎯इसमें जूनियर और प्राथमिक दोनों स्कूलों के शिक्षक हो रहे शामिल। ऐसा इसलिए क्योंकि संघ में शामिल शिक्षकों में जूनियर स्कूलों की भी संख्या कुछ कम नहीं है।
🎯ऐसे में प्राइमरी के साथ जूनियर स्कूलों में भी  ताला लटकेगा।
🎯धरना प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

उन्नाव: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज शिक्षामित्र सरकार से हक मांगने के लिए आरपार की लड़ाई के लिए खम ठोंके हैं, वहीं अब शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। आज से वह स्कूलों में ताला लगा जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम दो दिन चलेगा। ऐसे में परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होगी। प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था 25 जुलाई के बाद से लड़खड़ा गई है। इसके पीछे की वजह शिक्षामित्रों में उबाल है। समायोजन रद करने के बाद से वह आंदोलित है। सोमवार को हजारों की संख्या में शिक्षामित्र लखनऊ पहुंचे थे। वह आज भी लखनऊ में रहकर अपनी मांगों को फिर से दोहराएंगे। ऐसे में जिले में करीब 141 प्राइमरी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। यहां स्थिति अभी तक सामान्य नहीं हो सकी है कि सोमवार को उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ में शामिल शिक्षकों ने आंदोलन की हुंकार भर दी। आज से वह दो दिन स्कूल छोड़ धरना देंगे। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार करीब 3000 शिक्षक धरने में शामिल होंगे। लंबित 16 सूत्रीय मांगों को दोहराया जाएगा। प्रमुख मांगों में शिक्षकों की पेंशन निर्धारण के लिए शासनादेश, स्कूलों में पानी से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाएं, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अंतरजनपदीय स्थानांतरण पांच वर्ष से घटा एक वर्ष आदि हैं। धरना प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होगा। स्कूल में तालाबंदी के लिए संघ से जुड़े शिक्षकों से आह्वान किया गया है। इधर, इस आंदोलन में जिले के हजारों स्कूल प्रभावित होंगे। इसमें जूनियर और प्राथमिक स्कूल दोनों शामिल रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि संघ में शामिल शिक्षकों में जूनियर स्कूलों की भी संख्या कुछ कम नहीं है। ऐसे में प्राइमरी के साथ जूनियर स्कूलों में ताला लटकेगा।


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