मेरठ:मदरसों ने कहा, नहीं गाएंगे वंदे मातरम 🎯यूपी के मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य के सभी मदरसों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का निर्देश दिया है। इसकी विडियो रिकॉर्डिंग करने को भी कहा गया है। 🎯मेरठ के कई मदरसा संचालक और छात्र इस आदेश को गलत मानते हैं। उनका कहना है कि वंदे मातरम गाना देशभक्ति का कोई पैमाना नहीं है। सरकार जो चाहे कहे वह इस गीत को नहीं गाएंगे। 🎯 इस्लामिया मदरसा के संचालक और मवाना के काजी मौलाना नफीस अहमद कासमी का कहना है कि वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ है। यह हमारे मजहब के खिलाफ है।

August 13, 2017

मदरसों ने कहा, नहीं गाएंगे वंदे मातरम
🎯यूपी के मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य के सभी मदरसों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का निर्देश दिया है। इसकी विडियो रिकॉर्डिंग करने को भी कहा गया है।
🎯मेरठ के कई मदरसा संचालक और छात्र इस आदेश को गलत मानते हैं। उनका कहना है कि वंदे मातरम गाना देशभक्ति का कोई पैमाना नहीं है। सरकार जो चाहे कहे वह इस गीत को नहीं गाएंगे।
🎯 इस्लामिया मदरसा के संचालक और मवाना के काजी मौलाना नफीस अहमद कासमी का कहना है कि वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ है। यह हमारे मजहब के खिलाफ है।

विशेष संवाददाता, मेरठ।स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय गीत गाने के मदरसा शिक्षा परिषद के आदेश का मदरसा संचालकों और यहां पढ़ने वाले छात्रों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है। उनका यह भी कहना है कि 'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा...' और राष्ट्रगान गाने में कोई एतराज नहीं है।
यूपी के मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य के सभी मदरसों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का निर्देश दिया है। इसकी विडियो रिकॉर्डिंग करने को भी कहा गया है। मेरठ के कई मदरसा संचालक और छात्र इस आदेश को गलत मानते हैं। उनका कहना है कि वंदे मातरम गाना देशभक्ति का कोई पैमाना नहीं है। सरकार जो चाहे कहे वह इस गीत को नहीं गाएंगे। इस्लामिया मदरसा के संचालक और मवाना के काजी मौलाना नफीस अहमद कासमी का कहना है कि वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ है। यह हमारे मजहब के खिलाफ है। वंदे मातरम गाने से ही देशभक्ति का सबूत जाहिर नहीं होता। इसका ताल्लुक तो दिल से है। ये इस्लामिक तालीम का हिस्सा है कि वतन से मोहब्बत की जाए, लेकिन ये जरूरी नहीं की जिससे मोहब्बत हो उसकी पूजा करें या उसके सामने सर झुकाएं। उनका कहना है कि वंदे मातरम ज्यादातर मदरसों में नहीं गाया जाएगा। अफसर चाहें विडियोग्राफी कराएं, इसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। उर्दू मदरसा टीचर आफरीन का कहना है कि सरकार का मदरसों में वंदे मातरम गाने का आदेश ठीक नहीं है। राष्ट्रगान से उन्हें कोई एतराज नहीं। मदरसा छात्र अब्दुल मन्नान का कहना है कि वंदे मातरम हम नहीं गाएंगे। सरकार को आदेश वापस लेना चाहिए। मदरसा छात्र मोहम्मद अफजाल का कनहा है कि वंदे मातरम पर पहले भी बहस हो चुकी। इस पर दारुल उलूम की ओर से पहले ही फतवा जारी हो चुका है। वंदे मातरम हमारी मजहबी रिवायत के खिलाफ है, हम इसको नहीं गाएंगे।


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