लेख : एक देश - एक कर ( जीएसटी ), एक देश - एक पेशन क्यों नही ? सांसद, विधायकों को पुरानी पेंशन और युवा शिक्षक कर्मचारी आदि के लिए बाजार आधारित नवीन पेंशन योजना , कैसी समानता ??

August 08, 2017

एक देश, एक पेंशन क्यों नहीं

हाल ही में सरकार ने बहुप्रतीक्षित टैक्स प्रणाली जीएसटी लागू की है। अब लोगों और व्यापारियों को कई टैक्स न देकर सिर्फ एक ही टैक्स वस्तु और सेवा कर अर्थात जीएसटी ही देना होगा। नई कर प्रणाली से एक देश, एक कर, एक बाजार की परिकल्पना को साकार किया जा सका है। मोदी सरकार ने एक देश में एक विधान लागू कर अच्छा कदम उठाया। अभी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहां एक समान व्यवस्था की दरकार है जैसे पेंशन के क्षेत्र मे सांसद, विधायकों को पुरानी पेंशन दी जाती है, जबकि युवा शिक्षक कर्मचारी आदि के लिए बाजार आधारित नवीन पेंशन योजना लागू हैं। विचारणीय प्रश्न है कि मोदी सरकार एक तरफ तो समानता लाने की बात कह रही है और दूसरी ओर उनकी आंखों तले अलग-अलग पेंशन व्यवस्था लागू है। अत: पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर शिक्षक-कर्मचारियोंके बड़े वर्ग को संतुष्ट कर बेहतर कदम उठाया जाना चाहिए।1 सर्वजीत

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