सात हजार स्कूलों की नहीं बदल सकेगी तस्वीर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का समायोजन रोके जाने का मामला

August 02, 2017
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सात हजार स्कूलों की नहीं बदल सकेगी तस्वीर

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का समायोजन रोके जाने का मामला

दोहरा संकट

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय दोहरे संकट से जूझ रहे हैं। एक ओर शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने से अतिरिक्त शिक्षक अब नहीं रहे, वहीं जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी। फिलहाल वहां पर दूसरे शिक्षकों का समायोजन नहीं हो सकेगा। न्यायालय के स्थगनादेश के बाद सारी प्रक्रिया रुक गई है। ऐसे में सूबे के करीब सात हजार विद्यालयों को चलाने का जिम्मा एकल शिक्षक पर ही रहेगा। साथ ही जिन स्कूलों में शिक्षक अधिक हैं वह भी पहले की तरह कार्यरत रहेंगे।

परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए इस वर्ष तमाम कदम उठाए गए। परिषद ने तय समय पर शैक्षिक कैलेंडर जारी करने के बाद जन शक्ति निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी से प्रयास किया। हर शिक्षक की पहचान करने के लिए उनका सारा डाटा फीडिंग की जिलों की प्रक्रिया चली। यही नहीं शासन ने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत हर स्कूल में शिक्षक संख्या मुहैया कराने के लिए चरणबद्ध तरीके से समायोजन, जिले के अंदर और अंतर जिला तबादले तक का आदेश जारी किया। परिषद ने जनशक्ति निर्धारण में पाया कि आरटीई के तहत स्कूलों में करीब 65 हजार से अधिक शिक्षक हैं, उन्हें उन विद्यालयों में भेजने की तैयारी थी, जहां शिक्षकों की कमी है। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली सबसे बड़ी बाधा बनी। बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी शिक्षकों का डाटा फीड नहीं हो सका। इसीलिए जिलों ऑफलाइन समायोजन के आदेश हुए।

शासन ने पिछले महीने समायोजन कार्य की समीक्षा करने के दौरान पाया कि हर उच्च प्राथमिक स्कूल में एक विज्ञान, गणित व भाषा का शिक्षक अनिवार्य रूप से होना चाहिए, भले ही छात्र संख्या कोई भी हो। यह सारे जतन करने के बाद भी जिलों में समायोजन पूरा नहीं हो सका। इसके पहले ही शिक्षामित्रों का समायोजन शीर्ष कोर्ट से रद हो गया। इससे प्रक्रिया वैसे भी रुक गई थी, सोमवार को हाईकोर्ट ने समायोजन पर औपचारिक रूप से रोक लगा दी है।

अब सात हजार स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे रहेंगे, जिन स्कूलों में दो शिक्षक हैं वह भी जैसे-तैसे कार्य करेंगे। वहीं जहां पर अतिरिक्त शिक्षक हैं और वह मनचाहा स्कूल छोड़ना नहीं चाहते थे, उनकी भी मुराद पूरी हो गई है। 1अगले आदेश तक प्रक्रिया स्थगित 1बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि 13 जून के शासनादेश के क्रम में जो भी कार्यवाही गतिमान थी, वह हाईकोर्ट के आदेश के बाद अगले आदेश तक स्थगित की जाती है। कोर्ट ने 21 अगस्त तक शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में समायोजित न करने का आदेश दिया है।

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