इलाहाबाद: टीईटी में 32589 अभ्यर्थियों के आवेदन हुए निरस्त।

September 29, 2017


टीईटी में 32589 अभ्यर्थियों के आवेदन हुए निरस्त



सख्ती


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 में मनमाने तरीके से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों पर शिकंजा कस गया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने इस तरह से आवेदन करने वाले 32589 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों का केवल एक अंतिम जिले का आवेदन मान्य किया गया है। इससे मनचाहे जिले में परीक्षा देने का खेल करने वाले पहले ही बाहर हो गए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने बताया कि यूपी टीईटी 2017 में आवेदन पत्रों की जांच का कार्य पूरा हो गया है। इसमें उन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त हुए हैं, जो आवेदन की शर्ते पूरा नहीं करते हैं। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में दावेदारी करने वाले और बीएड सामान्य वर्ग के वह अभ्यर्थी जिनके अंक इंटर में 50 फीसद व आरक्षित श्रेणी में 45 से कम थे के 94 आवेदन निरस्त हुए हैं। वहीं उन अभ्यर्थियों ने जिन्होंने एक से अधिक जिलों के लिए दावेदारी की थी ऐसे 14791 के आवेदन निरस्त हुए हैं। प्राथमिक में कुल 14885 आवेदन निरस्त हुए हैं। उच्च प्राथमिक परीक्षा के लिए दावेदारी करने वाले उन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों जिनके स्नातक या फिर परास्नातक में 50 फीसद व आरक्षित वर्ग में 45 फीसद से कम अंक थे के 5343 आवेदन निरस्त हुए हैं। इसी तरह से बीएलएड करने वाले 16, बीए बीएड करने वाले 53, बीएससी बीएड करने वाले 32, बीएड व शिक्षाशास्त्र में स्नातक वाले 2678, विशेष बीटीसी के दो और एक से अधिक जिलों से दावेदारी करने वाले 9580 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त हुए हैं। उच्च प्राथमिक के लिए कुल 17704 आवेदन रद किए गए हैं। सचिव ने बताया कि एक से अधिक जिलों से दावेदारी करने वाले अभ्यर्थियों के केवल अंतिम जिले से दावेदारी को मान्य किया गया है। 1प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाणपत्र दिखाकर दे सकेंगे परीक्षा : टीईटी 2017 की परीक्षा में लगातार फर्जी अभ्यर्थियों की दावेदारी की मिल रही सूचना पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने बड़ा कदम उठाया है। फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। सचिव ने बताया कि 15 अक्टूबर की परीक्षा के समय अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ अपने ऑनलाइन आवेदन में अंकित फोटो युक्त पहचान पत्र तथा प्रशिक्षण योग्यता के प्रमाणपत्र अंतिम निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति भी साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके बिना अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 1इस कदम से वह अभ्यर्थी अब परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे, जिन्होंने कोई प्रशिक्षण नहीं किया है, केवल आवेदन में मनमाने अंक आदि भर दिए हैं। जल्द ही कक्ष निरीक्षकों को निर्देश जारी करेंगी।’एक से अधिक जिलों से दावेदारी करने वालों का एक ही आवेदन मान्य 1’ प्राथमिक में साढ़े 14 हजार व उच्च प्राथमिक में साढ़े नौ हजार ऐसे दावेदार


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