वाराणसी:पीएम की सभा में पहुंचे हजारों शिक्षामित्र 🎯पहुंचे थे पीएम से मिलने, कर दिए गए नजरबंद 🎯सभास्थल से 37 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

September 24, 2017
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पीएम की सभा में पहुंचे हजारों शिक्षामित्र
🎯पहुंचे थे पीएम से मिलने, कर दिए गए नजरबंद
🎯सभास्थल से 37 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

जागरण संवाददाता, वाराणसी : पशु धन प्रक्षेत्र का लोकार्पण करने शनिवार को शाहंशाहपुर पहुंचे पीएम मोदी की जनसभा में हजारों शिक्षामित्र भी पहुंच गए। खुफिया रिपोर्ट के बाद भी जिला प्रशासन व पुलिस की विफलता के चलते पीएम के सभास्थल पर माहौल कुछ हद तक अशांतिमय हो गया। अंतत: सभास्थल पर हंगामा कर रहे 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शिक्षामित्रों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बाद मामला और बढ़ने का अंदेशा है। 1 उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पांच-पांच लाख के बांड भरवाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। कुछ लोग पूर्वाचल राज्य की मांग को लेकर भी मंच के सामने आ गए थे। 1शिक्षामित्रों को लेकर पूर्व में ही प्रदेश सरकार की ओर से अलर्ट जारी था कि वाराणसी में पीएम की सभा में शिक्षामित्र खलल डाल सकते हैं। शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश थे कि स्कूलों में शिक्षामित्रों की हरहाल में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। 22 और 23 को सभी स्कूलों की चेकिंग के आदेश भी जारी थे। बावजूद इसके अपनी मांगों के समर्थन में हजारों शिक्षामित्र सुरक्षा-बंदोबस्त के बाद भी पीएम की सभा में पहुंचने में कामयाब हो गए। वो मुख्यमंत्री व पीएम के संबोधन के दौरान शोरगुल करने लगे। सभास्थल के पीछे दूर से कपड़े लहराने लगे। मोदी जिंदाबाद के साथ ही हमारी मांग पूरी करो के नारे लगने लगे। 1आमजन के बीच बैठे शिक्षामित्रों के बाबत मौके पर मौजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जब तक सुरक्षा में लगे अधिकारी व जवान कुछ समझते, शिक्षामित्र अपना काम कर गए थे। इससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए। आननफानन भीड़ के बीच शिक्षामित्रों की धरपकड़ शुरू हुई। मौके से 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिनका शांतिभंग की आशंका में चालान काटा गया।1बुरका और हेलमेट से जताया विरोध: कई पुरुष शिक्षामित्रों ने काले रंग के हेलमेट लहराए। कई शिक्षामित्र महिलाएं साड़ी के ऊपर बुरका पहनकर पहुंची थीं। जनसभा के दौरान बुरका उतारकर हवा में लहराते हुए अपना विरोध जताया।जागरण संवाददाता, वाराणसी : पशु धन प्रक्षेत्र का लोकार्पण करने शनिवार को शाहंशाहपुर पहुंचे पीएम मोदी की जनसभा में हजारों शिक्षामित्र भी पहुंच गए। खुफिया रिपोर्ट के बाद भी जिला प्रशासन व पुलिस की विफलता के चलते पीएम के सभास्थल पर माहौल कुछ हद तक अशांतिमय हो गया। अंतत: सभास्थल पर हंगामा कर रहे 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शिक्षामित्रों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बाद मामला और बढ़ने का अंदेशा है। 1 उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पांच-पांच लाख के बांड भरवाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। कुछ लोग पूर्वाचल राज्य की मांग को लेकर भी मंच के सामने आ गए थे। 1शिक्षामित्रों को लेकर पूर्व में ही प्रदेश सरकार की ओर से अलर्ट जारी था कि वाराणसी में पीएम की सभा में शिक्षामित्र खलल डाल सकते हैं। शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश थे कि स्कूलों में शिक्षामित्रों की हरहाल में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। 22 और 23 को सभी स्कूलों की चेकिंग के आदेश भी जारी थे। बावजूद इसके अपनी मांगों के समर्थन में हजारों शिक्षामित्र सुरक्षा-बंदोबस्त के बाद भी पीएम की सभा में पहुंचने में कामयाब हो गए। वो मुख्यमंत्री व पीएम के संबोधन के दौरान शोरगुल करने लगे। सभास्थल के पीछे दूर से कपड़े लहराने लगे। मोदी जिंदाबाद के साथ ही हमारी मांग पूरी करो के नारे लगने लगे। 1आमजन के बीच बैठे शिक्षामित्रों के बाबत मौके पर मौजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जब तक सुरक्षा में लगे अधिकारी व जवान कुछ समझते, शिक्षामित्र अपना काम कर गए थे। इससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए। आननफानन भीड़ के बीच शिक्षामित्रों की धरपकड़ शुरू हुई। मौके से 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिनका शांतिभंग की आशंका में चालान काटा गया।1बुरका और हेलमेट से जताया विरोध: कई पुरुष शिक्षामित्रों ने काले रंग के हेलमेट लहराए। कई शिक्षामित्र महिलाएं साड़ी के ऊपर बुरका पहनकर पहुंची थीं। जनसभा के दौरान बुरका उतारकर हवा में लहराते हुए अपना विरोध जताया।शाहंशाहपुर में प्रधानमंत्री की सभा के दौरान पंडाल के बाहर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र

वाराणसी : डीरेका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे शिक्षामित्रों को पुलिस प्रशासन ने नाटकीय ढंग से नजरबंद कर लिया। सुबह छह बजे पहुंचे शिक्षामित्रों को रात साढ़े सात बजे छोड़ा गया। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के पांच सदस्यों को प्रधानमंत्री से मिलाने के लिए शनिवार का पास जारी किया गया। इसमें मिलने का समय तय नहीं था। सुबह छह बजे डीरेका गेस्ट हाउस पहुंचे अमरेंद्र दुबे, प्रतिमा दुबे, सीमा मिश्र, स्मिता राय व अजय कुमार सिंह को पुलिस अधिकारियों ने कुछ देर तक उलझाए रखा। इसके बाद उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में प्रधानमंत्री से मुलाकात का भरोसा देकर बिठा दिया गया। उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए। शिक्षामित्रों को खुद के नजरबंद होने का अहसास काफी देर बाद हुआ। प्रशासन की यह कार्रवाई शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए की गई। शिक्षामित्र पहले ही जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री के घेराव की घोषणा कर चुके थे। ऐसे में प्रशासन सतर्क था।

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