लखनऊ:आंगनबाड़ी पोषाहार को जीएसटी से छूट की मांग 🎯राज्य सरकार की ओर से जीएसटी काउंसिल को एक बार फिर पत्र भेजने की तैयारी है।

September 24, 2017

आंगनबाड़ी पोषाहार को जीएसटी से छूट की मांग
🎯राज्य सरकार की ओर से जीएसटी काउंसिल को एक बार फिर पत्र भेजने की तैयारी है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : समन्वित बाल विकास योजना (आइसीडीएस) के तहत शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निश्शुल्क बांटे जाने वाले अनुपूरक पोषाहार को जीएसटी से छूट दिलाने या उस पर कर की दर न्यूनतम किये जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जीएसटी काउंसिल को एक बार फिर पत्र भेजने की तैयारी है। अनुपूरक पोषाहार को करमुक्त किये जाने या उस पर न्यूनतम कर लगाने के प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल को भेजने के लिए मुख्यमंत्री से मंजूरी मांगी गई है।1जीएसटी काउंसिल ने आइसीडीएस के तहत बांटे जाने वाले अनुपूरक पोषाहार पर कर की दर 18 प्रतिशत तय की है। राज्य सरकार की दलील है कि पोषाहार का पूरा खर्च केंद्र और राज्य सरकार उठाती हैं। पोषाहार पर उप्र में वैट की दर पांच प्रतिशत रही है। साथ ही, यह केंद्रीय उत्पाद शुल्क से मुक्त रहा है। जीएसटी लागू होने से पहले पोषाहार पर कर की प्रभावी दर पांच फीसद ही रही है। अनुपूरक पोषाहार को तैयार करने में कच्चे माल के रूप में गेहूं, चावल, मक्का, चना, रागी तथा सोया के आटे का इस्तेमाल होता है जो करमुक्त हैं। इस आहार का 10 प्रतिशत कच्चा माल खाद्य वनस्पति तेल, चीनी, विटामिंस व मिनरल्स हैं, जिन पर कर की दर पांच प्रतिशत है। राज्य सरकार का कहना है कि अनुपूरक पोषाहार पर कर की दर 18 प्रतिशत रखे जाने से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्ययभार वहन करना पड़ेगा। इसका राज्य सरकार की योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 1पोषाहार को करमुक्त करने या उस पर कर की दर न्यूनतम करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी अस्वीकार कर चुकी है। लिहाजा राज्य सरकार इस मसले को एक बार फिर जीएसटी काउंसिल के सामने उठाने जा रही है।

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