रायबरेली: मिड डे मील में खेल, 212 प्रधानाध्यापकों को नोटिस 🎯भ्रष्टाचार की आशंका, बीईओ को जांच व कार्रवाई के निर्देश 🎯 एमडीएम में घालमेल मिला तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी-संजय शुक्ला, बीएसए।

October 11, 2017

मिड डे मील में खेल, 212 प्रधानाध्यापकों को नोटिस
🎯भ्रष्टाचार की आशंका, बीईओ को जांच व कार्रवाई के निर्देश
🎯 एमडीएम में घालमेल मिला तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी-संजय शुक्ला, बीएसए।
जागरण संवाददाता, रायबरेली : परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को शिक्षा के साथ ही मध्याह्न् भोजन देने की व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगी है। मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण की ओर से निगरानी के लिए चलाई जा रही आइवीआरएस प्रणाली को भी शिक्षकों ने दरकिनार कर दिया है। लगातार सूचना मांगने के बावजूद अभी तक मोबाइल नंबर फीड नहीं कराया गया। मामले में निदेशक की ओर से पत्र जारी होने के बाद बीएसए ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसके तहत 212 लापरवाह विद्यालयों के प्रधानाध्याकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के लिए भी कहा गया है।1जिले में 28 सौ प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की ओर से इन विद्यालयों में मध्याह्न् भोजन की व्यवस्था चलाई जा रही है। इसमें बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कोई खेल न हो इसके लिए, आईवीआरएस प्रणाली के तहत निगरानी की जा रही है। इसके लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के मोबाइल नंबर अंकित कराना अनिवार्य है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को पत्र भी जारी किया गया। इसके बावजूद 212 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं कराए हैं। मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर बीएसए संजय शुक्ला ने सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही बीईओ को जांच करने के भी निर्देश दिए हैं।1मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण द्वारा मध्याह्न् भोजन योजना के दैनिक अनुश्रवण हेतु आइवीआरएस आधारित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली का विकास करने लिए इस प्रणाली को लागू किया गया है। इस प्रणाली के अंतर्गत योजना से आच्छादित प्रदेश के विद्यालयों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तरों में प्रतिदिन मध्याह्न् भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या एवं उन विद्यालयों की संख्य, जहां भोजन नहीं बना हो, की संख्या इंट्रेक्टिव वाइस रेस्पांस के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय से दैनिक आधार पर प्राप्त की जाती है।निदेशक को धांधली की आशंका 1मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण के निदेशक की ओर से जारी पत्र में धांधली की आशंका जताई गई है। इसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 212 विद्यालयों में योजना के तहत धन का दुरुपयोग अथवा संबंधित विद्यालयों में मध्याह्न् भोजन नहीं वितरित किया गया है।आइवीआरएस प्रणाली के तहत सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को मोबाइल नंबर पंजीकृत कराना अनिवार्य है। इन विद्यालयों को पहले भी चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद लापरवाही क्यों बरती गई, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा।

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