शासन की जांच के दायरे में जनपद के 258 मदरसे नवंबर में सौपी गई रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सुविधाएं, खतरे में हैं पंजीकरण नहीं कराने वाले

October 20, 2017

शासन की जांच के दायरे में जनपद के 258 मदरसे
नवंबर में सौपी गई रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सुविधाएं, खतरे में हैं पंजीकरण नहीं कराने वाले

जिले के ऐसे मदरसे जिन्होंने वेबसाइट का पंजीकरण न कराया तो उनकी मान्यता खतरे में है। जांच में यदि किसी मदरसे के खिलाफ अनियमितता की शिकायत मिलती है तो अनुदान और मान्यता दोनो निरस्त किया जा सकता है। हालांकि ऐसे मदरसों को पहले नोटिस देकर सुनवाई का मौका मिलेगा। इसके बाद शासन द्वारा अंतिम फैसला लिया जाएगा। सरकार का प्रयास होगा कि मदरसों की कमियां दूर कर उसमें उच्च श्रेणी की सुविधा देकर शिक्षा का स्तर सुधारा जाए।
पंजीकरण न कराने वाले 102 मदरसों की मान्यता पर संकट

अजहर अंसारी, इलाहाबाद1प्रदेश सरकार द्वारा मदरसों में फर्जीवाड़े की जांच में जनपद के दर्जनों सैकड़ों आ सकते हैं। मानकों की जांच के लिए गठित कमेटी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा चिंहित मदरसों की जांच शुरू कर दी है। शासन द्वारा मदरसों की जांच के लिए मंडल स्तर पर जांच अधिकारी पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं। इसकी शुरूआत वेबसाइट पर पंजीकृत मदरसों पर उपलब्ध संसाधनों, शिक्षकों की संख्या सहित विभिन्न पहलुओं पर होगी। सत्यापन मदरसों के भवन, शिक्षक-कर्मचारी, प्रबंध समिति और भूमि का मुख्य रूप से होगा। 1प्रदेश सरकार द्वारा जनपद के 360 मदरसों जांच के क्रम में मात्र 258 मदरसों ने ही अपने संसाधन वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। 15 अक्टूबर तक जपनद के सभी मदरसों के डाटा लॉक कर दिए गए हैं। छूटे हुए मदरसों 102 मदरसों में अपनी जानकारी वेबसाइट पर डाली ही नहीं। ऐस में इन मदरसों की मान्यता भी खतरे में हैं। 1जिला अल्पसंख्यक अधिकारी एसपी तिवारी का कहना है कि शासन की जांच के दायरे में वित्तविहीन और वित्तीय सहायता प्राप्त मदरसे आएंगे। इनमें 150 मदरसे ऐसे भी हैं जो मदरसा आधुनिकीकरण योजना से आच्छादित हैं। उन्होंने बताया कि दीनी मकतबों की जांच के मुख्य रूप से भवन, प्रबंध समिति, शिक्षक एवं जमीन की जांच होनी है। जांच न कराने वाले मदरसों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। पंजीकरण होने वाले मदरसों के डाटा सटीक और मानकों के अनुरूप हो इसके लिए पहले ही दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मदरसों का डाटा लॉक करने से पहले मानकों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। नवंबर के अंत तक रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मदरसों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।

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