शिक्षक बनने को तीन घण्टे में देंगे होंगे 150 उत्तर, बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक भर्ती परीक्षा का जारी किया प्रारूप, 150 अंको की प्रस्तावित परीक्षा में सभी प्रश्न होंगे अति लघु उत्तरीय, देखें विषयवार पाठ्यक्रम एवम उनके उनके

October 30, 2017
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शिक्षक बनने के लिए तीन घंटे में लिखने होंगे 150 प्रश्नों के उत्तर

बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक भर्ती परीक्षा की जारी की विषयवस्तु

150 अंकों की प्रस्तावित परीक्षा में सभी प्रश्न होंगे अति लघु उत्तरीय

इलाहाबाद: प्रदेश सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बाद परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर प्रस्तावित भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इस परीक्षा में भाषा के तहत कक्षा 12 स्तर तक की हिंदी एवं अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन तथा डीएलएड पाठ्यक्रम स्तर के शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, सूचना तकनीकी, जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति को शामिल किया गया है।
150 अंकों की शिक्षक भर्ती परीक्षा तीन घंटे की होगी और इसमें सभी प्रश्न अतिलघु स्तरीय होंगे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने शनिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रारूप जारी कर दिया। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 68500 पदों पर भर्ती होनी है। इसमें वही अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो टीईटी परीक्षा में सफल होंगे। टीईटी में नौ लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। अभी तक टीईटी के बाद एकेडमिक मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने टीईटी के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा कराने की योजना बनाई। शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पीय न होकर सभी अतिलघु स्तरीय होंगे। टीईटी का परिणाम 30 नवंबर तक आने की संभावना है। उसके बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजन की तैयारी होगी।

*विषय पाठ्यक्रम अंक*

भाषा:हिन्दी एवं अंग्रेजी- व्याकरण एवं अपठित गंद्यांश पद्यांश, ग्रामर, कमप्रेहेंशन 40
विज्ञान- दैनिक जीवन में विज्ञान, गति, बल, ऊर्जा, दूरी, प्रकाश, ध्वनि, 10
जीवों की दुनिया, मानव शरीर, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण,
पर्यावरण एवं प्राकृति संसाधन, पदार्थ एवं पदार्थ की अवस्थाएं।
गणित- अंकीय क्षमता, गणितीय संक्रियाएं, दशमलव, स्थानीय मान, भिन्न, 20
ब्याज, लाभ-हानि, प्रतिशत, विज्ञाज्य, गुणनखंड, ऐकिक नियम,
सामान्य बीज गणित, क्षेत्रफल, औसत, आयतन, अनुपात, सर्वसमिकाएं,
सामान्य ज्यामिति, सामान्य सांख्यिकी।
पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन- पृथ्वी की संरचना, नदियां, पर्वत, महाद्वीप, महासागर एवं जीव, प्राकृतिक 10
सम्पदा, अक्षांश और देशांतर, सौरमंडल, भारतीय भूगोल, भारतीय स्वतंत्रता
संग्राम, भारतीय समाज सुधारक, भारतीय संविधान, हमारी शासन व्यवस्था
यातायात एवं सड़क सुरक्षा, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं चुनौतियां, हमारी
सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन।
शिक्षण कौशल- शिक्षण की विधियां एवं कौशल, शिक्षण अधिगम के सिद्धांत, वर्तमान 10
भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा के
नवीन प्रयास, शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन, आरंभिक पठन कौशल, शैक्षिक
प्रबंधन एवं प्रशासन।
बाल मनोविज्ञान- वैयक्तिक भिन्नता, बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक, सीखने 10
की आवश्यकता की पहचान, पढ़ने के लिए वातावरण का सृजन करना,
सीखने के सिद्धांत तथा कक्षा-शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता एवं
प्रयोग, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था।
सामान्य ज्ञान/समसामयिक घटनाएं- समसायिक महत्वपूर्ण घटनाएं-अंतराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश से संबंधित 30
महत्वपूर्ण घटनाएं, स्थान, व्यक्तित्व, रचनाएं, अंतराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय
पुरस्कार/खेलकूद, भारतीय संस्कृति एवं कला आदि।
तार्किक ज्ञान- एनालॉजीस, एसरटेशन एंड रीजन, बाइनरी लॉजिक, क्लासिफिकेशन, 05
क्लॉक एंड कैलेंडर, कोडेड इनइक्विलटी, कोडिंग-डिगोडिंग, क्रिटिकल
रिजनिंग, क्यूब एंड डायस, डाटा इंटप्रेटेशन, डायरेक्शन सेंस टेस्ट, ग्रुपिंग
एंड सेलेक्शनस, इंटरफ्रेंस
लेटर सीरीज, नंबर सीरीज, पजेल्स, सिंबल एंड नोटेशन, वेन डाइग्राम।
सूचना तकनीक- शिक्षण कौशल विकास, कक्षा-शिक्षण तथा विद्यालय प्रबंधन के क्षेत्र में 05
सूचना तकनीकी, कम्प्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन, ओपेन एजुकेशन रिसोर्स,
शिक्षण के उपयोगी ऐप्स, डिजिटल शिक्षण-सामग्री के उपयोग की जानकारी।
जीवन कौशल/प्रबंधन एवं अभिवृत्ति- व्यावसायिक आचरण एवं नीति, प्रेरणा, शिक्षक की भूमिका (सुविधा- 10
प्रदाता, अनुश्रवणकर्ता, नेतृत्वकर्ता, मार्गदर्शक, परामर्शदाता), संवैधनिक
और मानवीय मूल्य, दंड एवं पुरस्कार व्यवस्था का प्रभावी प्रयोग।

शिक्षामित्रों के लिए बढ़ेगी मुश्किल

इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक की भर्ती के लिए तैयार की गई विषय वस्तु से शिक्षामित्रों की मुश्किलें बढ़ना तय हैं। प्रदेश सरकार ने उन्हें टीईटी और शिक्षक भर्ती परीक्षा में अतिरिक्त भारांक देने का भले आश्वासन दिया हो, लेकिन शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए जिस तरह का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, उसमें ज्यादातर शिक्षामित्रों को सफलता मिलना बेहद मुश्किल होगा।

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