शिक्षकों की पदोन्नति के लिए शासन से हरी झंडी उप्र शैक्षिक सेवा समूह ‘ख’ के पदों पर प्रमोशन लंबे समय से अटके

November 12, 2017
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शिक्षकों की पदोन्नति के लिए शासन से हरी झंडी

उप्र शैक्षिक सेवा समूह ‘ख’ के पदों पर प्रमोशन लंबे समय से अटके

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के उप विद्यालय निरीक्षक तथा शिक्षणोत्तर शाखा के समकक्ष पदों पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने लंबे समय से खाली चल रहे पदों को भरने के लिए निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही प्रमोशन में आ रही बाधा को दूर करने को नियमावली को शिथिल करते हुए अनापत्ति दे दी है। अब जल्द उप्र लोकसेवा आयोग विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) कराने को तारीख घोषित करेगा।

उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ‘ख’ उच्चतर के 50 फीसद पद उप्र लोकसेवा आयोग सीधी भर्ती से और इतने ही पद संवर्ग में कार्यरत अधिकारियों की पदोन्नति से भरे जाते हैं। पदोन्नति की सेवा नियमावली 1992 में यह व्यवस्था है कि उप विद्यालय निरीक्षक व शिक्षणोत्तर शाखा में समकक्ष पदों पर उन्हीं की नियुक्ति होगी, जिन्होंने तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। यह पद 61 प्रतिशत शिक्षण पुरुष वर्ग, 22 प्रतिशत शिक्षण महिला व 17 फीसदी निरीक्षण शाखा के अधिकारियों से आयोग पदोन्नति करके भरेगा। ऐसे में 50 फीसदी पदों पर प्रमोशन के लिए 391 पद स्वीकृत हैं। पुरुष शाखा के 61 फीसदी सापेक्ष कुल स्वीकृत पद 239 हैं, उनमें नौ कार्यरत और 230 पद रिक्त हैं।

शासन ने आयोग को अवगत कराया है कि 230 रिक्तियों के सापेक्ष पात्र अभ्यर्थी कम होने के कारण विभागीय कार्य हित में प्रशासकीय विभाग के प्रस्ताव पर 49 कार्मिकों को उप्र सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा नियमावली, 2006 के प्राविधानों में शिथिलीकरण प्रदान किए जाने पर कार्मिक विभाग ने अनापत्ति दे दी है।1यही नहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षण पुरुष वर्ग के चयन के लिए 2014 से 2017 की वर्षवार रिक्तियों के सापेक्ष पात्रता सूची और गोपनीय आख्या आयोग को भेजी जा चुकी है।

इसी तरह से शिक्षा निदेशालय ने अधीनस्थ राजपत्रित शिक्षण महिला शाखा की समूह ‘ख’ में पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही शासन को उपलब्ध करा दी है। महिला शाखा की पदोन्नति को 2014 से लेकर 2017 तक कुल 72 पद रिक्त हैं। असल में पुरुष शाखा की पदोन्नति के लिए चयन समिति की आयोग में 15 दिसंबर, 2016 को बैठक होनी थी लेकिन, शासन ने उसे स्थगित कर दिया था। इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। ऐसे में यह पदोन्नतियां जल्द पूरी करने को डीपीसी की तारीख निर्धारित की जाए। अब लोकसेवा आयोग जल्द ही इन पदों की डीपीसी कराने के लिए तारीख का एलान करेगा। उसमें बड़े पैमाने पर प्रमोशन होना लगभग तय है

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