शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रस्ताव जल्द परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव इसी हफ्ते कर सकती हैं पहल

November 05, 2017

शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रस्ताव जल्द

परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव इसी हफ्ते कर सकती हैं पहल

लंबित भर्तियों के संबंध में निर्देश शीघ्र 

राब्यू, इलाहाबाद : हाईकोर्ट ने परिषद के स्कूलों में कई भर्तियों से रोक हटा ली है और तय समय में नियुक्तियां पूरी करने को कहा है। ऐसे में बेसिक शिक्षा परिषद के अफसर जल्द ही बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भर्तियों के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी करेंगे, ताकि कार्य समय सीमा में ही पूरा हो जाए। कुछ भर्तियां पूरी करने के लिए पहले ही आदेश हुआ था, उनमें नए सिरे से पत्र जारी होंगे। वहीं एससीईआरटी भी एकमात्र भर्ती को पूरा कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज चुका है। उस पर निर्देश नगर निकाय चुनाव के बाद ही संभावित है।


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों के लिए सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा कराने का प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जा सकता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की भी जरूरत होगी, क्योंकि इम्तिहान ओएमआर शीट पर नहीं होगा, जिसकी कंप्यूटर का जानकार स्क्रीनिंग करके रिजल्ट दे सकता है, बल्कि प्रश्न अति लघु उत्तरीय होंगे। 

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती लिखित परीक्षा के जरिये होना है। यह परीक्षा दिसंबर के अंत में होना प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा संस्था के चयन को लेकर शासन गंभीर है। टीईटी 2017 का सफलतापूर्वक होने के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी को ही दूसरी परीक्षा देने पर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार कार्यालय को शासन की ओर से ऐसे संकेत दिए गए हैं। ऐसे में अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव इसका प्रस्ताव शासन को भेजेंगी और वहीं से अंतिम निर्णय होगा। 

यह प्रस्ताव जल्द ही जाएगा, क्योंकि अनुमोदन के बाद इम्तिहान की तैयारियों में पूरे महकमे को नए सिरे से जुटना होगा। वैसे तो परीक्षा नियामक कार्यालय डीएलएड (पूर्व बीटीसी) का भी वर्षो से इम्तिहान करा रहा है, जिसकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विशेषज्ञ ही करते हैं, लेकिन पहली बार होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा का मूल्यांकन खासा अहम होगा। इसमें परीक्षा के दौरान ही नहीं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी शुचिता बनाए रखना कठिन काम है। इसलिए इस दिशा में तेजी से विचार हो रहा है और जल्द ही परीक्षा संस्था से पर्दा उठ जाएगा

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