68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अहम निर्णय जल्द: महकमे के अफसर एससीईआरटी में इस संबंध में 19 दिसंबर को करेंगे मंथन

December 15, 2017

68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अहम निर्णय जल्द: महकमे के अफसर एससीईआरटी में इस संबंध में 19 दिसंबर को करेंगे मंथन

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा की तैयारियां तेज होने जा रही हैं। महकमे के अफसर एससीईआरटी में इस संबंध में 19 दिसंबर को मंथन करेंगे। इसमें उन मुद्दों को लेकर चर्चा होगी, जिन पर अभ्यर्थियों की तरह-तरह की दलीलें सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि इसी के बाद शासन परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती की पहली बार लिखित परीक्षा होनी है।

शासन ने इसके लिए दिसंबर माह में ही इम्तिहान कराने का संकेत दिया था लेकिन, टीईटी के रिजल्ट में लगातार देरी होने के कारण परीक्षा कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। अब टीईटी का रिजल्ट आने के बाद यह प्रक्रिया तेज होगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इम्तिहान कराने का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेज चुका है, जबकि परिषद मुख्यालय सिलेबस जारी कर चुका है। प्रस्ताव में सिलेबस में मामूली बदलाव हुआ है। साथ ही परीक्षा में उत्तीर्ण अंकों को लेकर अभी असमंजस बना है। अभ्यर्थी 60 फीसद अंक पर उत्तीर्ण होने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन परेशानी यह है कि जब टीईटी में उत्तीर्ण होने का प्रतिशत साठ है तो शिक्षक भर्ती में यह प्रतिशत क्यों घटाया जाए? इस पर शिक्षा महकमे विस्तार से चर्चा करके अंतिम निर्णय लेंगे।

यही नहीं परीक्षा के लिए आवेदन बेसिक शिक्षा परिषद को ही लेना है, परीक्षा नियामक कार्यालय सिर्फ इम्तिहान कराकर परिणाम उसे सौंप देगा। परीक्षा ओएमआर पर नहीं होगी यह पहले ही लगभग तय हो चुका है। इसमें लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। पूरी परीक्षा मंडल स्तर पर कराने की तैयारी है। साथ ही जिला वरीयता भी बरकरार रखी जाएगी। शिक्षामित्रों को मिलने वाला भारांक फाइनल मेरिट में ही जुड़ेगा। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट ने शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक बनने के लिए दो अवसर मुहैया कराने का निर्देश दिया था। उसी को ध्यान में रखकर 68500 पदों के लिए पहली परीक्षा होगी। हालांकि शिक्षामित्र अब भी विरोध कर रहे हैं कि सरकार को लिखित परीक्षा नहीं करानी चाहिए। साथ ही परीक्षा उत्तीर्ण का कटऑफ भी न तय किया जाए, बल्कि प्रमाणपत्र की वैधता तय की जाए। इन मुद्दों का होने वाली बैठक में निष्कर्ष निकलने की उम्मीद है और परीक्षा नए साल में कराने की तैयारियां शुरू हैं।

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