हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2010 के चयनित हिंदी शिक्षकों को दी बड़ी राहत, मूल नियुक्ति की तारीख से मिलेगा वरिष्ठता का लाभ

December 15, 2017
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हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2010 के चयनित हिंदी शिक्षकों को दी बड़ी राहत, मूल नियुक्ति की तारीख से मिलेगा वरिष्ठता का लाभ

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2010 के संशोधित परिणाम में चयनित हंिदूी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों को नियुक्ति देने का आदेश दिया है। इन शिक्षकों को मूल नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता का लाभ भी दिया जाएगा। इस आदेश से पूर्व की चयन सूची में शामिल ऐसे अभ्यर्थी जो संशोधित चयन सूची से बाहर हो गए थे, वे भी सेवा में बने रहेंगे लेकिन, उनकी वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने रामनरेश सिंह और कमलेश मौर्या सहित कई अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। 1याचियों ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की संशोधित चयन सूची को चुनौती दी थी। याचिका का प्रतिवाद कर रहे अधिवक्ता विवेक मिश्र ने बताया कि हिंदी विषय के 513 पुरुष और 45 महिला पदों पर विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए 2010 में विज्ञापन जारी किया गया। 28 जून 2011 को अंतिम चयन सूची का प्रकाशन किया गया। याचीगण इसमें चयनित हुए और विभिन्न इंटर कालेजों में उन्हें नियुक्ति मिल गई। इस बीच नवंबर 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ‘सी’ सीरीज की बुकलेट में प्रश्न संख्या 80 का उत्तर सही करते हुए अंक देने की मांग हुई। कहा गया कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जारी उत्तर कुंजी के मुताबिक प्रश्न का सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को अंक देकर परिणाम संशोधित किया जाए। कोर्ट के आदेश पर चयन बोर्ड ने नौ अप्रैल 2013 को उत्तर सही करते हुए संशोधित परिणाम जारी कर दिया। इस संशोधित परिणाम में पूर्व चयनित 108 अभ्यर्थियों को असफल घोषित किया गया और 65 असफल रहे अभ्यर्थियों को चयन सूची में शामिल कर लिया गया। चयन सूची से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने इसे विभिन्न आधार पर चुनौती दी थी। कहा गया कि याचीगण तीन साल से नौकरी कर रहे हैं। चयन सूची को कभी चुनौती नहीं दी गई।

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद चयन बोर्ड को निर्देश दिया है कि संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को प्रथम नियुक्ति की तारीख से नियुक्ति पत्र दिया जाए, हालांकि वह पिछली अवधि का वेतन पाने के हकदार नहीं होंगे लेकिन, उनकी वरिष्ठता की गणना पूर्व में हुई नियुक्ति की तारीख से की जाएगी।1 इसी प्रकार से संशोधित परिणाम में चयन सूची से बाहर हुए अभ्यर्थी सेवा से बाहर नहीं किए जाएंगे लेकिन, उनको चयन सूची में सबसे निचले क्रम पर रखे जाने का निर्देश दिया गया है।

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