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डी० एल० एड० ( पूर्व प्रचलित नाम बी० टी० सी० ) प्रशिक्षण- 2016 के लिये ऑनलाइन आवेदन प्रारम्भ, समस्त नियम शर्ते अर्हता आदि को पढ़ते समझते हुए यहां से आवेदन करें

डी० एल० एड० ( पूर्व प्रचलित नाम बी० टी० सी० ) प्रशिक्षण- 2016 परीक्षा नियामक प्राधिकारी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश STEP 1 आवेदन पत्र भर...

Friday, 31 March 2017

वित्तीय वर्ष 2017-18 में माह मार्च 2017 के वेतन भुगतान के सम्बन्ध में।

शैक्षिक सत्र 2017-18 हेतु महत्वपूर्ण दिशा निर्देश

FATEHPUR : नवीन शैक्षिक सत्र 2017-18 में दिनांक 01 अप्रैल 2017 से 30 सितम्बर 2017 तक कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाएं प्रातः 08 से अपराह्न 01 बजे तक होंगी संचालित, आदेश देखें

SHRAVASTI:बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला कार्यकरिणी गठन प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र कुमार यादव की मौजूदगी में हुआ। 📚महेन्द्र यादव (प्रदेश अध्यक्ष )नव नियुक्त पदाधिकारी गणों को शुभकामनायें दी। 📚पूरे प्रदेश में पाँव पसार रहा बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन उत्तर प्रदेश संगठन

बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला कार्यकरिणी गठन प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र कुमार यादव की मौजूदगी में हुआ।
📚महेन्द्र यादव (प्रदेश अध्यक्ष )नव नियुक्त पदाधिकारी गणों को शुभकामनायें दी।
📚पूरे प्रदेश में पाँव पसार रहा बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन उत्तर प्रदेश संगठन


RAEBARELI:जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव की सख्ती से पकड़े जा रहे नकलची और साल्वरों में मचा हड़कम्प। 🎯भागीरथ इण्टर कालेज में पकड़े गए साल्वर के खिलाफ एफआईआर।



डीआइओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव की सख्ती से पकड़े जा रहे नकलची और साल्वरों में मचा हड़कम्प।
🎯भागीरथ इण्टर कालेज में पकड़े गए साल्वर के खिलाफ एफआईआर।


FATEHPUR : RETIREMENT : 132 बेसिक एवं 27 माध्यमिक शिक्षक आज होंगे रिटायर,कई स्कूलों में शिक्षक छात्र अनुपात बिगड़ने के आसार

FATEHPUR : SALARY : 28 नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन जारी

FATEHPUR : UP BOARD : दो केंद्र डिबार दस पर मुकदमा, अन्य स्कूलों में हड़कम्प

FATEHPUR : पहले बैच के 948 शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन की पत्रावली गुम होने को लेकर पटल प्रभारी को नोटिस जारी

हजारों पदों पर भर्ती रुकी, बेसिक माध्यमिक शिक्षा,सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, ग्राम विकास अधिकारी के साथ यूपीपीसीएस के इंटरव्यू पर भी लग चुकी है रोक

ALLAHABAD : 16448 : 16448 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर बीएसए दफ्तर के एक लिपिक से अभ्यर्थी खपा, मुख्यमंत्री से की शिकायत

मर्यादित परिधान में ही आएं अधिकारी और शिक्षक, जेडी ने विभागों व् शिक्षकों को जारी किया निर्देश

L T GRADE : मेरिट घोषित कर एलटी ग्रेड भर्ती की चयन प्रक्रिया शुरू की जाये- तीन अप्रैल से धरने के लिए लामबद्ध

FATEHPUR : 15000 शिक्षक भर्ती में फर्जी अभिलेखो से बने शिक्षकों को नोटिस

NAVODAYA : ANSWER KEY : नवोदय विद्यालय भर्ती परीक्षा की आंसर की जारी

ATEWA : ALLAHABAD : एक अप्रैल को मनाएंगे काला दिवस, अटेवा पेंशन मंच के तरह आजाद पार्क में हुई बैठक

PCS : आयोग की कॉपी बदलने में आरओ व् एआरओ निलंबित

UP BOARD : हाईस्कूल के अंतिम अहम इम्तिहान में भी नकल

PCS : अब 300 पदों के लिए होगी पीसीएस 2017, चार लाख 57 हजार ने किया आवेदन

ASSISTANT PROFESSOR : उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में साक्षात्कार पर फैसला आज

PCS : अब कापियों की होगी बार कोडिंग

Thursday, 30 March 2017

वित्तीय वर्ष 2016 - 17 के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए वेतन आदि के लिए वित्तीय अनुदान (ग्रांट) जारी : देखें आदेश और ग्रांट का जनपदवार आवंटन 🎯शिक्षकों को दिन दिन प्रतिदिन इंतज़ार हो रहा था।


वित्तीय वर्ष 2016 - 17 के लिए  बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए वेतन आदि के लिए वित्तीय अनुदान (ग्रांट) जारी : देखें आदेश और ग्रांट का जनपदवार आवंटन
🎯शिक्षकों को दिन दिन प्रतिदिन इंतज़ार हो रहा था।


FATEHPUR : SALARY ORDER : 15000 एवं 16448 शिक्षक भर्ती में अवशेष 28 नवनियुक्त स0अ0 का वेतन आदेश जारी, प्रति देखें

UGC : अब यूजीसी की वेबसाइट पर आसानी से खोजें जर्नल, शिक्षक भर्ती में अहम है जर्नल

BOOKS : नए सत्र में फिर पुरानी किताबों से पढ़ेंगे कक्षा 8 तक के बच्चे, राज्य सरकार नही उपलब्ध करा सकी किताबें

FATEHPUR : PRAMOTION : प्रमोशन पर टिकी शिक्षको की निगाहें

ALLAHABAD : AGANBADI : 189 नये आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी

शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी

RAEBARELI:केन्द्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को हटाकर पर्यवेक्षक को किया गया तैनात। 🎯मौनी स्वामी इण्टर कालेज गोविंदपुर माधव में सामूहिक नकल और साल्वर के पकड़े जाने के बाद डीआइओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव ने की बड़ी कार्यवाही। 🎯कार्यवाही की खबर मिलते ही नकल माफियों में मचा हड़कम्प।

केन्द्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को हटाकर पर्यवेक्षक को किया गया तैनात।
🎯मौनी स्वामी इण्टर कालेज गोविंदपुर माधव में सामूहिक नकल और साल्वर के पकड़े जाने के बाद डीआइओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव ने की बड़ी कार्यवाही।
🎯कार्यवाही की खबर मिलते ही नकल माफियों में मचा हड़कम्प।


B.ED : अब पांच तक भरे जा सकेंगे बीएड के फार्म

अब पांच तक भरे जा सकेंगे बीएड के फार्म

जासं, लखनऊ : बीएड के दो वर्षीय कोर्स में दाखिले के लिए अभ्यर्थी अब पांच अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकेंगे। अभी बीएड में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 मार्च थी, जिसे लविवि ने बढ़ा दिया है। बीएड के राज्य समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि बैंक और एनआइसी के बीच तकनीकी गड़बड़ी के कारण अभ्यर्थियों को पांच दिन आवेदन शुल्क जमा करने में कठिनाई हुई। ऐसे में विद्यार्थियों को कठिनाई न हो इसलिए यह तारीख बढ़ाई गई है। प्रो. एनके खरे ने बताया कि बीएड में दाखिले के लिए अभी तक करीब 3.32 लाख अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं और इसमें से अधिकांश आवेदन शुल्क भी भर चुके हैं। बीएड में दाखिले के लिए तीन मई को संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने मांगा है छह हफ्ते में जवाब : इलाहाबाद हाईकोर्ट में पिछले दिनों बीबीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की याचिका पर एनआइसी व लविवि से छह हफ्ते में जवाब मांगा गया है

D.ED : डीएड अभ्यर्थियों को नहीं मिल रही नियुक्ति,1500 से अधिक अभ्यर्थी चयनित होने के बाद भी भटक रहे,शिक्षक भर्ती में अवमानना याचिका दाखिल करने की तैयारी

डीएड अभ्यर्थियों को नहीं मिल रही नियुक्ति,1500 से अधिक अभ्यर्थी चयनित होने के बाद भी भटक रहे,शिक्षक भर्ती में अवमानना याचिका दाखिल करने की तैयारी

आक्रोश

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल रहा है। तीन वर्ष से चयनित अभ्यर्थी यहां से वहां भटक रहे हैं। यह हाल तब है जब उनके लिए विभाग में सीटें तक सुरक्षित छोड़ी गई हैं। अभ्यर्थियों ने अब अवमानना याचिका करके कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी है। 1प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय स्कूलों में 16448 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए जारी शासनादेश में डीएड सामान्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं दिया गया था। अभ्यर्थियों ने इस शासनादेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। 1कोर्ट ने 17 अगस्त, 2016 को डीएड अभ्यर्थियों को मौका देने का आदेश दिया। उनकी काउंसिलिंग कराई गई और मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों की सीटें कोर्ट के निर्देश पर सुरक्षित कराई गई। उच्च न्यायालय ने 10 फरवरी, 2017 को बेसिक शिक्षा सचिव को आदेश दिया कि तीन सप्ताह के भीतर सभी डीएड सामान्य अर्ह अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाए।1 इस आदेश के करीब 50 दिन बीत चुके हैं अब तक उसका अनुपालन नहीं हो सका है। इस बीच विधानसभा चुनाव के कारण यह प्रकरण अधर में रहा। इधर कुछ कार्य शुरू हुआ, तभी शासन ने सारी भर्ती प्रक्रिया रोक दी है। इससे करीब 1500 अभ्यर्थी चयनित होने के बाद भी नौ माह से भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति में शासन का आदेश और अन्य भर्ती प्रक्रिया आड़े नहीं आएगी इसलिए जल्द नियुक्ति पत्र दिया जाए। अन्यथा अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।

बेसिक शिक्षा सचिव को तीन माह में गाइड लाइन जारी करने का निर्देश,सत्र लाभ पाए अध्यापकों को बकाया वेतन भुगतान संबंधी गाइड लाइन तीन माह में जारी करने का निर्देश

बेसिक शिक्षा सचिव को तीन माह में गाइड लाइन जारी करने का निर्देश,सत्र लाभ पाए अध्यापकों को बकाया वेतन भुगतान संबंधी गाइड लाइन तीन माह में जारी करने का निर्देश

विसं, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा उप्र को सत्र लाभ पाए अध्यापकों को बकाया वेतन भुगतान संबंधी गाइड लाइन तीन माह में जारी करने का निर्देश दिया है।1 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर ने यह कहते हुए वेतन देने से इन्कार कर दिया था कि इस संबंध में शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद उप्र इलाहाबाद के वित्त नियंत्रक ने नौ जून, 2016 को ही सचिव को पत्र लिखकर गाइड लाइन जारी करने की प्रार्थना की है।1यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने प्राइमरी स्कूल खुटहन खास, गोरखपुर के प्रधानाचार्य महातम प्रसाद व अन्य अध्यापकों लालमन, श्रीमती शारदा देवी व रामरक्षा की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अनुराग शुक्ल ने बहस की। 1मालूम हो कि राज्य सरकार ने शिक्षा सत्र में परिवर्तन किया। जुलाई से जून सत्र को अप्रैल से मार्च तक घोषित किया। सत्र लाभ देने के नियम के चलते 31 मार्च के बाद सेवानिवृत्त होने वाले अध्यापकों को सत्र लाभ देने का निर्णय लिया गया।1 याचीगण 30 जून 2015 को सेवानिवृत्त हो रहे थे। अप्रैल में सत्र शुरू होने के कारण उन्हें सत्र लाभ दिया गया तथा इन्हें 31 मार्च 2016 को सेवानिवृत्त किया गया, किंतु सरकार की तरफ से ऐसे अध्यापकों के वेतन भुगतान के संबंध में कोई गाइड लाइन न आने के कारण याचीगण को नौ माह का वेतन नहीं दिया गया

यूपी बोर्ड मुख्यालय के इर्दगिर्द नकल का साम्राज्य,शिक्षा निदेशक माध्यमिक का गृह क्षेत्र होने के बाद भी माफियाओं में डर नहीं ,मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी

यूपी बोर्ड मुख्यालय के इर्दगिर्द नकल का साम्राज्य,शिक्षा निदेशक माध्यमिक का गृह क्षेत्र होने के बाद भी माफियाओं में डर नहीं ,मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी

जल्दी गठित हो माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का पुनर्गठन यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया है। योग शिक्षा को नैतिक, खेल व शारीरिक शिक्षा के साथ अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए भी कहा। शारीरिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाये जाने के लिए उप मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र सरकार से इंस्ट्रक्टर उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया जा चुका है।

बेखौफ

फोन पर नकल का तूफान, अफसर हो रहे परेशान

यह हुई कार्रवाई1वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2017 की यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल कराने पर चार परीक्षा केंद्रों के प्रबंधतंत्र के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी जा चुकी है। 327 केंद्र व्यवस्थापक बदले जा चुके हैं। 111 केंद्र व्यवस्थापकों, 178 कक्ष निरीक्षकों और 70 परीक्षार्थियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी जा चुकी है। 1419 परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते पकड़े गए हैं। 54 परीक्षा केंद्र पर परीक्षा निरस्त की गई है जबकि 57 परीक्षा केंद्र डिबार किये गए हैं। सात परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की अलग से स्क्रीनिंग कराये जाने का फैसला किया गया है।

नकल कराने वाले विद्यालयों की मान्यता रद होगी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नकल माफिया पर नकेल कसने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने चेताया है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र में यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर बार-बार दिये जा रहे दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है और वहां नकल हो रही है, तो उस विद्यालय की मान्यता रद की जाएगी। किसी भी परीक्षा केंद्र के प्रबंधक, प्रधानाचार्य या कक्ष निरीक्षक यदि नकल कराने में शामिल पाये गए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही होगी। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के सिलसिले में वह बुधवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दे रहे थे। नकल की शिकायतें मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने मैनपुरी, हरदोई, अलीगढ़, कौशांबी और बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षकों और संबंधित संयुक्त निदेशकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा केंद्र को डिबार करने या वहां दोबारा परीक्षा कराने की सिफारिश की जाए तो उस केंद्र के बारे में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव और सभापति को तत्काल जानकारी दी जाए। सभी अधिकारी बिना किसी पूर्वाग्रह के निषपक्ष तरीके से नकलविहीन परीक्षा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नकल पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण करने की हिदायत दी। जिन परीक्षा केंद्रों की ख्याति अच्छी नहीं है, उन पर खास ध्यान देने के लिए कहा।

मानव व गृहविज्ञान में 71 पकड़े गए1यूपी बोर्ड परीक्षा में बुधवार को हाईस्कूल में गृह विज्ञान व इंटर सुबह की पाली में मानव विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा रही। शाम को इंटर में अधिकोषण तत्व प्रथम प्रश्नपत्र का इम्तिहान हुआ। इसमें हाईस्कूल में 10 बालक, आठ बालिकाएं और इंटर में 44 बालक व नौ बालिकाओं समेत कुल 71 नकल करते पकड़ी गई हैं। बोर्ड परीक्षा में अब तक पकड़े गए परीक्षार्थियों की संख्या बढ़कर 1490 हो गई है।

इलाहाबाद, प्रतापगढ़ व कौशांबी में हर दिन गढ़े जा रहे नकल के कीर्तिमान , प्रशासनिक अफसरों ने पूरी तरह से मुंह मोड़ा

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : ‘चिराग तले अंधेरा’ वाली कहावत इन दिनों संगम शहर में चरितार्थ हो रही है। यूपी बोर्ड मुख्यालय वाले और आसपास के जिलों में जमकर नकल हो रही है। नकल माफिया को बड़े अफसरों का जरा भी खौफ नहीं है। इसीलिए प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने इस ओर से पूरी तरह से मुंह मोड़ लिया है।1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड परीक्षाओं की मॉनीटरिंग करने वाले जिले में ही नकल माफिया का काकस हावी है। यही वजह है कि अब तक नौ परीक्षा केंद्रों पर एक पाली का इम्तिहान निरस्त हो चुका है, दर्जनों स्कूलों को नोटिस जारी हुई है। शिक्षा विभाग के अफसरों ने यह सब कार्रवाई तब की है, जब नकल की आम जनता में चर्चा हो गई। चेहरा बचाने के लिए छिटपुट स्कूलों को निशाना बनाया गया है। इलाहाबाद के बामपुर विद्यालय में जिस तरह से बाहरी लोग परीक्षार्थियों को नकल करा रहे थे उससे अलीगढ़ और बिहार बोर्ड की परीक्षाएं पीछे छूट गईं। नकल का आलम यह है कि सामान्य प्रश्नपत्रों मसलन हंिदूी, गृहविज्ञान जैसे विषयों में भी बड़ी संख्या परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़े गए है, जबकि पकड़े गए अभ्यर्थियों की तादाद काफी कम है नकल का लाभ लेने वालों की संख्या बहुतायत में है। यह जिला शिक्षा निदेशक माध्यमिक अमरनाथ वर्मा का गृह क्षेत्र है, नकल पर अंकुश न लगने से उनकी साख गिर रही है। 1प्रतापगढ़ में प्रश्नपत्र आउट होना और बोलकर नकल कराया जाना आम बात हो गई है। उस जिले में कई ऐसे भी कालेज हैं, जहां शिक्षा विभाग के अफसर छोड़िए प्रशासनिक अधिकारी तक जाने में कतराते हैं इससे वहां परीक्षार्थी पूरी मौज में है। 1परीक्षा केंद्रों के आसपास सुबह से शाम तक इतनी भीड़ लग रही है कि मानों वहां कोई मेला लगा है। यही हाल कौशांबी जिले का भी है। पहले मनचाहे स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनवाया गया और अब मन मुताबिक अपनों की नैया पार लगाने को सब जुटे हैं।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए शासन की पहल अफसरों की परेशानी का सबब बना है। पूरे दिन वाट्सएप नंबर पर मैसेज और कॉल आ रहे हैं। हर तरफ से एक ही शिकायत है कि फलां विद्यालय में जमकर नकल हो रही है। शिकायत करने वाला यह भी बताता है कि जिन परीक्षार्थियों से पैसा लिया गया है उन्हें बोलकर प्रश्नपत्र हल कराया जा रहा है। बोर्ड मुख्यालय दिन भर अलग-अलग जिलों को फोन करके फलां-फलां विद्यालय की जांच करने का निर्देश दे रहा है। यह जरूर है कि अफसरों को अब लगने लगा है कि आखिर जमीनी हकीकत क्या है। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में वाट्सएप पर पेपर आउट होने व सामूहिक नकल की सूचनाओं को नकारने पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बोर्ड प्रशासन से वाट्सएप नंबर जारी करके जनशिकायतें सुनने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में बोर्ड के अपर सचिव प्रशासन का सीयूजी नंबर पर वाट्सएप चलाया जा रहा है। इसमें सुबह होते ही ‘हलो सर यूपी बोर्ड से बोल रहे हैं, सर हमारे घर के पास जो स्कूल है, वहां खूब नकल हो रही है, जिन बच्चों ने पैसे दिए हैं, उनको बोल कर पेपर हल कराया जा रहा है’ जैसी शिकायतें मिलना शुरू हो जाती हैं और यह सिलसिला शाम तक जारी कर रहता है। 1आम लोग बोर्ड परीक्षा के दौरान स्कूलों में चल रही नकल की जमकर शिकायतें कर रहे है। इन मामलों को मुख्यालय पर दर्ज करने के बाद उस जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को बोर्ड की ओर से सूचना दी जा रही है, ताकि उस केंद्र की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सके और नकल पर अंकुश लगे। 1बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए वैसे तो कई इंतजाम किए गए है, लेकिन पहली बार शासन के निर्देश पर बोर्ड नकल रोकने के लिए सीधे जनशिकायतें सुन रहा है। कुछ दिन पहले बोर्ड की ओर से जारी किए वाट्सएप नंबर पर आम जनता परीक्षा केंद्रों में हो रही नकल की जानकारी दी जा रही है। बोर्ड मुख्यालय में वाट्सएप नंबर का संचालन करने वाले अपर सचिव प्रशासन शिवलाल ने बताया कि सुबह की पाली के समय से ही वाट्सएप नंबर पर कॉल आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो दूसरी पाली की परीक्षा के समाप्त होने तक लगातार आ रहा है।

पाठ्यक्रम बदलाव का अनुमोदन नहीं,बेसिक शिक्षा की कुछ पुस्तकों को किया गया है रिवाइज्ड

पाठ्यक्रम बदलाव का अनुमोदन नहीं,बेसिक शिक्षा की कुछ पुस्तकों को किया गया है रिवाइज्ड

बेसिक शिक्षा की कुछ पुस्तकों को रिवाइज्ड किया गया है। राज्य शिक्षा संस्थान ने पिछले दिनों लंबे समय तक कार्यशाला चलाकर पाठ्य पुस्तकों में बदलाव करने का खाका खींचा। यह बदलाव इसलिए हुआ ताकि बच्चों को पढ़ने में आसानी हो और लिपि के बजाय चित्र अधिक हों। राज्य शिक्षा संस्थान ने इस संबंध में प्रस्ताव परिषद को भेजा है। उसका अनुमोदन अभी नहीं हुआ है। इसके बाद ही किताबों का प्रकाशन होगा।1

बेसिक शिक्षा निदेशक का पद खाली

बेसिक शिक्षा निदेशक का पद खाली

बेसिक शिक्षा के निदेशक का पद इस समय खाली चल रहा है। बीते 28 फरवरी को दिनेश बाबू शर्मा इस पद से रिटायर हो गए। उस समय नियमानुसार वरिष्ठ अपर शिक्षा निदेशक को इसका अतिरिक्त दायित्व दिया जाना चाहिए था। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा का नाम सबसे ऊपर था, लेकिन मनमाने तरीके से बेसिक शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने यह अतिरिक्त कार्यभार ले रखा है। इससे विभाग पूरी तरह से ठप हो गया है।

BASIC SCHOOL : प्राथमिक स्कूलों में सत्र की तैयारियां अधूरी

प्राथमिक स्कूलों में सत्र की तैयारियां अधूरी

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी नए शैक्षिक सत्र को लेकर कोई तैयारी नहीं है। इस बार शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश तक नहीं मिले हैं, पिछले कुछ वर्षो से एक अप्रैल को सत्र शुरू होता आ रहा है। उसी लिहाज से इस बार भी खानापूरी हो जाएगी। नए सत्र के लिए विभागीय तैयारियां सिफर हैं। किताब, ड्रेस पर विचार तक नहीं हुआ है। सूबे की पूर्ववर्ती सरकार ने माध्यमिक के साथ प्राथमिक विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से लागू किया था। पिछले साल सत्र शुरू होने से पहले ही बेसिक शिक्षा सचिव ने शैक्षिक कैलेंडर जारी किया था और किताबों का समय पर इंतजाम करने की हिदायत दे दी गई थी। इस बार अब तक शैक्षिक कैलेंडर का अता-पता नहीं है और न ही किताबों के प्रकाशन की दिशा में ही कदम बढ़ाए गए हैं। यह जरूर है कि पिछले सत्र में बांटे जाने वाले स्कूल बैग और मिडडे-मील के बर्तन अब स्कूलों को पहुंच रहे हैं, उनको वितरित करने की खानापूरी चल रही है। ड्रेस को लेकर अफसरों में ऊहापोह है। पिछले सत्र में अक्टूबर-नवंबर में किताबों का वितरण जैसे तैसे हो पाया था। नया सत्र शुरू करते समय कुछ पुरानी किताबें छात्र-छात्रओं को वितरित की गई थी। शिक्षक इस बार अपने मन से उसी का अनुकरण करते हुए उत्तीर्ण होने वाले बच्चों की किताबें जमा करने का आदेश दे रहे हैं। 1लचर कार्यशैली की स्थिति यह है कि रायबरेली आदि जिलों में 28 व 29 मार्च की शाम तक अंक पत्र छपकर स्कूलों में पहुंचे हैं, उनका वितरण 30 मार्च को करने के निर्देश हैं। अंक पत्र मिलने में देर होने के कारण शिक्षक किसी तरह से 31 मार्च तक अंक पत्र बांट पाएंगे। यही नहीं स्कूलों में नया सत्र शुरू करने के लिए कोई निर्देश विभागीय अफसरों की ओर से नहीं पहुंचा है कि स्कूलों में साज-सज्जा व रंगोली आदि बनाई जाएंगी या फिर जनप्रतिनिधियों को बुलाकर कार्यक्रम होंगे या नहीं। 

PHD : पीएचडी प्रवेश परीक्षा को विवि की मंजूरी

पीएचडी प्रवेश परीक्षा को विवि की मंजूरी

जागरण संवाददाता, कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने पीएचडी के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को पीएचडी में दाखिला दिया जाएगा। बुधवार को हुई बैठक के दौरान पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किए गए मसौदे पर मुहर लगा दी गई। रिसर्च मैथोलॉजी व मूल विषय इन दो विषयों को प्रवेश परीक्षा में शामिल किया गया है। पीएचडी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को छह माह के फाउंडेशन कोर्स से गुजरना होगा। अब पीएचडी अध्यादेश को राजभवन भेजा जाएगा।1छह माह के फाउंडेशन कोर्स में भी इस बार कई बदलाव किए गए हैं। इस कोर्स में छात्रों को रिसर्च मैथोलॉजी के अलावा लिए गए विषय की एडवांस स्टडी करनी होगी। इस पढ़ाई के दौरान उसे विषयों में कुछ नया तलाशना होगा। वहीं पीएचडी पूरी करने के लिए 24 माह के समय को बढ़ाकर 36 माह कर दिया गया है। अब छात्र कम से कम तीन वर्ष में अपनी पीएचडी पूरी कर सकेंगे।

दो अनुमोदित शिक्षक होने पर बनाए जाएंगे सुपरवाइजर : इंफ्रास्ट्रक्चर व सुपरवाइजर न होने पर कालेज को अध्ययन केंद्र नहीं बनाया जाएगा जबकि किसी कालेज में पीएचडी संबंधित विषय का एक अनुमोदित शिक्षक होगा तो उसे सुपरवाइजर नहीं बनाया जाएगा। विभाग में कम से कम दो योग्य शिक्षक होने की अनिवार्यता रखी गई है। पीएचडी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए छात्रों की थीसिस का मूल्यांकन के लिए तीन परीक्षकों को शामिल किया जाएगा। वहीं पीएचडी में विषयों की संख्या बढ़ाए जाने पर भी समिति ने अपनी सहमति दे दी।

तीन नए कोर्स होंगे शुरू : विश्वविद्यालय कैंपस में सत्र 2017-18 में एमएससी मैथ्स व एमएससी इंडस्टियल केमिस्ट्री के दो नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा पहली बार एलएलएम की पढ़ाई भी छात्र विश्वविद्यालय कैंपस में कर सकेंगे। अभी तक एलएलएम की पढ़ाई विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी भी कालेज में नहीं थी।

जागरण संवाददाता, कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने पीएचडी के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को पीएचडी में दाखिला दिया जाएगा। 

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