ग्रेडिंग केस : बीटीसी 2012-13 बैच की नियुक्ति पर निर्णय ले सरकार,

February 07, 2018

बीटीसी 2012-13 बैच की नियुक्ति पर निर्णय ले सरकार

इलाहाबाद : हाईकोर्ट ने बीटीसी बैच 2012 और 2013 के अभ्यर्थियों की 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति करने की राज्य सरकार को छूट दे दी है मगर भर्ती करने से पूर्व सरकार को 2013 बैच के अभ्यर्थियों को मिले ग्रेड पर क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स तय करने के लिए नियम बनाने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती के लिए नौ नवंबर 2017 को बना नियम इससे पहले से जारी भर्ती प्रक्रिया पर लागू नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि अब सरकार को निर्णय लेना है कि वह भर्ती प्रक्रिया 15 दिसंबर 2016 के शासनादेश पर जारी रखना चाहती है अथवा नहीं। यदि भर्ती जारी रखनी है तो पहले नियम बनाने होंगे।

कोर्ट ने एकलपीठ द्वारा नियम 9(ख) को रद्द करने के आदेश को भी खारिज कर दिया है। नियम  9(ख) से प्रदेश सरकार ने दोनों बैचों के बीच क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स के बंटवारे की व्यवस्था की थी। कुलदीप सिंह, सुनील द्विवेदी और अर्चना वर्मा की अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने दिया। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, अनूप त्रिवेदी, विभू राय आदि ने पक्ष रखा।

अपील दाखिल कर कहा गया कि बीटीसी बैच 2012 के परिणाम में अंक के आधार पर फर्स्ट, सेकें ड और थर्ड डिविजन दिए गए थे। जबकि 2013 बैच में डिविजन के बजाए ग्रेडिंग कर दी गई। अभ्यर्थियों को ए, बी और सी ग्रेड दिए गए। 12460 सहायक अध्यापक भर्ती में चयन क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स पर होना था। इसके लिए हर डिविजन को अलग-अलग अंक दिए गए। मगर 2013 बैच के अभ्यर्थियों को कोई अंक नहीं दिया क्योंकि ग्रेड में अंकों की व्यवस्था नहीं थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने नियम  9(ख) बनाकर दोनों बैच को अंकों के आधार पर क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स देने का निर्णय लिया। इसे एकल न्यायपीठ ने यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि 2013 बैच के अभ्यर्थियों को क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स देने के लिए कोई आधार नहीं तय किया गया है।

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