परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के कड़े निर्देश

May 25, 2018

परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के कड़े निर्देश

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रश्नपत्र खोलने की वीडियोग्राफी व परीक्षा सीसीटीवी कैमरे के सामने कराई जाए। बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने गुरुवार शाम को मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तमाम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मंडल मुख्यालयों पर बनाए गए 248 परीक्षा केंद्रों पर जिन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगे वह तत्परता से कार्य करें, उत्तर पुस्तिका की प्रविष्टियां जांचकर ही उस पर हस्ताक्षर करें। इससे परीक्षार्थियों को भी सहूलियत मिलेगी। केंद्र पर मोबाइल व इलेक्ट्रानिक डिवाइस किसी दशा में किसी को भी ले जाने की अनुमति नहीं है। इसका कड़ाई से पालन करें। साथ ही हर केंद्र पर अनिवार्य रूप से स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया जाएगा।

डाउनलोड करने की वेबसाइट खोलने में परेशानी

शिक्षक भर्ती के लिए प्रवेशपत्र वेबसाइट पर अपलोड हो गए हैं। अपरान्ह से उसे डाउनलोड किया जाना था लेकिन, अधिकांश जिलों में वेबसाइट खुल नहीं पा रही है। इसकी वजह एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का वेबसाइट हिट करना है। असल में शासन ने निर्देश दिया है कि दूसरे चरण के दावेदार ही नहीं, बल्कि सभी अभ्यर्थियों को नया प्रवेशपत्र डाउनलोड करना है। ऐसे में सवा लाख से अधिक परीक्षार्थी प्रवेशपत्र पाने को जूझ रहे हैं। सचिव का कहना है कि इसमें जल्दबाजी न करें, सभी को परीक्षा के पहले आसानी से प्रवेशपत्र मिलेंगे।

लिखित परीक्षा पर आज किया जा सकता है फैसला

सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर दो याचिकाएं पहले से लंबित हैं, गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिखित परीक्षा के औचित्य को लेकर एक नई याचिका दाखिल हुई है। इस पर मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले की खंडपीठ शुक्रवार को सुनवाई करेगी। इसमें कहा गया है कि एनसीटीई गाइड लाइन के विपरीत प्रदेश सरकार एलिजिबिलिटी टेस्ट दोबारा करा रही है। इसके अलावा परीक्षा में उर्दू विषय को शामिल न करने को लेकर पहले से याचिका लंबित है। दोनों पर शुक्रवार को निर्णय हो सकता है। साथ ही इस फैसले से परीक्षा का भविष्य भी तय होगा।

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »