लखनऊ: हजारों बीपीएड डिग्रीधारी बेरोजगारों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का किया घेराव 🎯अनुदेशक भर्ती 32022 पर से रोक हटाने व जल्द काउंसलिंग कराने की कर रहे थे मांग। 🎯बेसिक शिक्षा मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया जून या जुलाई में शुरू कराने का दिया आश्वासन।

June 05, 2018

हजारों बीपीएड डिग्रीधारी बेरोजगारों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का किया घेराव
🎯अनुदेशक भर्ती 32022 पर से रोक हटाने व जल्द काउंसलिंग कराने की कर रहे थे मांग।
🎯बेसिक शिक्षा मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया जून या जुलाई में शुरू कराने का दिया आश्वासन।
💳💳💳💳युवा गौरव । संवाददाता💳💳💳💳💳
लखनऊ। शारीरिक शिक्षक व खेल अनुदेशक भर्ती 32022 पर लगी रोक हटाने व जल्द काउंसलिंग कराने की मांग को लेकर प्रदेश के हजारों बीपीएड डिग्रीधारी बेरोजगारों ने बीपीएड संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव की अगुवाई में सोमवार 4 जून को लखनऊ के दिलकुशा कॉलोनी में बने बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के आवास का घेराव किया। बीपीएड डिग्री धारकों ने राजधानी में जमकर प्रदर्शन किया और शासन से तत्काल भर्ती पर लगी रोक को हटाकर काउंसलिंग कराने की माँग की। बीपीएड डिग्रीधारकों ने बताया कि राजनीतिक द्वेष के चलते सत्ता में आयी योगी सरकार ने अनुदेशक भर्ती को समीक्षा के नाम पर 23 मार्च 2017 को रोक दिया। बीपीएड डिग्री धारकों ने अनुदेशक भर्ती से रोक हटाने को लेकर कई बार लखनऊ और मुख्यमन्त्री कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री से भर्ती प्रक्रिया को शुरू कराने की माँग की। वहीं संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, प्रदेश महासचिव आकाश समेत 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एवम् बेसिक शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों के मध्य वार्ता सफल रही और शीघ्र भर्ती प्रक्रिया जून या जुलाई तक शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। बेसिक शिक्षा मंत्री यह भी कहने से पीछे नहीं रहीं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट नहीं जा रही है। भर्ती को रोके रहने के कारण बीपीएड डिग्रीधारक उग्र हो गए और बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर डाला। जिससे प्रशासन के हाँथ पाँव फूल गये और प्रदर्शन समाप्त होने तक पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मचा रहा। बीती 12 अप्रैल 2018 को माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 28 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश भी सरकार को दिया जा चुका है लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी भर्ती प्रकिया नहीं शुरू की जा रही है। जिसके चलते बीपीएड धारकों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव का कहना है कि हम सभी बीपीएड डिग्री धारकों के सामने अब करो या मरो की स्थिति आ गयी है।

       बताते चलें कि 19 सितंबर 2016 को शासनादेश जारी हुआ था। उसके बाद 20 अक्टूबर 2016 से आवेदन मांगे गए। जिसमें भर्ती के लिए एक लाख 54 हजार 216 ने बीपीएड डिग्री धारियों ने आवेदन कर रखा है। वहीं 17 मार्च 2017 को काउंसलिंग की समय सारणी जारी की गयी थी। पहली काउंसलिंग 4 अप्रैल 2017 को प्रस्तावित थी। लेकिन सत्ता परिवर्तन के पश्चात सत्ता में आयी योगी सरकार 23 मार्च 2017 को समीक्षा के नाम पर अनुदेशक भर्ती पर रोक रोक दी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद की सिंगल बेंच द्वारा 3 नवंबर 2017 को 2 महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश सरकार को दिया गया। लेकिन भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की गयी। वहीं फिर अवमानना वाद के तहत उच्च न्यायालय ने 5 फरवरी 2018 को 28 दिनों के भीतर पुनः प्रदेश सरकार को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिये थे। भर्ती शुरू न होने से आक्रोशित बीपीएड धारकों ने 27 मार्च 2018 को भाजपा कार्यालय का घेराव कर दिया जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई सकारात्मक वार्ता के पश्चात समाधान के लिए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह को कड़े निर्देश दिए थे। जिसके तहत 4 अप्रैल 2018 को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के सभी आला अधिकारियों समेत बीपीएड़ संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के मध्य वार्ता के दौरान सहमत बनी थी कि भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करा दिया जायेगा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद की डबल बेंच में 12 अप्रैल 2018 को सरकार की अपील खारिज हो गयी। उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को 2 महीने में भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आदेश भी दिया गया। लेकिन अब तक भर्ती की काउंसिलिंग का मुहूर्त तक तय नहीं हो पा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद तथा शारीरिक शिक्षा के अंशकालिक 32022 अनुदेशकों की संविदा पर नियुक्ति शुरू होने पर सभी की निगाहें टिकी हुईं हैं।

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