लखनऊ: अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण को लेकर शिक्षक संगठनों में उबाल 🎯अंतर जिला तबादले के लिए अर्ह करीब 62 फीसदी शिक्षकों को होना पड़ा निराश। 🎯बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र कुमार यादव ने कहा है कि बीच में नये तबादला नियम बनने के कारण फिर 8-9 साल से दूसरे जनपदों  में कार्यरत शिक्षकों का तबादला नहीं हो पाया है। करीब दो दर्जन जनपदों के शिक्षको को अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में सम्मिलित न किया जाना असंवैधानिक है।

June 15, 2018






अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण को लेकर शिक्षक संगठनों में उबाल
🎯अंतर जिला तबादले के लिए अर्ह करीब 62 फीसदी शिक्षकों को होना पड़ा निराश।
🎯बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र कुमार यादव ने कहा है कि बीच में नये तबादला नियम बनने के कारण फिर 8-9 साल से दूसरे जनपदों  में कार्यरत शिक्षकों का तबादला नहीं हो पाया है। करीब दो दर्जन जनपदों के शिक्षको को अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में सम्मिलित न किया जाना असंवैधानिक है।
   

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 11963 अंतर जनपदीय स्थानांतरण ऑनलाइन जारी किये गए है। अंतर जनपदीय तबादले के लिये करीब 37 हजार शिक्षकों ने आवेदन किये थे जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के बीएसए ने आवेदन पश्चात सत्यापन किया जिसमें तबादले के 31,513 शिक्षकों के आवेदन पत्र सही पाए गए थे। जिसमें से 11963 शिक्षकों को मनचाहा ट्रांसफर मिला है। आवेदन करने वालों में प्राथमिक विद्यालयों के 8918 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 3045 शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ है, जबकि करीब 62 फीसदी शिक्षकों को निराश होना पड़ा। असल में बेसिक शिक्षा विभाग ने 5 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों और 20 जिलों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ट्रांसफर नहीं किए हैं। जिसमें हवाला दिया गया है कि इन जिलों में पहले ही शिक्षकों के 15 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश में चिन्हित 8 एस्पिरेशनल जनपदों से भी शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया। हालांकि जिन टीचर्स ने इन जनपदों में आने के लिए आवेदन किया था, उनका ट्रांसफर किया गया है। जिसको लेकर शिक्षक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं अंतर जिला तबादला न होने से मायूस शिक्षक ट्रान्सफर पॉलिसी के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
     बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने  जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि स्थातनान्तरित अध्याापक 28 जून 2018 तक वर्तमान जनपद से कार्यमुक्त होकर स्थानान्तारित जनपद में मुख्यालय पर कार्यभार ग्रहण कर लें। निर्धारित समयावधि के भीतर कार्यभार ग्रहण न करने वाले अध्यापकों का स्थाानान्तरण स्वतः निरस्त हो जायेगा जिस पर कोई विचार किया जाना संभव नहीं होगा। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने अपने जनपद में कार्यभार ग्रहण करने वाले एवं उस जनपद से कार्यमुक्त होने वाले अध्यापक/अध्यापिकाओं की सूची परिषद कार्यालय को 10 जुलाई 2018 तक प्रत्येक दशा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। वहीं जनपदों के वित्त एवं लेखाधिकारी को भी निर्देश दिए गये हैं कि स्थानान्तरित अध्यापकों का डिलीशन दिनांक 07 जुलाई 2018 तक प्रत्येक दशा में सम्बन्धित जनपदों को उपलब्ध करा दें।
      अंतर जनपदीय तबादले को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ब्रह्स्पतिवार 14 जून को शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेन्दु विक्रम बहादुर सिंह से मिलकर बताया कि कल 13 जून को जारी हुये शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में कुछ जनपदों से शिक्षको का स्थानांतरण नहीं किया किया गया। तबादले रोके गए जनपदों से भी जो शिक्षक मानक के अनुसार स्थानातरण के लिए अर्ह हो , उनका स्थानांतरण हर हाल में किया जाये। प्रान्तीय अध्यक्ष श्री शर्मा ने ही अवगत कराया की जब शिक्षको से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण हेतु ऑन लाइन आवेदन मांगे गए थे तो इस तरह के कोई प्राविधान नहीं किये गए थे। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रतिनिधि मंडल में प्रान्तीय महामंत्री संजय सिंह, माण्डलिक मंत्री बृजेश कुमार पाण्डेय, प्रान्तीय कोषाध्यक्ष शिव शंकर पांडेय आदि उपस्थित रहे।


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