सामान्य, ओबीसी 45 व एससी-एसटी 40 फीसद अंक पाकर होंगे उत्तीर्ण परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 68500 शिक्षक भर्ती में बदला गया उत्तीर्ण प्रतिशत शिक्षामित्रों व अन्य अभ्यर्थियों को सरकार से मिली राहत हाईकोर्ट से खारिज सामान्य, ओबीसी के लिए 33 व एससी-एसटी को 30 फीसद अंकों का था प्रावधान

August 10, 2018
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सामान्य, ओबीसी 45 व एससी-एसटी 40 फीसद अंक पाकर होंगे उत्तीर्ण

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 68500 शिक्षक भर्ती में बदला गया उत्तीर्ण प्रतिशत

शिक्षामित्रों व अन्य अभ्यर्थियों को सरकार से मिली राहत हाईकोर्ट से खारिज

सामान्य, ओबीसी के लिए 33 व एससी-एसटी को 30 फीसद अंकों का था प्रावधान

एक सप्ताह में आएगा रिजल्ट: परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डॉ. सुत्ता सिंह ने बताया कि शासन का आदेश मिलते ही तय अंकों के अनुरूप रिजल्ट बन रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच भी कराई गई है। एक सप्ताह के भीतर रिजल्ट घोषित करने की तैयारी है। 1

फिर संशोधन

21 मई को हुआ बदलाव : लिखित परीक्षा को पास करने के लिए अंकों में बदलाव करने के बारे में दूसरा शासनादेश 21 मई को जारी किया गया। इसके तहत सामान्य व पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी 49/150 यानि 33 फीसद और अनुसूचित जाति व जनजाति के अभ्यर्थी 45/150 यानि 30 फीसद या उससे अधिक अंक पाकर उत्तीर्ण हो सकेंगे।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए बीती 27 मई को आयोजित लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य व पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अब 45 फीसद यानि 67 अंक और अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को 40 फीसद यानि 60 अंक पाना जरूरी होगा। शासन ने बेसिक शिक्षकों की लिखित परीक्षा पास करने के लिए विभिन्न वर्गो के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक प्रतिशत में हाईकोर्ट के निर्देश पर फिर बदलाव करते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। लिखित परीक्षा का परिणाम इसी के अनुरूप बनना शुरू हो गया है।

योगी सरकार ने इम्तिहान के चंद दिन पहले शिक्षामित्रों व अन्य अभ्यर्थियों को राहत देते हुए सामान्य व पिछड़ा वर्ग को 33 फीसद और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी 30 फीसद अंक पाकर परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रावधान किया था। परीक्षा के ऐन मौके पर हुए बदलाव को हाईकोर्ट ने नहीं माना, ऐसे में उत्तीर्ण प्रतिशत अंकों का पुराना शासनादेश फिर बहाल हो गया है।

आवेदन बाद अंक बदलने को चुनौती : अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के उत्तीर्ण प्रतिशत अंक बदलने को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनका कहना था कि भर्ती के नियमों के अनुरूप आवेदन हुए। परीक्षा के पांच दिन पहले एकाएक उत्तीर्ण प्रतिशत के अंकों में बदलाव करना गलत है।

हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को जारी आदेश में 21 मई के शासनादेश को खारिज कर दिया। साथ ही सरकार से इस संबंध में हलफनामा देने को कहा। 31 जुलाई को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने भर्ती का परिणाम जारी करने के संबंध में शासन से मार्गदर्शन मांगा। शासन के विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने अब नौ जनवरी के उत्तीर्ण प्रतिशत को बहाल करने और परीक्षा नियामक सचिव को हाईकोर्ट में हलफनामा देने का आदेश दिया है। संबंधित पेज06।

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